जल्दी-जल्दी बदलवाना पड़ रहा इंजन ऑयल? इन बातों का रखेंगे ख्याल तो होगा फायदा
शरीर में जितना जरूरी खून होता है उतना ही वाहन में अच्छे इंजन ऑयल का होना जरूरी है। इंजन ऑयल के बिना किसी भी वाहन को चलाना नामुमकिन है। दरअसल जब हम किसी वाहन को चलाते हैं तो मोटर के अंदर का तापमान 120 डिग्री तक पहुंच जाता है, ऐसी स्थिति में इंजन ऑयल पार्ट्स को किसी भी तरह के टूट-फूट से बचाने का काम करता है। वाहनों में गलत इंजन ऑयल को चुनने से खराब परिणाम हो सकते हैं। इसलिए, यह जानना बहुत जरूर है कि कार के लिए सबसे अच्छा इंजन ऑयल कैसे चुनें, तो चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

ऐसे चुनें सही इंजन ऑयल
1. एपीआई स्टैंडर्ड (एसएल, एसएम, एसएन, या एसजे)
इसे अमेरिकी पेट्रोलियम संस्थान ने मोटर के ऑयलों के परफॉर्मेंस के आधार पर उनका वर्गीकृत किया है। आपको वाहन के साथ दिए मैनुअल में अपने एपीआई स्टैंडर्ड के बारे में जानने के बाद ही उस हिसाब से ऑयल डलाना चाहिए।

2. चिपचिपापन ग्रेड (Viscosity Grade)
विसोसिटी ग्रेड या चिपचिपापन ग्रेड से पता चलता है कि इंजन ऑयल कितना पतला है और उसमें तनाव सहने की क्षमता का पता चलता है। पतले इंजन का ऑयल सर्दियों के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन गर्मियों के लिए उच्च ग्रेड के इंजन ऑयल का उपयोग करने के लिए कहा जाता है। यही कारण है कि प्रदर्शन कारों, जिनके इंजन अक्सर बहुत अधिक तापमान पर काम करते हैं, उच्च चिपचिपाहट वाले ऑयल के साथ आते हैं।

इंजन ऑयल की चिपचिपाहट दो संख्याओं के एक सेट के माध्यम से निर्धारित की जाती है, उदाहरण के लिए- 10W-30, 0W-40 या 15W-40, या 5W-30 हैं। मान लीजिए यदि किसी इंजन ऑयल का ग्रेड 5W-30 का है, तो इसका मतलब है कि इसकी कोल्ड स्टार्ट की चिपचिपाहट ग्रेड 5W है।

0W-40 ग्रेड का एक इंजन ऑयल से बहुत ज्यादा ठंड इलाके में भी वाहन के सभी भागों में फैलने के लिए पर्याप्त पतला होता है। वहीं 10W-30 वाले ऑयल ग्रेड आमतौर पर उन जगहों में उपयोग किए जाते हैं जहां थोड़ा बहुत ठंड होती है। 5W-30 ग्रेड का इंजन ऑयल, उच्च तापमान के लिए होता है। यहां 5W चिपचिपाहट को दर्शाता है, जबकि '30' 100 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर ऑयल की मोटाई निर्धारित करता है।

3. ACEA रेटिंग
इंजन ऑयल की ACEA रेटिंग इसकी लुब्रिकेंट रेटिंग होती है। ACEA रेटिंग के कुछ उदाहरणों में A5/B5, A3/B4 जैसी रेटिंग शामिल शामिल हैं। इन रेटिंग को ऑयल के गाढ़े होने, ऑक्सीडेटिव मोटा होने और ईंधन की कितनी बचत करेंगे इस तरह के मापदंडों का उपयोग करके दी जाती है। विशेष रूप से डीजल इंजन वाले वाहनों के लिए इंजन ऑयल चुनते समय ACEA रेटिंग को ध्यान में रखना काफी जरूरी है।

अब इंजन ऑयल के प्रकार की बात करते हैं
1. खनिज ऑयल (Mineral Oil)
खनिज ऑयल इंजन ऑयल का सबसे सरल और कच्चा रूप है। यह सस्ता भी होता है। यह आमतौर पर सामान्य इंजनों में उपयोग किया जाता है। इसमें कम से कम लुब्रिक्रेंट होते हैं। फिर भी अच्छा काम करता है। इस ऑयल को जल्दी-जल्दी बदलने की जरूरत होती है। इसके एक लीटर की कीमत 300 रुपये तक होती है।

2. सेमी-सिंथेटिक इंजन ऑयल
सेमी-सिंथेटिक इंजन ऑयल, सिंथेटिक इंजन ऑयल और मिनरल ऑयल का मिश्रण होता है। इस वजह से, इसकी कीमत खनिज ऑयल से अधिक है, फिर भी यह सिंथेटिक इंजन ऑयल से अधिक किफायती है। वे अभी भी सिंथेटिक इंजन ऑयलों के स्नेहन और सुरक्षा स्तर की पेशकश नहीं करते हैं लेकिन नियमित खनिज ऑयल से बेहतर हैं।

3. सिंथेटिक इंजन ऑयल
सिंथेटिक इंजन ऑयल सबसे अच्छा ऑयल माना जाता है। यह इंजन को सबसे ज्यादा सुरक्षा प्रदान करता है और पूरी तरह से टेस्टिंग और रिसर्च के बाद तैयार किया जाता है। इनमें अशुद्धियां कम होती हैं, जिसके कारण इन्हें जल्दी-जल्दी बदलवाने की जरूरत नहीं होती है। इसमें ज्यादा से ज्यादा गर्मी झेल सकता है। बता दें कि सिंथेटिक इंजन ऑयल पुराने वाहनों के लिए उपयुक्त नहीं है।


Click it and Unblock the Notifications








