पीली नंबर प्लेट को व्हाइट में बदलना है, तो अपनाएं ये तरीका; मात्र इतने पैसों में हो जाएगा काम
How To Change Commercial Vehicle To Private Car: कमर्शियल वाहन, जैसे- टैक्सी, उबर या ओला में इस्तेमाल होने वाली कारें, अक्सर पीले नंबर प्लेट के साथ रजिस्टर्ड होती हैं। इन्हें प्राइवेट यूज के लिए सफेद नंबर प्लेट में बदलना संभव है। ये प्रक्रिया भारत में रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (आरटीओ) के माध्यम से की जाती है।
कई लोग सेकंड-हैंड कमर्शियल वाहन खरीदकर उन्हें प्राइवेट में कन्वर्ट करना चाहते हैं, क्योंकि पीले नंबर प्लेट वाली गाड़ियों को ज्यादा टैक्स देना होता है। अगर आप भी कमर्शियल नंबर प्लेट वाली कार को व्हाइट नंबर प्लेट में बदलना चाहते हैं, तो हम हमारा ये आर्टिकल आपकी मदद करेगा।

नंबर प्लेट बदलना क्यों जरूरी?
अगर आप कमर्शियल वाहन को पर्सनल यूज के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो रजिस्ट्रेशन बदलना अनिवार्य है। अन्यथा, इंश्योरेंस क्लेम या लीगल मामलों में आप फंस सकते हैं। इस प्रक्रिया में समय लग सकता है। आमतौर पर 7-15 दिन में ये काम हो जाता है और फीस राज्य के हिसाब से अलग-अलग होती है। आइए, नंबर प्लेट बदलने का प्रोसेस जान लेते हैं-
1. कमर्शियल परमिट कैंसिलेशन के लिए आवेदन दें
सबसे पहला कदम है कमर्शियल परमिट (जो स्टेट या नेशनल हो सकता है) को कैंसल करवाना। इसके लिए अपने लोकल आरटीओ में जाएं या ऑनलाइन वाहन पोर्टल (vahan.parivahan.gov.in) पर लॉगिन करें। एक आवेदन पत्र लिखें, जिसमें कैंसिलेशन का कारण बताएं (जैसे, अब प्राइवेट यूज के लिए)।
साथ में आरटीओ फॉर्म ACC (Application for Surrender of Permit and Clearance Certificate) भरें। ये फॉर्म परमिट सरेंडर करने के लिए है। अगर वाहन लोन पर है, तो बैंक से एनओसी लें। ऑनलाइन तरीके VAHAN पोर्टल पर "Vehicle Related Services" चुनें, रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और "Convert Vehicle from Commercial to Private" ऑप्शन सिलेक्ट करें। ये स्टेप महत्वपूर्ण है, क्योंकि बिना परमिट कैंसिलेशन के आगे नहीं बढ़ सकते।
2. परमिट कैंसिलेशन सर्टिफिकेट और एनओसी प्राप्त करें
आवेदन जमा करने के बाद, आरटीओ परमिट कैंसल करेगा और एक कैंसिलेशन सर्टिफिकेट जारी करेगा। साथ में नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) मिलेगा, जो ये प्रमाणित करता है कि कोई बकाया नहीं है। अगर वाहन दूसरे राज्य से है, तो ओरिजिनल आरटीओ से एनओसी लें। इस स्टेप में वाहन की फिजिकल इंस्पेक्शन हो सकती है। समय लग सकता है, लेकिन ऑनलाइन ट्रैकिंग उपलब्ध है। एनओसी के बिना री-रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।
3. री-रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन दें
एनओसी और कैंसिलेशन सर्टिफिकेट मिलने के बाद, प्राइवेट रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करें। आरटीओ में फॉर्म 20 (रजिस्ट्रेशन के लिए) भरें। रोड टैक्स जमा करें, जो वाहन की इनवॉयस वैल्यू पर आधारित होता है। अगर वाहन पर हाइपोथेकेशन है, तो फॉर्म 35 जमा करें।
ऑनलाइन VAHAN पोर्टल पर ये काम करना और आसान है आपको ये स्टेप फॉलो करने हैं- लॉगिन करें, सर्विस चुनें, डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और फीस भर दें। पेमेंट के बाद, नई RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) जारी होगी, जिसमें प्राइवेट स्टेटस होगा। नंबर प्लेट बदलकर सफेद करवाएं।
जरूरी डॉक्यूमेंट्स
वाहन की नंबर प्लेट को बदलने के लिए आपके पास कुछ दस्तावेज होना बहुत जरूरी है, जो इस प्रकार हैं-
- ओरिजिनल आरसी की कॉपी।
- इंश्योरेंस पॉलिसी।
- आईडी प्रूफ (आधार, वोटर आईडी), एड्रेस प्रूफ और पैन कार्ड।
- बैंक एनओसी (अगर लोन है)।
- परमिट कैंसिलेशन सर्टिफिकेट और एनओसी।
- फॉर्म ACC, फॉर्म 20, फॉर्म 35 (यदि लागू)।
- फोटोग्राफ्स और इनवॉयस (एक्साइज ड्यूटी पेमेंट प्रूफ)।
- अंग सेकंड-हैंड है, तो सेलर से ट्रांसफर डॉक्यूमेंट्स।
फीस और खर्च
फीस राज्य पर निर्भर है। रोड टैक्स वाहन की कीमत का 4-10% हो सकता है। रजिस्ट्रेशन फीस 500-2000 रुपये और अन्य चार्जेस जैसे स्मार्ट कार्ड फीस। महाराष्ट्र, दिल्ली और अलग-अलग राज्यों में रेट्स कम ज्यादा हो सकते हैं। छोटी गाड़ियों पर कुल खर्च 10,000 से 50,000 रुपये तक आ सकता है। सटीक जानकारी के लिए आपको संबंधित आरटीओ से पता करना होगा।
बोनस टिप: अगर आपके पास डॉक्यूमेंट्स पूरे हैं, तो यह प्रोसेस काफी सरल है। पीली नंबर प्लेट लेने के बाद आप गाड़ी से किसी तरह की कमर्शियल एक्टिविटी नहीं कर सकेंगे। अगर आपके राज्य में स्पेसिफिक बदलाव हैं, तो लोकल आरटीओ से कन्फर्म करें उसके बाद ही कोई फैसला लें।


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