जानिए: ड्राइव पर जाने से पहले कार को गर्म करना जरूरी है या नहीं?
आज हम आपको बतायेंगे कि, क्या होगा जब आप अपनी चलती हुई कार के बीच में रिवर्स गियर का प्रयोग करेंगे।
कार ड्राइविंग न केवल एक जरूरत होती है बल्कि इसके लिए एक खास स्कील की भी जरूरत है। ज्यादातर देखा जाता है कि, लोग लांग ड्राइव पर जाने से पहले कार को वॉर्म अप यानी की गर्म करते हैं ताकि ड्राइविंग के दौरान कार स्मूथ चले और किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। लेकिन क्या आप जानते हैं कि, ड्राइव पर जाने से पहले कार को कितनी देर तक वॉर्म अप करना चाहिए। यदि आप अब तक इस बात से अनजान हैं तो आज हम आपको बतायेंगे कि, आप कितनी देर तक अपनी कार को गर्म करें ताकि ड्राइविंग के दौरान आपको किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

ऐसा देखने को मिलता रहा है कि, कई कार चालक लंबे समय से कार को ड्राइव पर ले जाने से पहले उसे गर्म करना सही समझते हैं। लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि, क्या यह वास्तव में आवश्यक है? खैर, पहले की कारों मेंं कार्बोरेटर्स का प्रयोग किया जाता रहा है। इस वजह से कार चालकों के लिए ड्राइविंग से कुछ मिनट पहले अपने वाहन को गर्म करना महत्वपूर्ण हो जाता था। ऐसा इसलिए था क्योंकि इन कारों में मैनुअल चॉक केबल का इस्तेमाल किया गया था। इन केबलों को ड्राइविंग से पहले ठीक प्रकार से खींचने की जरूरत पड़ती थी। ताकि ड्राइविंग के समय आपकी कार सुचारू रुप से चल सके।

लेकिन आज के समय की आधुनिक कारों के साथ ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं है। जी हां, आज के समय में आॅटोमोबाइल तकनीकी में बहुत बदलाव आ चुके है। आज की मॉर्डन कारों को ड्राइव पर जाने से पहले वॉर्म अप यानी की गर्म करने की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि अब आज कल की कारें कूलेंड टेम्प्रेचर सेंसर के साथ बाजार में उतारी जा रही है।

इसके अलावा कारों में एयर प्रेसर सेंसर, एयर ट्रेंप्रेचर सेंसर और अन्य तकनीकियों को भी आज की मॉर्डन कारों में शामिल किया जा रहा है। आज के आधुनिक युग की कारों के मैकेनिज्म को इस प्रकार से तैयार किया गया है कि, जब आप कार को स्टॉर्ट करते हैं तो ये सभी सेंसर अपना काम शुरू कर देते हैं, और कार को जरूरी वॉर्म अप भी प्रदान करते हैं। इस तकनीकी को ओपेन लूप के नाम से भी जाना जाता है।

इस ओपेन लूप तकनीकी के दौरान कार गर्म हो जाता है और इस बीच, कार में प्रोग्राम किया गया मैकेनिज्म इंजन को प्रतिपूर्ति करने के लिए मजबूर करता है। एक बार ऐसा हो जाने के बाद, इंजन बंद लूप में प्रवेश करता है और वो गर्म हो जाता है। इना ही नहीं, यदि आप अपनी कार को कुछ देर के लिए बंद भी कर देते हैं तब भी आपके कार को गर्म करने की कोई जरूरत नहीं होती है। वाहन के स्टॉर्ट होते ही इंजन स्वयं ही खुद को गर्म करना शुरू कर देता है, ये सारी प्रक्रिया इतनी तेजी से होती है कि, कार चालक को इन सब बातों का पता भी नहीं चलता है।

निष्कर्ष:
उपर बताई गई बातों से आपको पता चल गया होगा कि, आपको अपनी कार को वॉर्म अप करने की जरूरत है या नहीं। ये प्रक्रिया कार की उम्र, मॉडल और स्थिती पर निर्भर करती है। यदि आपकी कार पुरानी मॉडल की है तो उसे आप ड्राइविंग से पहले गर्म कर सकते हैं लेकिन यदि आपकी कार नये मॉडल की है तो आपको ऐसा करने की कोई भी जरूरत नहीं है।

आपकी कार स्टॉर्ट होने के साथ ही खुद को वॉर्म अप कर लेती है। लेकिन एक बात जरूर याद रखें कि, कभी कभी ठंड के मौसम में ऐसा करना जरूरी भी हो जाता है लेकिन ठंड के समय कार को गर्म करने के लिए एक साथ ज्यादा एक्सलेटर का इस्तेमाल न करें।

इसके अलावा यदि सामान्य मौसम में और बेवजह आप अपनी कार को गर्म करते हैं तो ये नुकसानदेह हो सकता है। आप कभी भी अपनी कार को लंबे समय तक बंद न रखें। समय समय पर अपनी कार को ड्राइव करते रहें न हो तो कम से कम उसके इंजन को बीच बीच में स्टॉर्ट जरूर कर दिया करें। कयोंकि, लंबे समय से बंद पड़ी कार को जब आप दोबारा स्टॉर्ट करते हैं तो कई प्रकार की जहरीली गैस का रिसाव भी होता है जैसे कार्बन मोनोआॅक्साइड आदि। इसके अलावा इसका बुरा प्रभाव कार की परफार्मेंश और इंजन पर भी पड़ता है।

इसलिए समय समय पर आप अपनी कार को सड़क पर उतारते रहें और ड्राइव करते रहें। इससे कार के स्पेयर पार्ट्स की स्थिती भी सही रहती है। कार की सर्विसिंग भी तय समयानुसार कराते रहें। जब भी कार को गैराज में रखें उस वक्त कार को ढक कर रखें ताकि वो धूल मिट्टी से भी बची रहे।


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