हेल्मेट एक सुरक्षा कवच, कैसे चुने एक बेहतर हेल्मेट

आज हम आपकों बताएंगे कि एक बेहतर हेल्मेट की क्या विशेषता होती है और कैसे आप उसे चुन सकते है। हेल्मेट मुख्य रूप से सभी को पता होता है कि मजबमत होना चाहिए लेकिन कभी कभी बारिकी से जांच न करने पर लोग गलत हेल्मेट बाजार से खरीद लेते है जो कि बहत ही घातक साबित होता है। हेल्मेट जिस प्रकार से जब तक चालक के सिर पर होता तो एक सुरक्षा कवच होता है लेकिन यदि गुण्वत्ता में कमी हो तो वो आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है।
कैसे चुने बेहतर हेल्मेट:
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- हेल्मेट हमेशा ऐसा होना चाहिए जो कि आपके पुरे चेहरे को ढक सके, आजकल बाजारों में ऐसे बहुत से हेल्मेट है जो कि सिर्फ सिर को ढकते है ऐसे हेल्मेट देखने में तो लुभावने लगते है लेकिन हादसों के वक्त इनके होने और न होने में कोई फर्क नहीं होता है। ;
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- हेल्मेट की गुणवत्ता में सबसे पहली चीज उसकी मजबूती होती है। जो भी हेल्मेट खरीदे वो आईएसआई मार्क द्वारा प्रमाणित हो और उनकी मजबूती में कोई शक न हो। विशेषकर खरीदते समय उसके गारंटी आदी के बारे में पहले से ही जानकारी कर ले। ;
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- कभी भी कम पैसे खर्च करने के लालच में सस्ता हेल्मेट ने खरीदे आपका एक बार पैसा जीवन भर के लिए महंगा पड़ सकता है। ;
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- हेल्मेट एक विश्वासनीय वस्तु होती है तो उसे कभी भी राह चलते सड़क के किनारे आदी रखकर बेचने वालों से न खरीदे। ;
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- हेल्मेट ऐसा हो जो कि आपके सिर के साथ साथ आपके सामने के मुंह को भी पुरी तरह ढके, या तो डिटैचबल हेल्मेट हो जो कि आप जरूरत के अनुसार हाल्फ या फुल कर सके। ;
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- डिजायन और रंग के चक्कर में पड़ कर कई बार युवा अपने सुरक्षा के मानको की अनदेखी कर देते है और गलत हेल्मेट खरीद लेते है। ऐसा करने से बचे। ;
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- हेल्मेट दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात उसके सिसे होते है, अच्छी क्वालिटी के हेल्मेट के सीसे अच्छे होते है और लम्बे समय तक चलते है। वहीं सस्ते हेल्मेट के सीसे कुछ दिनों में ही घिर जाते है जो चालक को गाड़ी को चलाते समय परेशानी पैदा करते है।
- हेल्मेट के शीशे कभी भी डार्क कलर के नहीं लेने चाहिए, कोशिश करनी चाहिए की सीसे पारदर्शी हो या हल्के काले रंग के शेड के साथ हो। ;
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- हेल्मेट खरीदते समय उसकी पुरी जांच कर ले कि कहीं किसी तरह की ब्रेकेज इत्यादी न हो, विशेषकर सिर के अन्दर के भाग में जरूर देखें। ;
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- हेल्मेट की साईज भी ऐसी होनी चाहिए जो कि आपको आराम दे। कभी भी टाईट या बहुत ढिली हेल्मेट नहीं खरीदनी चाहिए। ;
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- हेल्मेट के बेल्ट में लगे हुए लाक स्विच भी चेक कर लेने चाहिए यह बहुत ही आवश्यक होता है। ;
हेल्मेट का प्रयोग:
जिस तरह एक बेहतर हेल्मेट का चुनाव करना जरूरी है उसी तरह हेल्मेट का ठिक ढंग से रख रखाव व उनका इस्तेमाल भी जरूरी है। हेल्मेट एक बहुत ही संवेदनशील वस्तु होती है। हेल्मेट कभी भी दूसरो को देने से बचना चाहिए यदि बहुत आवश्यक न हो तो साथ ही साथ दूसरों का हेल्मेट भी प्रयोग करने से बचाना चाहिए विशेषकर उन लोगों के जो लोग लम्बी यात्राए करते हो।
हेल्मेट हमारे सिर से बिलकुल चिपका रहता है और देर तक सिर पर लगाये रखने के बाद सिर में पसीना आदी होने से हेल्मेट में जिवाणु भी पनप सकते है। इसलिए दूसरों के हेल्मेट के प्रयोग से बचे। कोशिश करनी चाहिए की हेल्मेट पहने से पहले कोई रूमाल इत्यादी सिर में बांध ले जिससे की कम पसीना आदी वो कपड़े में सुख सके। इसके अलांवा कभी भी गीले सिर पर हेल्मेट नहीं पहना चाहिए। हेल्मेट सिर में सदैव थोड़ा ढिला रखना चाहिए जो आरामदायक हो।
हेल्मेट का रखरखाव:
हेल्मेट का रखरखाव भी ठिक ढंग से करना चाहिए। हेल्मेट के पुराने हो जाने पर हेल्मेट के अन्दर से विशेषकर गर्मी के मौसम में बदबू आने का डर रहता है। कम से कम महिने में एक बार हेल्मेट को धोना जरूर चाहिए। हेल्मेट को धोने के लिए शैम्पू का प्रयोग करना चाहिए और अन्दर के हिस्से में किसी जिवाणु नाशक जैसे कि डेटाल और सेवलान आदी का प्रयोग करना चाहिए।
इसके अलांवा हेल्मेट के उपरी हिस्से में कभी भी सर्फ आदी का प्रयोग नहीं करना चाहिए इससे हेल्मेट पर स्क्रेच पडने का डर रहता है। हेल्मेट को धूलने के बाद उसे धूप में ही सुखने के लिए रखें। पुरी तरह से सुखने के बाद ही हेल्मेट का दूबारा प्रयोग करें। हेल्मेट के सीसे पुराने हो जाने के बाद उस पर स्क्रेच पड़ जाते है समयानुसार उसे बदलते रहना चाहिए। रात के समय ये स्क्रेच खतरनाक साबित हो सकते है। हेल्मेट को कभी भी नमी वाले स्थानों पर नहीं रखना चाहिए।
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