कैसे करें सही ड्राइविंग स्कूल का चुनाव
बेहतर कार ड्राइविंग स्कूल का चयन करना भी बेहद जरूरी होता है। आपके शहर या कस्बे में कई ऐसे ड्राइविंग स्कूल होंगे जिनका प्रचार आप अखबार, होर्डिंग आदि पर देखते होंगे।
ड्राइविंग एक खास हुनर होता है और ये हुनर बिना सीखे नहीं आता है। इसके लिए खास लगन और ध्यान की जरूरत होती है। कार ड्राइविंग जितनी आसान और रोमांचक दिखती है, दरअसल ये स्किल उतनी ही पेंचिदा होती है। एक समय था जब लोग अपने दोस्तों या फिर घर में किसी बड़े की मदद से ड्राइविंग सीखते थें। लेकिन अब समय बदल चुका है और ड्राइविंग के लिए भी बाकायदा स्कूल बन चुके हैं।

इन स्कूलों में न केवल आपको कार ड्राइविंग के गुण सिखाये जाते हैं बल्कि ट्रैफिक नियमों के बारे में भी बखूबी जानकारी दी जाती है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि पहले ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए कुछ खास मशक्कत नहीं करनी पड़ती थी लेकिन अब बिना टेस्ट के पास किये ड्राइविंग लाइसेंस का बनना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन सा है। तो यदि आप भी कार ड्राइविंग सीखने के लिए किसी स्कूल को ज्वाइन करना चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए ही है।

बेहतर कार ड्राइविंग स्कूल का चयन करना भी बेहद जरूरी होता है। आपके शहर या कस्बे में कई ऐसे ड्राइविंग स्कूल होंगे जिनका प्रचार आप अखबार, होर्डिंग आदि पर देखते होंगे। लेकिन इन स्कूलों में से सही स्कूल का चयन करना भी टेढ़ी खीर है। आज हम आपको अपने इस लेख में कुछ जरूरी टिप्स देंगे जिनकी मदद से आप सही स्कूल का चयन कर सकते हैं।

प्रचार ही नहीं रिव्यू पर भी दे ध्यान:
आपके इलाके में बहुत से स्कूल हो सकते हैं जैसा हमने आपको पूर्व में बताया कि, वो प्रचार प्रसार भी जोरों से करते हैं। इसलिए उनके बारे में अपनी राय बनाने से पहले दूसरों की राय को भी जानना बहुत जरूरी होता है। किसी एक स्कूल को ज्वाइन करने से पहले उसके बारे में अपने दोस्तों, हितैषियों या फिर उस स्कूल से ट्रेनिंग ले चुके किसी व्यक्ति से स्कूल के बारे में पूछताछ करें। मसलन, स्कूल में ट्रेंनिग का स्तर क्या है, फीस, टाइमिंग और ड्राइविंग ट्रेनर के बारे में जरूर पूछें।

ड्राइविंग स्कूल विजिट करें:
अपने नजदीकी स्कूलों को विजिट करें और देखें कि सभी ड्राइविंग स्कूलों में क्या समानतायें और भिन्नता है। इससे आपको सही स्कूल का चयन करने में खासी मदद मिलेगी। स्कूल का स्टॉफ, माहौल और ट्रेनर से भी मिलकर बात करें। इस दौरान देखें कि, स्कूल द्वारा प्रदान किये जाने वाली गाड़ियों की कंडीशन आदि क्या है।

ड्राइविंग के अलावा अन्य सुविधाओं पर भी एक नजर:
आज कल ज्यादातर ड्राइविंग स्कूल ट्रेनिंग के साथ साथ ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का भी काम करते हैं। जिसके लिए वो आपको अलग फीस चार्ज करते हैं। कुछ ड्राइविंग स्कूल आपको कम से कम समय में ही ड्राइविंग लाइसेंस मुहैया कराने का दावा करेंगे। लेकिन ऐसी फिजुल की बातों पर विश्वास न करें। ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान करना एक सरकारी प्रक्रिया है और इसमें जितना समय लगना होगा उतना ही समय लगेगा। धीमें धीमें प्रशासनिक स्तर पर भी तेजी से विकास और बदलाव हो रहे हैं। तो यदि आपको सबकुछ दुरहूस्त लगे तो आप भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। लेकिन इस दौरान बात चीत कर के सभी बिंदुओं को स्पष्ट कर लें।

स्कूल के पास सर्टिफिकेट:
इन सब बातों के अलावा इस बात की भी तस्दीक कर लें कि क्या स्कूल के पास सरकार की तरफ से ड्राइविंग स्कूल चलाने का लाइसेंस है। क्या स्कूल के पास ड्राइविंग ट्रेनिंग देने का सर्टिफिकेट है। यदि इन बातों की तस्दीक हो जाये तभी स्कूल ज्वाइन करने का मन बनायें।

फीस और ट्रेनिंग सिस्टम पर विचार:
आप अपने इलाके के दो तीन स्कूलों का विजिट करें और उनसे उनके प्रोग्राम और फीस के बारे में पूछें। इस दौरान किसी प्रकार के छूट की भी बात जरूर करें। सभी स्कूलों के फीस की परस्पर तुलना करें और फिर अपने बजट के अनुसार किसी एक का चुनाव करें। हालांकि ज्यादातर स्कूलों की फीस एक समान ही होती है लेकिन कुछ ऐसे भी स्कूल होते हैं जो बेहतर सुविधाओं के चलते अपनी फीस उंची रखते हैं। इसके अलावा इस बात पर भी गौर करें कि कौन सा स्कूल आपके घर के नजदीक है जहां पर पहुंचने में आपको ज्यादा समय न गवाना पड़े।

ट्रेनर से करें बात और चुने अनुभवी ट्रेनर:
ड्राइविंग स्कूलों में बहुत से ट्रेनर होते हैं और उनमें से सही ट्रेनर का चुनाव करना भी बेहद जरूरी होता है। ज्यादातर ट्रेनर आपको अपने विश्वास में लेने की कोशिश करते हैं और कम समय में ड्राइविंग सीखाने का दावा करते हैं। ऐसे ट्रेनरों से सावधान रहें क्योंकि ड्राइविंग वो स्किल है जो समय के साथ और भी मजबूत होती जाती है। इसलिए कैलेंडर की तारीखों में न फंस कर बेहतर ट्रेनर का चुनाव करें जो आपको पूरा समय दे और साथ ही उसके पास भी बेहतर अनुभव हो। ट्रेनर से ये जरूर पूछें कि वो कितने वर्षों से ड्राइविंग कर रहा है या फिर इस क्षेत्र में उसका कितने वर्षों का अनुभव है।

वाहनों के कंडीशन पर करें गौर:
सबसे आखिरी लेकिन बेहद ही जरूरी तफ्शीश है ये, स्कूल में ट्रेनिंग के लिए रखे गये वाहनों की भी जांच कर लें। हालांकि आपको वाहनों के बारे में बहुत ज्यादा अनुभव नहीं होगा लेकिन आप वाहनों को देखकर उसके कंडीशन का अंदाजा लगा सकते हैं। शुरूआत के लिए हैचबैक कार का चुनाव करें गलती से भी बड़े वाहन से ट्रेनिंग न शुरू करें। जिन वाहनों की कंडीशन अच्छी हो उसी से ट्रेनिंग लें।


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