ऑफरोडिंग में दिक्कत आती है, तो ऐसे बढ़ेगा गाड़ी का Groud Clearance; जानिए लीगल तरीका
ग्राउंड क्लियरेंस कार के चेसिस और जमीन के बीच की दूरी होती है। भारतीय सड़कों पर गड्ढे, स्पीड ब्रेकर और खराब रास्तों के कारण कम क्लियरेंस वाली कारें अक्सर नीचे से टकरा जाती हैं। इससे सस्पेंशन, एग्जॉस्ट पाइप या ऑयल पैन को नुकसान पहुंचता है।
सेडान कारों की क्लियरेंस आमतौर पर 130-170 mm होती है, जबकि SUV में 200 mm से अधिक होता। अगर आपकी कार का ग्राउंड क्लियरेंस कम है, तो इसे बढ़ाना संभव है, लेकिन गलत तरीके से बदलाव करने पर हैंडलिंग, सेफ्टी और वारंटी प्रभावित हो सकती है। आइए, Groud Clearance बढ़ाने का लीगल प्रोसेस जानते हैं...

बड़े साइज के टायर और व्हील लगाएं
ये सबसे आसान और किफायती तरीका है। उदाहरण के लिए, 14 इंच रिम की जगह 15 या 16 इंच रिम के साथ हाई प्रोफाइल टायर (जैसे 195/65 R15 की जगह 205/70 R15) लगाएं। इससे 10-20 mm क्लियरेंस बढ़ सकती है।
फायदे हैं कि कोई मैकेनिकल बदलाव नहीं करना पड़ता और पार्ट्स आसानी से मिल जाते हैं। लेकिन स्पीडोमीटर रीडिंग गलत हो सकती है और फ्यूल एफिशिएंसी थोड़ी कम हो सकती है। सावधानी रखें कि टायर का कुल डायमीटर 3% से ज्यादा न बढ़े, वरना व्हील आर्च में रगड़ सकता है।
सस्पेंशन स्पेसर या लिफ्ट किट इंस्टॉल करें
स्पेसर कॉइल स्प्रिंग्स के ऊपर या नीचे फिट किए जाते हैं, जो कार को 25-75 mm (1-3 इंच) तक ऊंचा उठाते हैं। लिफ्ट किट में नए शॉक एब्जॉर्बर, स्प्रिंग्स और बुशिंग्स शामिल होते हैं। प्रक्रिया में कार को जैक से उठाना, पुरानी स्प्रिंग्स निकालना, स्पेसर लगाना और फिर असेंबल करना पड़ता है।
ये काम प्रोफेशनल मैकेनिक से करवाएं। लागत स्पेसर के लिए ₹2,000-5,000 और पूरी किट के लिए ₹20,000-50,000 तक हो सकती है। ये स्थायी समाधान है और ऑफ-रोडिंग के लिए अच्छा है, लेकिन सेंटर ऑफ ग्रेविटी ऊंचा होने से कॉर्नरिंग में दिक्कत हो सकती है।
कॉइल स्प्रिंग्स या लीफ स्प्रिंग्स बदलें
पुरानी स्प्रिंग्स को सख्त और लंबी आफ्टरमार्केट स्प्रिंग्स से बदल सकते हैं। इससे 1-2 इंच लिफ्ट मिलती है। फ्रंट और रियर सस्पेंशन खोलकर नई स्प्रिंग्स फिट करें और व्हील एलाइनमेंट करवाएं। लागत ₹10,000-30,000 तक हो सकती है। फायदा यह है कि हैंडलिंग बेहतर रहती है।
शॉक एब्जॉर्बर अपग्रेड करें
लंबे ट्रैवल वाले शॉक एब्जॉर्बर (जैसे Bilstein या Rancho) लगाएं। ये सस्पेंशन को ज्यादा मूवमेंट देते हैं और ऊंचाई बढ़ाते हैं। इन्हें हमेशा मैचिंग स्प्रिंग्स के साथ यूज करें। इन आसान तरीकों से 20-100 mm तक क्लियरेंस बढ़ाया जा सकता है।
जरूरी बात: भारत में RTO नियमों के अनुसार बिना अप्रूवल के गाड़ी का ग्राउंड क्लियरेंस बदलना इलीगल है। RC में बदलाव दर्ज करवाएं, वरना चालान या इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। ऊंचाई बढ़ने से रोलओवर रिस्क बढ़ता है, इसलिए ब्रेक, सस्पेंशन और एलाइनमेंट चेक करवाते रहें।


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