दिल्ली में लर्निंग लाइसेंस बनवाना है, तो फॉलो करें ये स्टेप्स; घर बैठे ही हो जाएगा काम!
How to Get a Learning Licence in Delhi: लर्निंग लाइसेंस प्राप्त करना वाहन चलाना सीखने की दिशा में पहला कदम है। ये लाइसेंस आपको सड़क पर सुरक्षित और कानूनी रूप से अभ्यास करने की अनुमति देता है। भारत में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस प्रक्रिया को डिजिटल और सुगम बना दिया है। आइए जानते हैं कि दिल्ली में लर्निंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए क्या करना चाहिए?
लर्निंग लाइसेंस के लिए चाहिए ये डॉक्यूमेंट
लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने से पहले आपको पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा। इसके लिए न्यूनतम आयु 16 वर्ष है, यदि आप 50cc तक के बिना गियर वाले दोपहिया वाहन (जैसे स्कूटर) के लिए लाइसेंस चाहते हैं, लेकिन इसके लिए माता-पिता या अभिभावक की लिखित सहमति आवश्यक है।

अन्य वाहनों, जैसे- कार या मोटरसाइकिल के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष है। इसके अतिरिक्त, आपको आधार कार्ड, आयु प्रमाण (जैसे जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट) और पता प्रमाण (जैसे बिजली बिल, राशन कार्ड, या पासपोर्ट) जैसे डॉक्यूमेंट तैयार रखने होंगे। पासपोर्ट साइज फोटो और डिजिटल सिग्नेचर भी अनिवार्य हैं।
ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस
दिल्ली में लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन अब मुख्य रूप से ऑनलाइन किया जाता है। इसके लिए आपको सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। आइए इसकी स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस जानते हैं-
- वेबसाइट पर जाएं: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट sarathi.parivahan.gov.in पर जाएं।
- राज्य चुनें: होमपेज पर Delhi का चयन करें।
- लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करें: "Apply for Learner's Licence" विकल्प पर क्लिक करें।
- आधार वेरीफाई करें: आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें। ओटीपी जनरेट करें और उसे सत्यापित करें।
- फॉर्म भरें: आवेदन पत्र में व्यक्तिगत विवरण, व्हीकल कैटेगरी (जैसे मोटरसाइकिल, कार) और अन्य जानकारी भरें।
- डॉक्यूमेंट अपलोड करें: आयु, पता और पहचान प्रमाण की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- फीस भरें: लर्निंग लाइसेंस के लिए शुल्क (लगभग 200 रुपये) ऑनलाइन जमा करें।
- टेस्ट स्लॉट बुक करें: ऑनलाइन टेस्ट के लिए तारीख और समय चुनें। वैकल्पिक रूप से, आरटीओ ऑफिस में टेस्ट देने का विकल्प चुन सकते हैं।
ऐसे करें टेस्ट की तैयारी
लर्निंग लाइसेंस के लिए एक लिखित या ऑनलाइन टेस्ट देना होता है, जिसमें यातायात नियमों, रोड सिग्नल और ड्राइविंग एथिक्स से संबंधित कुछ बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। इसे पास करने के लिए कम से कम 60 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। इसके लिए आप परिवहन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध स्टडी मैटेरियल, जैसे ट्रैफिक सिग्नल और रूल्स की पीडीएफ से तैयारी कर सकते हैं। इसके अलावा, यातायात नियमों को भी अच्छी तरह समझ लें।
टेस्ट और लाइसेंस मिलने का प्रोसेस
अगर आपने ऑनलाइन टेस्ट का विकल्प चुना है, तो निर्धारित समय पर लॉगिन करें और टेस्ट पूरा करें। टेस्ट का रिजल्ट तुरंत दिख जाता है। ऑफलाइन टेस्ट के लिए आपको संबंधित RTO कार्यालय में मूल दस्तावेज और शुल्क रसीद के साथ उपस्थित होना होगा।
वहां टच स्क्रीन कियोस्क पर टेस्ट लिया जाता है टेस्ट पास करने पर लर्निंग लाइसेंस पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगा या 48 घंटे में ऑनलाइन भेजा जाएगा। इसे प्रिंट करें या डिजिटल रूप में सेव कर के रख लें। ये लाइसेंस 6 महीने के लिए वैध होता है।
इन बातों का जरूर रखें ध्यान-
- अगर आप टेस्ट में फेल हो जाते हैं, तो 50 रुपये के शुल्क के साथ फिर से टेस्ट दे सकते हैं।
- लर्निंग लाइसेंस के साथ वाहन चलाते समय गाड़ी पर 'L' चिह्न प्रदर्शित करना अनिवार्य है।
- लर्निंग लाइसेंस प्राप्त होने के 30 दिन बाद और 6 महीने के अंदर आप स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए RTO में ड्राइविंग टेस्ट देना होगा।
- बिना लाइसेंस के वाहन चलाने पर दिल्ली में 5000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
हमारी सलाह: दिल्ली में लर्निंग लाइसेंस प्राप्त करना एक व्यवस्थित और डिजिटल प्रोसेस है, जो कुछ घंटों में पूरी हो सकती है। समय पर दस्तावेज तैयार करें, नियमों को ढंग से पढ़ें और टेस्ट में आत्मविश्वास के साथ भाग लें। ये लाइसेंस न केवल आपको वाहन चलाना सीखने में मदद करता है, बल्कि रोड सेफ्टी के प्रति जागरूकता भी बढ़ाता है।


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