कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक की पुलिस नहीं रोकेगी आपकी गाड़ी! बस ये वाला नंबर प्लेट लगा लीजिए
Bharat Series (BH) नंबर प्लेट खरीदना उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प है, जिनका ट्रांसफर नौकरी के कारण अलग-अलग राज्यों में होता रहता है। यह नंबर प्लेट पूरे देश में मान्य होती है और वाहन को नए राज्य में ले जाने के लिए इसे फिर से रजिस्टर नहीं कराने की जरूरत नहीं पड़ती है। आइए जानते हैं कि BH Series Number Plate पाने के लिए हमें क्या करना होगा?
BH Series Number Plate किसे मिलेगी: इस नंबर प्लेट को सभी कार मालिक नहीं खरीद सकते हैं। अगर आप केंद्र या राज्य सरकार के कर्मचारी, रक्षा कर्मी, बैंक कर्मचारी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) के कर्मचारी और प्राइवेट सेक्टर के ऐसे कर्मचारी हैं, जिनका ऑफिस कम से कम चार राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में हैं, तो आप बीएच नंबर खरीद सकते हैं।

अप्लाई करने का प्रोसेस: बीएच नंबर प्लेट के लिए आवेदन ऑनलाइन या डीलरशिप के माध्यम से किया जा सकता है। आइए इन दोनों प्रोसेस के बारे में एक-एक करके जान लेते हैं-
डीलरशिप प्रोसेस: नया वाहन खरीदते समय डीलर से BH सीरीज के लिए आवेदन करने का अनुरोध करें। डीलर वाहन पोर्टल पर आपके लिए फॉर्म 20 भर देगा। गाड़ी लेने के कुछ समय बाद ही आपके पास BH Number Plate आ जाएगा, तब तक आपको टेंपरेरी नंबर के साथ गाड़ी चलानी होगी।
ऑनलाइन प्रोसेस: मौजूदा वाहन मालिक परिवहन मंत्रालय के वाहन पोर्टल (https://parivahan.gov.in/) पर लॉग इन करें। इसके बाद "Vehicle Related Services" चुनें, अपने राज्य और RTO का चयन करें और फॉर्म 20 में आवश्यक विवरण भरें।
डॉक्यूमेंट अपलोड करें: आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, फॉर्म 60 (प्राइवेट ऑर्गनाइजेशन के लिए), वर्क सर्टिफिकेट और व्हीकल इंश्योरेंस सर्टिफिकेट जैसे जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
शुल्क भुगतान करें: वाहन की कीमत के आधार पर रोड टैक्स (8%-12%) और पंजीकरण शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें। आपको बता दें कि डीजल वाहनों पर 2% अतिरिक्त शुल्क और इलेक्ट्रिक वाहनों पर 2% छूट लागू होती है।
RTO अप्रूवल: क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) आपके डॉक्यूमेंट्स की जांच करेगा और BH सीरीज नंबर जारी करेगा। BH नंबर प्लेट मिलने के बाद री-रजिस्ट्रेशन की परेशानी खत्म हो जाएगी। इसके साथ समय और कागजी कार्यवाही की बचत भी होगी।
रोड टैक्स: बीएच नंबर वाली गाड़ियों का रोड टैक्स हर दो साल में भरा जाता है, जो 14 साल तक मान्य है। इसके बाद वार्षिक आधार पर आधा टैक्स लागू होता है। ऐसे में BH नंबर प्लेट उन लोगों के लिए परफेक्ट ऑप्शन बन जाता है, जो अपनी नौकरी के कारण बार-बार राज्य बदलते हैं।


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