सैकेंड हैंड कार, दस्तावेज और सौदेबाजी दोनो हैं महत्वपूर्ण

09- कार का विकल्प रखें: जैसा कि हमने आपको पूर्व में ही बता दिया है कि किसी एक कार को देखने से पहले एक और कार के मॉडल को अपने विकल्प के तौर पर जरूर रखें। आप अपने खुन पसीने की कमाई लगाकर एक कार खरीदने जा रहें है। तो इस मामले में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी न करें। एक कार को दखने के बाद दूसरे कार की भी इसी प्रकार जांच करे। उसके बाद दोनों कारों की आपस में फीचर्स, मॉडल, तकनीकी, इंजन, काग्जात, और कीमत की आपस में तुलना है। दोनों कारों के बारें में अपने हितैषी और मित्रों को भी बताऐं और उनकी राय जानें। उसके बाद ही कार को चुने।
10- कार की सौदेबाजी: किसी भी चीज को खरीदने में जो सबसे ज्यादा माइने रखता है वो होता है बेचने और खरीदने वाले की बीच होने वाली सौदेबाजी। सौदेबाजी का मतलब दोनो पक्ष उक्त वस्तु की कीमत के लिए आपस में जो लेन-देन की बात करतें है। हमेशा कीमत की शुरूआत कम से करें जितना कि आपका बजट है उससे कम कीमत से शुरूआत करें। सौदा करना भी एक खास कला होती है इसलिए किसी बेहतर हितैषी को भी साथ रखें, और लेने देन की बात करें। दोनो पक्षों की रजामंदी के बाद अब आप अपनी मनपसंद कार को अपना सकतें है।
11- पक्की करें डील: जब एक बार दोनों पक्षों के बीच सौदे और कार की बिक्री कीमत तय हो जाये तो अगला चरण होता कार की कीमत अदा करें। इस मामले में नकद पैसे देनें कि गलती न करें। भुगतान के लिए चेक, डीडी आदी को भी चुने इससे लेन-देन की पारदर्शिता बरकरार रहती है। खरीद-फरोख्त के लिए गारंटर अवश्य रखें और एक एग्रीमेंट पेपर जरूर बनवाऐं जो कि आपको किसी भी आपत स्थिती में आपका पूरा सहयोग करेगी।
नोट: इस तरह आप बहुत ही आसानी से इन सारी पहलूओ पर विचार कर एक शानदार कार को अपनी घर की शोभा बना सकतें है। साथ ही साथ एक सुरक्षित भविष्य को जन्म भी दे सकतें है। तो बस बने रहिए ड्राइव स्पार्क के साथ हम आपको ऐसे ही कई टीप्सों से अवगत करातें रहेंगे। इस लेख पर अपना विचार अवश्य दे, आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा कोई ऐसा बिन्दू जो आपके हिसाब से कहीं छूटा हो उसे भी सुझाऐं।


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