जानें कैसे बारिश आपकी गाड़ी के टायरों को प्रभावित करती है ? कई बार ये होता बेहद खतरनाक, ऐसे करें सुरक्षा
जहां एक ओर तेज बारिश गाड़ी चलाने में परेशानी बन जाती है तो वहीं गाड़ी के टायरों के लिए भी बड़ा खतरा है। टायर भले ही बहुत मजबूत होते हो लेकिन बावजुद इसके तेज बारिश टायरों को कई तरीकों से खराब कर सकती है। ऐसे में जानते हैं ज़ोरदार बारिश टायरों को कैसे प्रभावित करती है और इसके प्रभाव से कैसे बचा जा सकता हैं।
बारिश का टायर पर प्रभाव: जब बारिश होती है, तो सड़क पर पानी की परत बन जाती है, जिससे टायर का सड़क पर पकड़ (Grip) कम हो जाता है, जिससे गाड़ी की पकड़ सड़क पर कमजोर हो जाती है। क्योंकि पानी गाड़ी के टायर और सड़क के बीच में चिकनाई की तरह काम करता है, जिससे गाड़ी फिसलने लगती है।

बता दें कि गाड़ियों के टायरों पर बने डिजाइन या खांचा पानी को हटाने के लिए बनाए जाते हैं, ताकि गाड़ी सड़क पर अच्छी पकड़ बना सकें। लेकिन, बहुत तेज बारिश में ज़्यादा पानी इन खांचों को भर देता है, जिससे गाड़ी फिसलने का खतरा बढ़ जाता है।
टायर डिजाइन: गाड़ी चलाते समय बारिश में फिसलन से बचाने के लिए टायर बनाने वाली कंपनियां नये-नये डिज़ाइन बनाती हैं। इसमें टायरों पर डिजाइन के तौर पर खांचे बनाएं जाते हैं। ये खांचें टायर और सड़क के बीच जमा पानी को हटाने का काम करते हैं।

जाहिर सी बात है कि टायर पर बने खांचे जितना ज्यादा गहरा होगा, उतना ही जल्दी पानी निकलेगा और गाड़ी सड़क पर अच्छी पकड़ बना सकेगी। जिससे गाड़ी के फिसलने का खतरा कम हो जायेगा।
अगर देखें तो टायर घिसने से उनके ऊपर बने परत (खांचे) पतले हो जाते हैं, जिससे पानी निकालने की उनकी क्षमताएं कम कारगर हो जाती हैं। इस लिए ये ज़रूरी है कि टायरों में खांचे की गहराई सही हो, जो कि लगभग 3 मिलीमीटर होनी चाहिए।
अगर टायरों पर बने खांचे बहुत घिस चुकी है, तो वे पानी को तेज़ी से नहीं निकाल पाएंगे, जिससे गाड़ी के फीसलने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए नियमित रूप से टायरों की जांच करवाते रहें।
बारिश में टायर के फिसलने के अलावा संभावित डर: बारिश में सिर्फ टायरों के फीसलने का खतरा ही नहीं होता है। बल्कि बारिश में टायरों के लिए मलबा भी बड़ा खतरा है। लंबे समय बाद हुई पहली बारिश में संभलकर चलें, क्योंकि उस वक्त सड़क पर मलबा ज्यादा रहता है।
गीली सड़कों पर गड्ढों या अन्य चीजों को देखना मुश्किल होता है और टायर में कील या कांच जैसी नुकीली चीजें चुभने का खतरा रहता है, जिससे टायर पंचर हो सकता है। इसलिए बारिश में गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतें और सड़क पर दिखाई दे रहें खतरनाक सामान के ऊपर से गुजरने से बचें।
बारिश में गाड़ी के टायरों का ख्याल रखें: बारिश में टायरों के पंचर होने का खतरा कम करने के लिए गाड़ी चलाते समय बीच की लेन में चलने की कोशिश करें, जहां कम कचरा जमा होता है।
सड़क पर जमा पानी टायरों को घिसा सकता है। घिसावट से गाड़ी चलाना खतरनाक हो सकता है। ज्यादा पानी टायरों के रबर को भी खराब कर सकता है, जिससे फटने का खतरा रहता है।
इसके अलावा, भारी बारिश में तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने से गाड़ी सड़क से फिसल सकती है, जिससे दुर्घटना हो सकती है। फिसलन से बचने के लिए बारिश में धीमी गति से गाड़ी चलाएं, इससे ब्रेक लगाने का समय मिलता है।
टायरों में किसी भी तरह की खराबी के लिए गाड़ी के टायरों को नियमित रूप से चेक करते रहना चाहिए। गाड़ी के टायरों में हवा का सही प्रेशर होना चाहिए और जितना हो सके पानी में गाड़ी चलाने से बचना चाहिए।
ड्राइवस्पार्क की राय: बारिश में गाड़ी चलाते वक्त सावधानी बहुत ज़रूरी है। बारिश में गाड़ी चलाते समय धीमे चलें, आगे वाली गाड़ी से ज़्यादा दूरी बनाए रखें, और गाड़ी के टायरों को अच्छी हालत में रखें ताकि वो बारिश की चुनौती का सामना कर सकें।


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