कार इंश्योरेंस पॉलिसी रिन्यू कराने से पहले जान लें 7 जरुरी बातें
इस समय बाजार में बहुत सी कंपनियां है जो कि वाहन बीमा करती है लेकिन उनमें से आपकी कार के लिए कौन सबसे बेहतर होगा इस बारे में भी जानकारी करना अहम होता है।
इंश्योरेंस पॉलिसी न केवल आपके लिए जरूरी है बल्कि कार के लिए भी ये उतनी ही जरूरी है और समय पर कार इंश्योरेंस पॉलिसी को रिन्यू कराना भी बेहद महत्वपूर्ण है। यदि आपकी कार का इंश्योरेंस भी एक्सपायर होने वाला है और आप उसे रिन्यू कराने की सोच रहे हैं तो कुछ खास बातों के बारे में आपको जानकारी होना जरूरी है। ये कुछ मुख्य बिंदू हैं जिन पर अमल कर आप आसानी से कार की इंश्योरेंस पॉलिसी को रिन्यू करा सकते हैं। जिससे आपके पैसों की बचत के साथ साथ कार को बेहतर सुरक्षा मिल सकेगी।

हालांकि इस समय बाजार में बहुत सी कंपनियां है जो कि वाहन बीमा करती है लेकिन उनमें से आपकी कार के लिए कौन सबसे बेहतर होगा इस बारे में भी जानकारी करना अहम होता है। आज हम आपको अपने इस लेख में कार इंश्योरेंस पॉलिसी को रिन्यू कराने से जुड़ी कुछ जरूरी बातों के बारे में बतायेंगे। ये वो 7 मुख्य बातें हैं जो आपको कार इंश्योरेंस पॉलिसी को रिन्यू कराने में पूरी मदद करेंगे। तो आइये जानते हैं वो प्रमुख बातें -

1. खुद करिये रिसर्च:
आज के समय में कार इंश्योरेंस पॉलिसी को रिन्यू कराना कोई बड़ा टॉस्क नहीं रह गया है। इंटरनेट की इस दुनिया में आपको हर बात का जवाब आपको आॅनलाइन ही मिल सकता है। ऐसे में आप अपनी कार के इंश्योरेंस पॉलिसी के रिन्यू कराने के बारे में भी पूरी जानकारी आॅनलाइन ही हासिल कर सकते हैं। इंटरनेट पर अलग अलग कंपनियों के पॉलिसी और उनके नियमों के बारे में ध्यानपूर्वक पढ़े और उसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल करें।
ज्यादातर लोग उन्हीं कंपनियों के इंश्योरेंस पॉलिसी को खरीदना मुनासिब समझते हैं जिनके बारे में कार डीलर बताता है। लेकिन आप स्वयं ही अपनी पुरानी कंपनी के इंश्योरेंस पॉलिसी के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं और अपनी जरूरत के अनुसार उनका चयन कर पॉलिसी को रिन्यू करा सकते हैं।

2. कवरेज को रिव्यू करें:
आपके द्वारा लिये गये इंश्योरेंस पॉलिसी की कवरेज स्ट्रैंथ क्या है इस बारे में रिव्यू करना बेहद ही जरूरी होता है। कई लोग ऐसा मानते हैं कि पिछली कंपनी की पॉलिसी को ही आगे कंटीन्यू करना आसान होता है। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि जो पॉलिसी आपने पिछले साल ली हो वही पॉलिसी आपको इसी साल भी उतना ही कॅवरेज प्रदान करे। ऐसे में कॅवरेज को रिव्यू करना बेहद ही जरुरी होता है।

आप अपनी जरूरत के अनुसार कॅवरेज को घटा और बढ़ा सकते हैं। यदि आपने पहली पॉलिसी लेते समय एड आॅन कॅवरेज के बारे में जानकारी हासिल नहीं की थी तो आप पॉलिसी के रिन्यू करने के दौरान उनके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अपने कॅवरेज को जरूरत के अनुसार बढ़ा सकते हैं। जैसे कि जीरो डेप्थ इंश्योरेंस पॉलिसी, इसके तहत आपके प्रीमियम की राशि तो थोड़ी बढ़ जायेगी लेकिन आपकी सुविधाएं और कॅवरेज और भी बेहतर हो जायेंगी।

3. इंश्योरेंस कंपनी का रिव्यू करना:
केवल इंश्योरेंस पॉलिसी का रिव्यू करना ही जरूरी नहीं होता है बल्कि आप किस कंपनी का इंश्योरेंस लेने की सोच रहे हैं इस बारे में भी रिसर्च करना जरूरी होता है। मौजूदा कंपनी के अलावा दूसरी कंपनियों के बारे में भी पड़ताल करना चाहिए। इसके लिए आप आॅनलाइन ही उक्त कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। या फिर उनके एक्जीक्यूटिव से बात कर के भी ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल की जा सकती है।

एक सामान्य इंश्योरेंस कंपनी के बजाय आप डिजिटल इंश्योरेंस कंपनी का भी चुनाव कर सकते हैं। दरअसल ये कंपनियां डिजिटली ही सारा काम करती है जिसके चलते इनके खर्चे कम होते और ये कम कीमत में समान कॅवरेज के साथ पॉलिसी बेचते हैं। इससे आपको ज्यादा पैसे खर्च नहीं करने होते हैं। इतना ही नहीं ऐसी कंपनियों से क्लेम क्लीयर करना भी काफी आसान होता है। चूकिं इनकी पॉलिसी उतनी ज्यादा कठिन प्रक्रिया नहीं होती है। हालांकि ऐसी आॅनलाइन इंश्यारेंस कंपनियों का चयन करते वक्त इस बात की तस्दीक जरूर कर लें कि उक्त कंपनी इंश्योरेंस रेग्यूलैटरी एंड डेवलेप्मेंट अथार्टी आॅफ इंडिया (IRDAI) द्वारा प्रमामिण हो। क्योंकि आनलाइन कई फर्जी कंपनियां भी अपना व्यापार चला रही हैं।

4. सही IDV का चयन:
आई.डी.वी. यानि कि इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू आपके इंश्योरेंस के प्रीमियम पर सीधा असर डालता है। बहुतायत लोग इसके बारे में गलत अवधारणा रखते हैं कि ये वाहन की रिसेल वैल्यू के बराबर होता है। लेकिन ऐसा नहीं है। दरअसल ये आपकी कार की करेंट वैल्यू यानि की वर्तमान कीमत बताता है। आई.डी.वी. वो एमाउंट होता है जो यदि कार तत्काल पूरी तरह डैमेज हो जाये तो इंश्योरेंस कंपनी आपको देती है। इसलिए सही आई.डी.वी. का चयन करना बहुत जरूरी होता है। ज्यादा आई.डी.वी. आपके प्रीमियम को बढ़ाता है वहीं यदि आप आई.डी.वी. को कम आंकते है तो आपको पूरे नुकसान के दौरान इंश्योरेंस कंपनी द्वारा कम भुगतान किया जाता है।

5. डिस्काउंट का उठाये लाभ:
आप सोच रहे होंगे कि भला इंश्योरेंस पॉलिसी में डिस्काउंट कैसे मिल सकता है। लेकिन ऐसा नहीं है आपको बता दें कि, यदि आप अपनी कार एंटी थेफ्ट डिवाइस लगाये हुए हैं तो इसके लिए कंपनी आपको इंश्योरेंस पॉलिसी में छूट भी प्रदान करती है। बस इस बात का जिक्र आपको इंश्योरेंस पॉलिसी के फॉर्म और कंपनी के एक्जीक्यूटिव से करना होता है। लेकिन ये एंटी थेफ्ट डिवाइस आॅटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन आॅफ इंडिया द्वारा प्रमाणित होना चाहिए। इंश्योरेंस कंपनी का मानना होता है कि जिन कारों में ये डिवाइस लगा होता है उनके चोरी होने की संभावना कम हो जाती है।

6. गलती से भी न भूलें NCB:
इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय नो क्लेम बोनस (NCB) को गलती से भी न भूलें। दरअसल नो क्लेम बोनस कार इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रदान किया जाता है। ये उस दशा में दिया जाता है जब पॉलिसी लेने वाला व्यक्ति पॉलिसी के टोटल पीरियड के दौरान एक बार फिर कोई क्लेम नहीं करता है। यदि पॉलिसी होल्डर लगातार 5 सालों तक एक भी क्लेम नहीं करता है तो ये मुनाफा 50 प्रतिशत तक का हो सकता है।

इसलिए इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय (NCB) पर गौर जरूर करें। इसके बारे में कंपनी से बात भी करें और साथ ही आपको जो कोटेशन इंश्योरेंस कंपनी द्वारा दिया जा रहा हो उसमें भी इसकी तलाश करें। यदि आप इंश्योरेंस की कंपनी बदलते भी हैं और उस दौरान आप पॉलिसी पीरियड में कोई क्लेम नहीं करते हैं तो उस वक्त भी आपको इसका पूरा लाभ मिलेगा।

7. एक्सपायर होने से पहले रिन्यू करें:
सामान्य तौर पर ऐसा देखा जाता है कि लोग इंश्योरेंस पॉलिसी को रिन्यू करने में देरी करते हैं। कुछ लोग सोचते हैं कि जिस दिन इंश्योरेंस खत्म होगा उसी दिन रिन्यू करेंगे। लेकिन ऐसा करना आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। यदि आप इंश्योरेंस पॉलिसी को सही वक्त पर रिन्यू करना भूल गयें और पॉलिसी एक्सपायर हो गई तो आपको रेन्यू के समय ज्यादा प्रीमियम भरना होगा। इसके अलावा मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के अन्तर्गत बिना इंश्योरेंस के वाहन चलाना एक कानूनी अपराध भी है। इतना ही नहीं यदि आप इंश्योरेंस पॉलिसी के एक्सपायर होने के 90 दिनों के भीतर इंश्योरेंस पॉलिसी को रिन्यू नहीं कराते हैं तो आप एनसीबी यानि नो क्लेम बोनस का भी लाभ नहीं उठा पायेंगे।

कार की इंश्योरेंस पॉलिसी को रिन्यू करना कोई मुश्किल काम नहीं है। यदि आपके पास समय की कमी है तो आप आॅनलाइन भी इंश्योरेंस पॉलिसी को रिन्यू कर सकते हैं। या फिर वक्त निकालकर आप अपने नजदीकी डीलरशिप से भी इंश्योरेंस पॉलिसी को रिन्यू करा सकते हैं।
ध्यान रखिये कार को सही समय इंश्योर कराना बेहद ही जरूरी होता है। यदि आप एक्सपायरी डेट को भूल जाते हैं और बिना इंश्योरेंस के कार ड्राइव करते हैं तो इसके लिए आपको जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। साथ ही कई सुविधाओं से आप वंचित भी हो सकते हैं। इसलिए बिना देरी किये सही समय पर अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी को रिन्यू करायें। जानकारों के अनुसार आप एक्सपायरी डेट के एक सप्ताह पहले पॉलिसी को रिन्यू करा सकते हैं।


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