आंधी-पानी में खराब हो गई कार, तो कर लीजिए ये 7 जरूरी काम; नुकसान का पूरा पैसा लौटाएगी बीमा कंपनी!
भारत में मानसून के दौरान बाढ़ एक आम समस्या है, जो वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। कभी-कभी तो बेमौसम बरसात भी गाड़ियों के लिए बड़ी समस्या बनकर उभरती है। हाल ही में बेंगलुरु में ऐसा देखने को मिला है। देश की हाईटेक सिटी के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। इस दौरान लोगों की गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा है।
अगर ऐसे में आपकी कार बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गई है, तो इंश्योरेंस क्लेम दर्ज करना एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रक्रिया जटिल लग सकती है, लेकिन सही जानकारी और कदमों के साथ आप इसे आसानी से पूरा कर सकते हैं। हम आपके लिए Car Insurance क्लेम करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस लेकर आए हैं। आइए इस पर नजर डालते हैं।

1. बीमा पॉलिसी की जांच करें: सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपकी कार बीमा पॉलिसी में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कवर करने का प्रावधान है। भारत में केवल कॉम्प्रिहेंसिव कार इंश्योरेंस पॉलिसी ही प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप और चक्रवात से होने वाले नुकसान को कवर करती है।
थर्ड-पार्टी बीमा पॉलिसी बाढ़ से हुए नुकसान को कवर नहीं करती है। अपनी पॉलिसी के दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि आपके पास आवश्यक कवरेज है। यदि आपके पास इंजन प्रोटेक्शन या रोडसाइड असिस्टेंस जैसे ऐड-ऑन कवर हैं, तो ये दावा प्रक्रिया में अतिरिक्त लाभ प्रदान कर सकते हैं।
2. नुकसान का डॉक्यूमेंटेशन: बाढ़ से प्रभावित कार का क्लेम दर्ज करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम है क्षति का दस्तावेजीकरण करना। जैसे ही आपकी कार बाढ़ में क्षतिग्रस्त होती है, तो उसकी फोटो और वीडियो लें। कार के सभी प्रभावित हिस्सों की स्पष्ट तस्वीरें और वीडियो लें। इसमें इंजन, इंटीरियर, अपहोल्स्ट्री और इलेक्ट्रिकल सिस्टम शामिल है।
ये दस्तावेज बीमा कंपनी को क्षति का आकलन करने में मदद करेंगे। इसके अलावा, नुकसान का विवरण नोट करें। इसमें क्षति के स्थान, समय और परिस्थितियों का विस्तृत विवरण लिखें। यह जानकारी क्लेम फॉर्म में उपयोगी होगी। अगर कार पानी में डूबी है, तो इसे स्टॉर्ट करने की कोशिश न करें।
3. बीमा कंपनी को तुरंत सूचित करें: क्षति होने के बाद जितनी जल्दी हो सके अपनी बीमा कंपनी को सूचित करें। देरी करने पर क्लेम प्रोसेस करने में थोड़ी मुश्किल हो सकती है। इसके लिए आप बीमा पॉलिसी पर दिए गए टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
कई बीमा कंपनियां ऑनलाइन दावा फॉर्म या मोबाइल ऐप प्रदान करती हैं, इनकी भी मदद ली जा सकती है। इसके अलावा आप घटना का विवरण और फोटो ईमेल के माध्यम से भेज सकते हैं। संपर्क करते समय पॉलिसी नंबर, कार का रजिस्ट्रेशन नंबर और क्षति का संक्षिप्त विवरण प्रदान करें। बीमा कंपनी आपको एक क्लेम रेफरेंस नंबर देगी, जो आगे काम आएगा।
4. FIR दर्ज करें (यदि आवश्यक हो): अगर कार बाढ़ में बह गई है या चोरी का संदेह है, तो स्थानीय पुलिस स्टेशन में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करें। यह दस्तावेज विशेष रूप से तब आवश्यक होता है, जब कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो या गायब हो। FIR की कॉपी बीमा कंपनी को जमा करनी होगी।
5. आवश्यक दस्तावेज जमा करें: क्लेम प्रोसेस पूरा करने के लिए कई डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ती है। इसमें बीमा पॉलिसी की कॉपी, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), ड्राइविंग लाइसेंस, FIR की कॉपी, क्षति के फोटो/वीडियो, क्लेम फॉर्म और रिपेयर बिल (यदि लागू हो) जैसे डॉक्यूमेंट शामिल हैं।
6. सर्वेयर का निरीक्षण: बीमा कंपनी एक सर्वेयर नियुक्त करेगी, जो आपकी कार का निरीक्षण करेगा और क्षति का आकलन करेगा। सर्वेयर के साथ सहयोग करें और उन्हें क्षति का पूरा विवरण प्रदान करें। यदि आपके कोई प्रश्न या चिंताएं हैं, तो उन्हें सर्वेयर के सामने रखें। सर्वेयर की रिपोर्ट के आधार पर बीमा कंपनी क्लेम अमाउंट निर्धारित करेगी।
7. मरम्मत और भुगतान: दावा स्वीकृत होने के बाद आप कार की मरम्मत करा सकते हैं। बीमा कंपनी दो प्रकार से क्लेम प्रोसेस करती हैं। इसमें पहला कैशलेस और दूसरा रिइंबर्समेंट है। अगर आप बीमा कंपनी के नेटवर्क गैरेज में मरम्मत कराते हैं, तो कंपनी सीधे गैरेज को भुगतान करेगी।
अगर आप किसी अन्य गैरेज में मरम्मत कराते हैं, तो आपको पहले मरम्मत का खर्च वहन करना होगा। बाद में बिल और रसीद जमा करने पर बीमा कंपनी आपको प्रतिपूर्ति करेगी। इन आासान स्टेप्स की मदद से आप गाड़ी का बीमा क्लेम कर सकेंगे।


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