मोटरसाइकिल कैसे चलायें: अच्छा सवार बनने के 10 चरण
मोटरसाइकिल की सवारी कैसे करें इस विषय पर हमारा पहला लेख पढने के बाद अब समय आ गया है कि आप नई बाइक खरीदें। आज आपको बताया जाएगा कि कुशलता से बाइक कैसे चलायें।
यहाँ 10 आसान चरण बताए गए हैं जो आपको यह बताएँगे कि अपनी बाइक चलाने की कुशलता को किस प्रकार विकसित करें तथा ऐसा व्यक्ति जिसने अभी अभी दुपहिया वाहन चलाना शुरू किया है, उसे किन बातों में सुधार लाने की आवश्यकता है।
मैं सलाह दूंगा कि आपको साधारण, कम विस्थापन वाली बाइक खरीदनी चाहिए क्योंकि आपको धीरे धीरे आगे बढ़ना है, ऐसी स्थिति में बड़ी 1000 सीसी की मोटरसाइकिल उपयोगी नहीं होती क्योंकि ये आपको एक बुरा सबक सिखा सकती हैं जो आपको जीवन भर परेशान कर सकता है। मोटरसाइकिल की सवारी में कुशलता बढ़ाने के लिए यहाँ 10 उपाय बताए गए हैं:

1. ओनर्स मैनुअल पढ़ें:
मोटरसाइकिल के बारे में जानना बहुत आवश्यक है। ओनर्स मैनुअल से आपको मोटरसाइकिल से संबंधित सभी जानकारियाँ जैसे स्विचेस, कंट्रोल्स, गियर शिफ्ट पैटर्न, उपयोग में आने वाले तेल की श्रेणी तथा सर्विस और मेंटनेंस का अंतराल आदि के बारे पता चलता है। इसे पढ़ें।

2. शहर या ट्रैफिक में चलाना:
जब ट्रैफिक के नियमों के साथ गाड़ी चलाने की बात आती है तो मोटरसाइकिल परिवहन का सबसे तीव्र साधन माना जाता है। अपनी आँखें और कान खुले रखें। मोटरसाइकिल को लोअर गियर में रखें और गति भी धीमी रखें। लेन में बाईं ओर चलें ताकि तेज़ गति वाले वाहन दाहिनी ओर से आगे निकल सकें। लेन बदलते समय या मुड़ते समय अन्य वाहनों को संकेत दें तथा सबसे अधिक महत्वपूर्ण है कि ट्रैफिक हो या न हो गति न बढायें।

3. हाइवे पर चलाना::
ट्रैफिक की तुलना में हाइवे पर मोटरसाइकल चलाना अधिक आसान होता है क्योंकि शहरों की तुलना में हाइवे की सड़कें चौड़ी होती हैं। परंतु यह अधिक खतरनाक होता है क्योंकि ट्रैफिक की गति बहुत अधिक होती है। जितना संभव हो सावधान रहें तथा पीछे से आने वाले वाहनों को देखने के लिए मिरर्स को अच्छे से फोकस करें। बड़े वाहनों को चुनौती न दें तथा उन्हें जाने के लिए रास्ता दें। गति नियंत्रण में रखें तथा बहुत सावधान रहें।

4. मोड़ पर चलाना:
मोड़ पर गाड़ी चलाना भी एक कला है। किसी नौसिखिये के लिए यह सबसे बुरा स्थान हो सकता है। मोड़ पर मोटरसाइकिल चलाना सरल है, मोड़ आने पर गति धीमी करें, गाड़ी को लोअर गियर पर डालें, तथा जितना संभव हो मोड़ पर सावधान रहें। अब ब्रेक छोड़ें तथा धीरे धीरे एक्सिलरेटर बढ़ाएं। इसके लिए बहुत अभ्यास की आवश्यकता होती है परन्तु यह बहुत अच्छा होता है। अभ्यास करने से कुशलता मिलती है।

5. खराब सड़कें या कंकड़:
भारत में खराब सड़कें या कंकड़ रास्ते में आने वाली बहुत आम बाधाएं हैं। मोटरसाइकिल को धीमा करें, गाड़ी को लोअर गियर पर डालें, तथा इसे धीमें से संभालें। गति को संभालें तथा शार्प टर्न न लें, इससे आप गिर सकते हैं। धैर्य रखें, सावधान रहें और किसी भी चीज़ के कारण अपना ध्यान न भटकने दें।

6. गीली सड़कें:
यह ऐसी बात है जिसके साथ सभी को संघर्ष करना पड़ता है, यहाँ तक कि पेशेवरों को भी। बारिश में गाड़ी न चलायें तथा यदि ऐसी परिस्थिति आ भी जाती है कि बारिश में गाड़ी चलानी पड़े तो गाड़ी धीरे चलायें। गीली सड़कें बहुत खतरनाक होती हैं तथा गीला डामर भी बहुत अच्छा नहीं होता। मोड़ पर तथा रुकते समय अधिकाँश लोग इस खिंचाव पर नियंत्रण नहीं कर पाते और दुर्घटना हो जाती है। धीमे चलें, तथा मुड़ते समय अधिक झुकें नहीं और ब्रेक का उपयोग धीरे से करें - इन तीन बातों का हमेशा ध्यान रखें।

7. अपने आसपास के वातावरण के प्रति सजग रहें::
अपने आसपास के वातावरण की अच्छे से जानकारी रखें। अपनी बाइक और रास्ते से ध्यान हटाये बिना लगातार ट्रैफिक लाइट, रोड़ ब्लॉक, सड़क की चेतावनी, पैदल चलने वालों, कुत्ते, गाय, पार्क की हुई गाड़ियों, चौराहों, बच्चों, पुलिसवालों तथा रास्ते में आने वाली सभी संभव चीज़ों पर नज़र रखें। समय के साथ साथ यह एक आदत बन जायेगी।

8. स्वयं का मूलभूत रखरखाव:
मोटरसाइकिल के बारे में कुछ मूलभूत बातें होती हैं जिनके बारे में आपको जानना आवश्यक है। हवा का दबाव जांचना, तेल के स्तर की जांच, टायर आदि के बारे में आपको जानना चाहिए। सबसे अच्छा तरीका है कि अपने बाइक चलाने वाले मित्रों से पूछताछ करें। वे बाइक के इन्साइक्लोपीडीया होते हैं!

9. पीछे की सीट के साथ सवारी:
आम तौर पर अकेले सवारी करने की तुलना में पीछे बैठी हुई सवारी के साथ गाड़ी चलाना थोडा मुश्किल होता है। परन्तु यदि आप ऐसा करना चाहते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि पीछे बैठने वाला व्यक्ति ज़्यादा हिले नहीं क्योंकि ऐसा करने से आप अपना नियंत्रण खो सकते हैं। इसका केवल एक तरीका है कि पीछे बैठने वाला आप पर पूरी तरह भरोसा करे। इस बात का भी ध्यान रखें कि पीछे बैठे हुए व्यक्ति ने हेलमेट तथा सुरक्षा सामान पहना हुआ हो।

10. विश्वसनीय मैकेनिक:
मोटरसाइकिल की सर्विसिंग बहुत महत्वपूर्ण होती है। इसके लिए टैक्नीशियन की आवश्यकता होती है। तो अच्छा होगा कि ऐसा कोई मैकेनिक ढूंढें जिसके बारे में आपके परिवार या मित्र जानते हों या स्वयं ढूंढें। कई नाम हो सकते हैं, अत: उस क्षेत्र के लोगों से सर्विस सेंटर या टैक्नीशियन के बारे में जानकारी लें। यदि उसके बारे में अच्छी प्रतिक्रिया (समीक्षा) मिलती है तो आगे बढ़ें।


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