स्कूटर का माइलेज बढ़ाना है, तो अपनाएं ये रामबाण तरीका; पेट्रोल सूंघकर ही भरेगा फर्राटा
डेली कम्यूटिंग के लिए अभी भी Scooters सबसे बेहतर ऑप्शन माने जाते हैं। इन्हें आसानी से छोटे-मोटे और ट्रैफिक वाले रास्तों में दौड़ाया जा सकता है। अगर आपके पास एक स्कूटर है और आप चाहते हैं कि ये बेहतर माइलेज दे, तो नीचे दिए गए टिप्स फॉलो किए जा सकते हैं। इनकी मदद से स्कूटर की फ्यूल एफिशियंसी बढ़ सकती है।
रेगुलर मेंटेनेंस: स्कूटर को अच्छी स्थिति में रखने के लिए नियमित रखरखाव जरूरी है। स्कूटर को 2 हजार किलोमीटर चल जाने के बाद एयर फिल्टर की जांच करें और इसे जरूरत पड़ने पर बदलें, क्योंकि बंद फिल्टर इंजन की एफिशियंसी कम करता है। इसके अलावा, OEM द्वारा बताए गए स्पार्क प्लग का ही उपयोग करें, उसे भी 6000 से 8000 Km तक स्कूटर चल जाने के बाद बदल दें।

टायर प्रेशर मेंटेन रखें: कम हवा भरे टायर रोलिंग प्रतिरोध बढ़ाते हैं, जिससे इंजन को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। टायर का दबाव हर हफ्ते जांचें और OEM द्वारा बताए गए पीएसआई तक हवा भरें, जो टायर की साइडवॉल या मैनुअल में मिलता है। सही प्रेशर वाले टायर 3-5% तक फ्यूल एफिशियंसी बढ़ा सकते हैं।
अच्ची राइडिंग हैबिट: तेज स्पीड में स्कूटर चलाने और अचानक ब्रेक लगाने से फ्यूल बर्बाद होता है। थ्रॉटल को अच्छी तरह से नियंत्रित करें और धीरे-धीरे गति बढ़ाएं। 40-60 किमी प्रति घंटा की स्थिर गति बनाए रखने का प्रयास करें, ऐसा करने से माइलेज में सुधार होगा। रेड लाइट पर रुकते समय लंबे समय तक इंजन चालू न रखें।
अतिरिक्त वजन से बचें: वाहन पर डाला गया एक्स्ट्रा वेट स्कूटर की फ्यूल एफिशियंसी को कम करता है। इस समस्या से बचने के लिए अनावश्यक सामान या एक्सेसरीज हटा दें। बड़े बैग या ऐसी चीजें जो हवा का प्रतिरोध बढ़ाते हैं, उनका भी प्रयोग न ही करें। खराब क्वालिटी का फ्यूल भी एफिशियंसी कम करता है।
सही रूट चुनें: कम ट्रैफिक और कम रुकावट वाले मार्ग चुनें। पहाड़ी रास्तों से बचें, क्योंकि चढ़ाई में अधिक ईंधन लगता है। नेविगेशन ऐप्स से छोटे और सुगम रास्ते खोजे जा सकते हैं। साथ ही आप हल्के एलॉय व्हील जैसे पार्ट्स का भी उपयोग कर सकते हैं, लेकिन बड़े एग्जॉस्ट जैसे अपडेट से बचें, जो फ्यूल एफिशियंसी कम करते हैं।


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