कार इंश्‍योरेंस से जुड़ी कुछ महत्‍वपूर्ण बातें, जरूर जानें

आज के इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में कार हमारे जीवन का एक अहम हिस्‍सा बनता जा रहा है। हर कोई मानता है कि कार आपके निजी जिंदगी को और भी सरल बना देता है। लेकिन जितना कि कार, आपकी सुविधा का ख्‍याल रखता हैं क्‍या आप भी उसका उतना ही ख्‍याल रखती हैं। यहां हमारा मतलब कार की मरम्‍मत से नहीं है, आपके लिये और आपके परिवार के लिये इंश्‍योरेंस जितना जरूरी है ठिक उतना ही आपकी कार के लिये भी महत्‍वपूर्ण है।

आखिरकार, आपकी कार आपके मेहनत की कमाई का नतीजा होता है तो इसकी सुरक्षा का ध्‍यान रखना भी आपकी नैतिक जिम्‍मेदारी होती है। वैसे भी अब भारत में कार का इंश्‍योरेस होना आवश्‍यक कर दिया गया है। लेकिन जब आप कोई इंश्‍योरेंस पॉलिसी खरीदते हैं तो उसकी पूरी जांच पड़ताल करते हैं, लेकिन क्‍या अपनी कार के इंश्‍योरेंस के लिये भी आप ऐसा कुछ करेंगे।

कार का इंश्‍योरेंश कराना एक सामान्‍य सी प्रक्रिया है, लेकिन इससे जुड़ी कुछ महत्‍वर्पूण बातों का जानना उस समय बेहद जरूरी हो जाता है जब आपको इंश्‍योरेंस क्‍लेम करने की जरूरत होती है। आज हम आपको अपने इस लेख में कार इंश्‍योरेंस से जुड़ी हुई कुछ बेहद ही जरूरी और महत्‍वर्पूण बातों के बारें में बतायेंगे। तो आइये तस्‍वीरों के माध्‍यम से जानतें हैं उन जरूरी बातों को।

क्‍या होता है कार इंश्‍योरेंस

क्‍या होता है कार इंश्‍योरेंस

कार इंश्‍योरेंस आपको अपनी कार की सुरक्षा प्रदान करने का पुरा मौका देता है। इश्‍योरेंस होने पर आप किसी भी अपात दुर्घटना या फिर अन्‍य किसी तरह के कार के नुकसान के दौरान कंपनी को इंश्‍योरेंस क्‍लेम कर सकते हैं। जिसके बदने आपकी इंश्‍योरेंस कंपनी आपकी कार में हुये नुकसान के अनुसार आप राशि प्रदान करती है। यह एक प्रणाली के आधार पर होता है।

भारत में जरूरी है कार इंश्‍योरेंस

भारत में जरूरी है कार इंश्‍योरेंस

मोटर व्‍हीकल एक्‍ट 1988 के अनुसार भारत में हर वाहन का इंश्‍योरेंस यानी की बिमा होना आवश्‍यक है। यदि आप बिना इंश्‍योरेंस के वाहन चलाते हुये पकड़े जाते हैं तो आप को जूर्माना देय होगा।

कितने प्रकार के होते हैं इंश्‍योरेंस

कितने प्रकार के होते हैं इंश्‍योरेंस

हमारे यहां दो प्रकार के इंश्‍योरेंस होते हैं

1- थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस- इस इंश्‍योरेंस में किसी भी प्रकार के दुर्घटना आदि के दौरान आपकी दुर्घटना जिस वाहन आदि से होती है, तो यदि उसे कोई नुकसान चोट या फिर उसकी मृत्‍यु होती है तो उक्‍त कंपनी उसकी भरपाई करती है। इसके अलावा तीसरे पक्ष के वाहन में होने वाले नुकसान की भी रक्षा करती है। कानून के अनुसार थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस रखना जरूरी होता है। इस इंश्‍योरेंस में कंपनी आपके नुकसान को कवॅर नहीं करती है।

2- कम्‍प्रीहेंसिव इंश्‍योरेंस-यह इंश्‍योरेंस व्‍यापक होता है, इसमें इंश्‍योरेंस धारक को दुर्घटना के दौरान पूरा क्‍लेम मिलता है। इसमें चालक-सहचालक और साथ ही थर्ड पार्टी यानी की जिससे आपका वाहन दुर्घटनाग्रस्‍त होता है। कंपनी दोनों का खर्च वहन करती है। यह काफी बेहतर होता है, इस इंश्‍योरेंस में दोनों के नुकसान की भरपाई कंपनी करती है।
कार इंश्‍योरेंस के लिये क्‍या है जरूरी

कार इंश्‍योरेंस के लिये क्‍या है जरूरी

एक बेहतर कार इंश्‍योरेंस के लिये, आप जिस से इंश्‍योरेंस करा रहें हैं उसे पूरी जानकारी दें। कुछ भी छिपाना आपके लिये घातक हो सकता है, विशेषकर जब आप क्‍लेम आदि करना चाहें। आप अपने इंश्‍योरर को अपनी पूरी डिटेल जैसे, अपनी ड्राइविंग हिस्‍ट्री, कार यूजर, कार का विवरण और लोकेशन आदि के बारें में उचित जानकारी दें।

विभिन्न बीमा कंपनियों के बीच अलग अलग प्रीमियम क्यों ?

विभिन्न बीमा कंपनियों के बीच अलग अलग प्रीमियम क्यों ?

हर बीमा कंपनियां अलग आंकड़े के साथ काम करती हैं और प्रीमियम की गणना करने के लिए विभिन्न तरीकों का उपयोग करतें है। कुछ कंपनियों अपने कुछ क्षेत्रों या प्रकार में बेहतर होते हैं, इसलिए उन क्षेत्रों में छूट देने के लिए वो हमेशा तैयार रहते हैं।

कैसे निर्धारित होती है प्रीमियम की राशि ?

कैसे निर्धारित होती है प्रीमियम की राशि ?

प्रीमियम की राशि निम्‍न बिंदुओं पर आधारित होती है।

  • वाहन के मॉडल
  • निर्माण का वर्ष
  • पंजीकरण की जगह
  • वाहन की वर्तमान शोरूम कीमत
  • ग्राहक व्यक्तिगत या कॉर्पोरेट है या नहीं
  • क्‍या आप किसी दूसरे की कार का बिमा करा सकते हैं ?

    क्‍या आप किसी दूसरे की कार का बिमा करा सकते हैं ?

    जी हां, वाहन बिमा के लिये यह जरूरी नहीं है कि, बिमा धारक ही वाहन का मालिक हो। यदि आप अपने घर में किसी दूसरे के वाहन आदि का बिमा कराना चाहते हैं तो आप करा सकते हैं।

    क्‍या मैं अपनी वाहन पॉलिसी को ऑनलाइन नवीनीकृत कर सकता हूं?

    क्‍या मैं अपनी वाहन पॉलिसी को ऑनलाइन नवीनीकृत कर सकता हूं?

    जी हां, अब यह सुविधा उपलब्‍ध हो चुकी है। अब आप ऑनलाईन ही अपने वाहन की बिमा को रीन्‍यू कर सकते हैं। ऐसा आप अपने बिमा के खत्‍म होने के दो माह पूर्व या फिर खत्‍म होने की तारिख के 6 दिन के भीतर कर सकते हैं।

    यदि बिमा जारी किये गये स्‍थान के अलावा दूसरी जगह दुर्घटना हो तो

    यदि बिमा जारी किये गये स्‍थान के अलावा दूसरी जगह दुर्घटना हो तो

    आपको बता दें कि, दुर्घटना चाहे कहीं भी हो और आपने अपने वाहन का बिमा चाहे किसी भी शहर में कराया हो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। आपके द्वारा कराया गया बिमा पूरे देश भर में वैध रहेगा।

    क्‍या बिमा कंपनी एडवांस में पैसा दे सकती है

    क्‍या बिमा कंपनी एडवांस में पैसा दे सकती है

    कुछ कंपनियां ऐसी सुविधा प्रदान करती हैं, इसके लिये उनकी बिमा योजनायें महंगी भी होती हैं। इस दशा में आपको कार के रिपेयरिंग के पहले ही एंडवांस के तौर पर कुछ पैसे दे दिये जाते हैं। या फिर आपको अपनी कार को सर्विस कराना होता है और उक्‍त बिमा कंपनी सीधे सर्विस सेंटर को पेमेंट करती है। लेकिन ज्‍यादातर कंपनियां आपके कार के सर्विस बिल पर आपको पेमेंट करती हैं, इसके लिये पहले आपको अपने पास से पैसे लगाने होते हैं।

    दुर्घटना के बाद कितना कवॅर करती है कंपनी

    दुर्घटना के बाद कितना कवॅर करती है कंपनी

    दुर्घटना के बाद, कंपनियां आपके कार के टॉयर, हेडलाईट, फॉयबर पार्ट या फिर प्‍लास्टिक के पार्ट के लिये 50 प्रतिशत वहन करती हैं। वहीं कार के ग्‍लॉस के पार्ट जैसे विंड शिल्‍ड, ग्‍लॉस आदि के नुकसान पर पूरे 100 प्रतिशत तक वहन करती हैं।

    इंश्‍योरेंस कंपनी को कितना पेमेंट करना होगा

    इंश्‍योरेंस कंपनी को कितना पेमेंट करना होगा

    जब आप इंश्‍योरेंस क्‍लेम करते हैं तो उसके पहले आपको अपनी उक्‍त कंपनी को कुछ पैसे देने होते हैं। यदि आपकी कार 1500 सीसी की क्षमता से कम है तो आपको 500 रुपये देय होगा। यदि आपकी कार 1500 सीसी की क्षमता से ज्‍यादा है तो आपको 1000 रुपये कंपनी को पहले देने होंगे।

More from Drivespark

Article Published On: Friday, August 2, 2013, 8:35 [IST]
English summary
Do you know, What is Car Insurance and why it is important? Here we are giving some important facts about Car insurance. Car Insurance provides financial protection in case you are involved in an auto accident.
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+