Electric Scooter की रेंज बढ़ाने के लिए अपनाएं ये तरीके, समय के साथ होगी पैसों की बचत
भारतीय बाजार में लगातार Electric Vehicle की डिमांड बढ़ रही है। खासकर दोपहिया वाहन बाजार में EVs की बिक्री को बूस्ट मिला है। हालांकि, चार्जिंग इंफ्रा में कमी और रेंज की चिंता के चलते बहुत से लोग अभी भी Electric Scooter लेने से कतराते हैं।
अगर आपके पास एक Electric 2-Wheeler है और आपको ऐसा लगता है कि कंपनी ने जितना बताया उतनी रेंज नहीं मिल पा रही है, तो हम आपके लिए कुछ जरूरी टिप्स लेकर आए हैं। इनकी मदद से EV की रेंज बढ़ाई जा सकती है।

मेंटेनेंस पर ध्यान दें: सभी बैटरियां समय के साथ खराब होना शुरू हो जाती हैं। हम इनकी केयर करेंगे, तो बैटरी लाइफ को थोड़ा बढ़ाया जा सकता है। अगर आप स्कूटर की बैटरी लंबा चलाना चाहते हैं, तो इसे 15-20 परसेंट से नीचे मत जाने दें।
साथ ही 15 प्रतिशत से कम चार्ज रहने से पहले बैटरी को तुरंत रिचार्ज करें। इसके अलावा, बैटरी को अत्यधिक तापमान में न रखें, क्योंकि लिथियम-आयन बैटरी लगभग 25 डिग्री सेल्सियस तापमान पर सबसे अच्छा काम करती हैं। ज्यादा गर्म होने पर इनकी एफिशियंसी घट जाती है।
एनर्जी सेव करें: हाई-एंड इलेक्ट्रिक स्कूटर में कई ऐसे फीचर होते हैं, जो बहुत बैटरी खर्च करते हैं और ज्यादा जरूरी भी नहीं हैं। इनमें ब्लूटूथ और स्मार्ट नेविगेशन आदि शामिल हैं। इन्हें बंद करके काफी एनर्जी सेव की जा सकती है।
राइडिंग के दौरान ब्लूटूथ और रिफ्लेक्टर लाइट को आसानी से बंद किया जा सकता है। साथ ही आप एलईडी डे-टाइम रनिंग लाइट और हेडलैम्प को दिन में बंद रख सकते हैं। भीड़भाड़ वाली जगहों पर ई-स्कूटर ईको मोड में ही चलाएं और रीजेन का उपयोग करें।
टायर प्रेशर मेंटेन रखें: IC-इंजन वाले वाहनों की तरह टायर प्रेशर इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज पर भी सीधा प्रभाव डालता है। टायरों में कंपनी स्टैंडर्ड के मुताबिक हवा भरने से टायर और जमीन के बीच न्यूनतम संपर्क रहेगा, जिसके परिणामस्वरूप रोलिंग रेसिस्टेंस कम होता है।
यह सुनिश्चित करता है कि मोटर को ओवरटाइम काम नहीं करना पड़ेगा, जिसके परिणामस्वरूप कम इलेक्ट्रिसिटी खत्म होती है। दूसरी ओर, कम फुलाए गए टायरों की सतह जमीन को अधिक छूती है और मोटर को आगे बढ़ने के लिए ज्यादा पावर लगाना पड़ता है। इससे स्कूटर की एफिशियंसी घटती है।


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