Car Care Tips: इन 6 तरीकों से बढ़ायें अपनी कार की लाइफ
जब वाहन निर्माता एक कार का निर्माण करता है तो उसमें ऐसी गुणवत्ता वाले मटैरियल और तकनीकी का प्रयोग करता कि, कार तकरीबन 3,50,000 किलोमीटर तक आसानी से चल सकती है।
कार ड्राइविंग के साथ-साथ उसके मेंटेनेंस का स्कील भी उतना ही जरूरी होता है। ऐसा देखा जाता है कि लोग अपनी कार उस कदर देख रेख नहीं कर पाते हैं जितनी की करनी चाहिए। जिसके कारण बहुत कम समय में ही उनकी कार की कंडीशन खराब हो जाती है। जब वाहन निर्माता एक कार का निर्माण करता है तो उसमें ऐसी गुणवत्ता वाले मटैरियल और तकनीकी का प्रयोग करता कि, कार तकरीबन 3,50,000 किलोमीटर तक आसानी से चल सकती है।

आप सोच रहे होंगे कि, भला कोई कार इतनी लंबी दूरी कैसे तय कर सकती है। लेकिन आपको बता दें कि, ये एक सामान्य सा आंकड़ा है जिसे हर कार आसानी से पूरा कर सकता है। बस इसके लिए कुछ खास देखभाल की जरूरत होती है। ये बेहद ही सीधी सी बात है कि, आप मशीनरी का जितना ख्याल रखेंगे वो उतने ही लंबे समय तक चलेगी। तो आज हम अपने इस लेख में ऐसी ही 6 मुख्य बातों के बारे में बतायेंगे जिन पर अमल कर के आप अपनी कार की उम्र को तीन गुना बढ़ा सकते हैं। तो आइये जानते हैं वो 6 गुण बातें -

1. करें सही कार का चयन:
यदि आप नई कार खरीदने की सोच रहे हैं तो सबसे पहले अपनी पसंदीदा कारों के बारे में पूरी जानकारी एकट्ठा करें। मसलन, कार निर्माता कंपनी की मार्केट में क्या रेप्यूटेशन है या फिर उक्त मॉडल के बारे में लोगों की क्या प्रतिक्रिया है। इसके लिए आप आॅनलाइन रिव्यू भी पढ़ सकते हैं और साथ ही किसी जानने वाले से भी इस बारे में बात कर सकते हैं। एक बेहतर कार खरीदने से पहले इन बातों की तस्दीक करना बेहद ही जरूरी होता है।

2. कभी न करायें मोडिफिकेशन:
इसके अलावा यदि आपके पास पुरानी कार है तो आपको इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि, आप भूल कर भी कार में किसी भी प्रकार का मॉडिफिकेशन न करें। ऐसा देखा जाता है कि बहुतायत लोग अपनी कार को नया लुक देने के लिए उसमें मॉडिफिकेशन करते हैं, मसलन चौड़े पहियों का इस्तेमाल, फ्री फ्लो एक्जॉस्ट आदि। आपको बता दें कि, वाहन निर्माता कंपनियां बहुत ही काबिल और जानकार इंजीनियरों से अपने वाहनों का डिजाइन तैयार करवाती हैं। इसके लिए वो इंजीनियरों को मोटी रकम भी अदा करते हैं।

ये रिसर्च और डेवलपमेंट टीम वर्षों की मेहनत के बाद कार के डिजाइन को फाइनल करती है और ये सारी प्रक्रिया कई चरणों से होकर गुजरती है। अब ऐसे में कोई भी वाहन निर्माता कंपनी अपनी कार में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रखती है। लेकिन कुद लोग अपने शौक को पूरा करने के लिए मॉडिफिकेशन करते हैं जिसका असर कार के परफार्मेंश पर सीधे तौर पर पड़ता है। हैवी व्हील्स के कारण कार के माइलेज के साथ ही एक्सलेटर पर भी जोर पड़ता है। इसलिए भूल कर भी अपनी कार में किसी भी प्रकार का मॉडिफिकेशन न करायें।

3. छोटे ट्रिप्स को कहें ना:
यदि आप भी ऐसे लोगों में से एक हैं जो हर छोटी छोटी बात पर अपनी कार को निकाल लेते हैं तो, आपको सावधान हो जाने की खासी जरूरत है। क्योंकि शोधों में ऐसा माना जाता है कि, 2 किलोमीटर से भी कम की ट्रिप में बार बार कार के प्रयोग करने का सीधा असर कार के इंजन और परफार्मेंश पर पड़ता है।

क्योंकि इतनी छोटी राइड के दौरान कार इंजन पूरी तरह से वॉर्म अप नहीं हो पाता है साथ ही थोड़ी दूर चलने के बाद ही कार को रोक देने से इंजन तत्काल ठंडा होने लगता है। हालांकि इसका प्रभाव तत्काल नहीं दिखता है लेकिन लंबे समय के बाद ये एक मुख्य कारण बनता है। इसलिए कोशिश करें कि, छोटी राइड लेने से बचें और 2 किलोमीटर से कम दूरी की राइड के लिए बाइक या फिर किसी और साधन का प्रयोग करें। इसके अलावा पैदल भी जा सकते हैं इससे आपकी कार और आप खुद दोनों ही लंबे समय तक फिट रहेंगे।

4. समय पर कराये सर्विसिंग:
कार को लंबी उम्र देने के लिए ये सबसे महत्वपूर्ण कारणों में से एक है। यदि आप भी अपनी कार को समय पर सर्विस नहीं कराते हैं तो कार की लंबी उम्र को भूल जाइये। हर कार का अपना एक सर्विस शिड्यूल होता है। जब आप अपनी नई या फिर पुरानी कार को सर्विस कराते हैं तो सर्विस सेंटर आपको अगली सर्विस की तारीख और किलोमीटर के बारे में जरूर बताता हैं।

अब तो कई कंपनियां अपने ग्राहकों को फोन और मैसेज के माध्यम से भी कार की सर्विसिंग का रिमाइंडर देती है। कार के स्पेयर पार्ट्स और उसमें प्रयुक्त मोबिल आॅयल आदि इन सभी वस्तुओं की एक मियाद होती है। समय के साथ ये पुरानी और खराब होने लगती है। इसके अलावा हर रोज की ड्राइव भी कार में तमाम काम निकाल देता है। इसलिए यदि आपको कार ड्राइव करते समय किसी भी प्रकार की कोई छोटी सी भी खामी नजर आये तो तत्काल कार को सर्विस सेंटर पर लेकर जायें क्योंकि छोटी मोटी प्राब्लम ही आगे चलकर बड़ी समस्या का रूप लेती हैं।

5. एक्सटेंडेड वॉरंटी का ले सहारा:
जब आप नई कार खरीदते हैं तो उस वक्त आपको कार के साथ कंपनी वॉरंटी प्रदान करती है। लेकिन वो वारंटी एक नियत समय तक के लिए ही होती है। वॉरंटी पीरियड में यदि आपकी कार के साथ कोई भी समस्या होती है तो कंपनी उसका खर्च खुद वहन करती है और इस वजह से आप भी बिना किसी झिझक के समस्या आने पर तत्काल कार को सर्विस सेंटर लेकर जाते हैं। अब कंपनियां अपने ग्राहकों को एक्सटेंडेड वॉरंटी प्रदान कर रही हैं। इसके लिए बस थोड़ा सा पैसा खर्च करना होता है और आप आसानी से अपनी कार के वॉरंटी को 5 सालों तक के लिए बढ़ा सकते हैं।

6. लंबी रेस का घोड़ा बनें:
ऐसा आपको कई मामलों में कहा जाता है कि, हमेशा काम वही करना चाहिए, भविष्य जिसका बेहतर और लंबा हो। ऐसी ही बात यहां पर भी लागू होती है। अपनी कार की लाइफ को बेहतर बनाने के लिए कार की एक्सलेटर पर कम दबाव बनायें। एक समानांतर स्पीड में लंबी दूरी तय करें। इसके अलावा बेवजह ब्रेकिंग और हॉर्न के प्रयोग से बचें।

कई लोग भीड़ भरे इलाके में भी तेजी से कार दौड़ाते हैं और किसी के सामने आने पर तेजी से ब्रेक अप्लाई करते हैं। इस प्रक्रिया में जितना स्ट्रेस होता है उसका बुरा प्रभाव कार की मशीनरी पर पड़ता है। कार के किसी भी इक्यूपमेंट को आहिस्ते से प्रयोग करें, दरवाजों और विंडो को सहुलियत के साथ प्रयोग करें। ध्यान रखें कि, आप अपनी कार का जितना ख्याल रखेंगे आपकी कार भी आपका उतना ही ख्याल रखेगी। इन 6 टिप्स की मदद से आप अपनी कार की लाइफ आसानी से बढ़ा सकते हैं।


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