लग्जरी कारों के फीचर्स से हो सकती है मौत, एक्सीडेंट के दौरान खुद को ऐसे बचाएं
लग्जरी कारों में सबसे ज्यादा सुरक्षा फीचर्स होते हैं जिनके बारे में कहा जाता है कि ये एक्सीडेंट के दौरान होने वाली हैं। लेकिन ये सुरक्षा फीचर्स आपकी जान के लिए खतरा भी पैदा कर सकते हैं।
कुछ दिनों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जहां लग्जरी कारों के सुरक्षा फीचर्स ने एक्सीडेंट के दौरान ड्राइवर्स को नुकसान पहुंचाया है। इन्हीं दुर्घटनाओं में से एक मामला अनुज शेरावत ने शेयर किया है। जो एक्शन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट (ACE) कंपनी में एक सीनियर मैनेजर के तौर पर काम करते हैं। वह 31 जनवरी को जब वे नोएडा के सेक्टर 168 में स्थित अपने घर वापस जा रहे थे। तब वह मर्सिडीज कार से एक दुर्घटना का शिकार हो गए।

दुर्घटना एल्डेको चौराहे के पास हुई, जिसमें पीड़ित अपनी कार से नियंत्रण खो बैठे और कार एक डिवाइडर और एक पेड़ से टकरा गई। मध्य नोएडा के एडिशनल पुलिस कॉमिशनर(एडीसीपी) विशाल पांडे ने कहा कि टक्कर के कुछ ही देर बाद कार में आग लग गई। वाहन के दरवाजे ऑटोमैटकि बंद हो गए। जिससे पीड़ित बाहर नहीं निकल सका और उसकी जान चली गई।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि पीड़िता ने करीब पंद्रह मिनट तक कार से निकलने की कोशिश की और इसके बाद उसने दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार, आग बुझने के बाद शव को निकालने में एक घंटे से अधिक का समय लगा।मर्सिडीज बेंज जैसी प्रीमियम कारों में आग लगने की ऐसी घटनाएं हैरान करने वाली हैं। जानकारों का कहना है कि ऐसी कारें कई बेहतरीन सेफ्टी फीचर्स से लैस होती हैं, हालांकि इन्हें बनाने में प्लास्टिक, फोम, बिजली के तार और कपड़े का इस्तेमाल होता है।

विशेषज्ञों ने कहा कि सामने से टक्कर के बाद ईंधन के रिसाव की संभावना हमेशा बनी रहती है और अत्यधिक गर्मी के कारण इंजन या बैटरी में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने सलाह दी कि ऐसी स्थिति में खुद को बचाने के लिए हमेशा वाहन के अंदर एक नुकीली चीज रखनी चाहिए।
नुकीली चीज का इस्तेमाल कार के शीशे तोड़ने और अगर कोई अंदर फंसा हो तो बच निकलने के लिए किया जा सकता है। एडीसीपी द्विवेदी ने आईएएनएस को बताया कि इस तरह के हादसों के पीछे तेज स्पीड और नशे में वाहन चलाना दो प्रमुख कारण हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि केवल सुरक्षा फीचर्स वाली कार होना ही आपकी जान बचाने के लिए पर्याप्त नहीं है। द्विवेदी ने कहा कि कार चाहे लग्जरी हो या सामान्य, अगर वाहन को तय सीमा से ज्यादा स्पीड पर चलाया जा रहा है तो उसमें लगे सेफ्टी फीचर्स ज्यादा काम नहीं आएंगे ।
विशेषज्ञों ने कहा कि अक्सर यह देखा जाता है कि मालिक अपनी कारों को अधिकृत डीलरों से सर्विस करवाने के बजाय स्थानीय मैकेनिक से ठीक करवाते हैं। इसके साथ ही, स्थानीय मैकेनिक की ओर से छोटी-छोटी गलतियाँ ऐसे वाहनों में आग लगने का कारण बन जाती हैं।
विशेषज्ञों ने कहा कि कई बार तापमान बढ़ने के कारण वाहनों में छोटे तार आपस में चिपक जाते हैं और वाहन की सर्विसिंग के दौरान इस तरह की पेचीदगियों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। विशेषज्ञों ने सलाह दी कि लग्जरी वाहनों की जांच अधिकृत डीलरों या शोरूम से कराना चाहिए।


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