बाइक चलाते समय हमेशा अपने पास रखें ये 5 डॉक्यूमेंट, नहीं तो लग सकता है हजारों रुपए का चूना! जानें डिटेल्स

बाइक चलाने के लिए जितना महत्वपूर्ण पेट्रोल है उतने ही जरूरी डॉक्यूमेंट भी है। घर से बाइक निकलने से पहले कुछ ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स को साथ रखना बेहद जरूरी है। हालांकि बहुत से लोग इसके बारे में नहीं जानते हैं। कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो इन डॉक्यूमेंट के बारे में जानते हुए इग्नोर करते हैं। हालांकि ऐसा करना आपके लिए नुकसानदाक हो सकता है।

जी हां, दस्तावेज नहीं होने पर पुलिस आपको जुर्माना लगा सकती है। इसके अलावा कुछ मामलों में कारावास का भी प्रावधान है। आइए इस आर्टिकल में आपको बाइक में हमेशा रखने जाने वाले जरूरी डॉक्यूमेंट्स के बारे में बताते हैं।

Essential Documents For Every Bike Rider

व्हीकल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट : मोटरसाइकिल को घर से निकालने से पहले बाइक के दस्तावेजों को चेक करना जरूरी है। मोटर वाहन अधिनियम 1988 के अनुसार, आपके पास बाइक का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, चालक का 2-व्हीलर ड्राइविंग लाइसेंस, 2-व्हीलर बीमा पॉलिसी होना जरूरी है।

इसके अलावा पॉल्यूशन सर्टिफिकेट भी बेहद जरूरी है। ये सभी जरूरी दस्तावेज 18 से 50 वर्ष की आयु के लोगों के लिए आवश्यक हैं। अगर आप 50 वर्ष से अधिक आयु के है, तो आपके पास मेडिकल सर्टिफिकेट भी होना चाहिए।

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इससे पुलिस को पता चल सकेगा कि संबंधित व्यक्ति मोटरसाइकिल चलाने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से फिट है या नहीं। ऐसा नहीं होने पर पुलिस आपके उपर जुर्माना लगा सकती है।

इंश्योरेंस पेपर: मोटर वाहन अधिनियम 1988 के अनुसार, भारतीय सड़कों पर चलने वाले सभी दोपहिया वाहनों के लिए इंश्योरेंस होना जरूरी है। कम से कम आपके पास थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होना काफी जरूरी है।

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इंश्योरेंस वैलिड होने पर ही अगर आपके दोपहिया वाहन को कोई क्षति पहुंचती है, तो आप मुआवजा के लिए क्लेम कर सकते हैं। पुलिस के पास बिना बीमा पॉलिसी वाली मोटरसाइकिलों पर जुर्माना लगाने और दोपहिया वाहन को जब्त करने का पावर है।

एक्सप्रेसवे पर न चलें: एक्सप्रेसवे और हाइवे में अंतर है। एक्सप्रेसवे सिर्फ 4-व्हीलर्स और भारी वाहनों के लिए है। भारत में केवल तीन एक्सप्रेसवे हैं, जहां दोपहिया वाहनों को अनुमति है। तीनों एक्सप्रेसवे उत्तरप्रदेश में है।

पीयूसी को समय-समय पर अपडेट करें: नए 2-व्हीलर का पीयूसी केवल 1 वर्ष के लिए वैलिड है। इसके बाद आपको समय-समय पर अपने बाइक या स्कूटर की PUC की जांच कराना चाहिए। इसे हर महीने में अपडेट कराने की आवश्यकता होती है।

कोई मॉडिफिकेशन नहीं कराएं: कारों की तरह, भारत में बाइकों को भी मॉडिफाइड कराने की अनुमति नहीं है। कुछ लोग बाइक का सालइेंसर बदल लेते हैं, तो वहीं कुछ लोग अलग-अलग तरह की लाइट्स लगवा लेते हैं।

इसके अलावा व्हील्स और टायरों को भी मॉडिफाइन कराना गैर-कानूनी है। आप सिर्फ अपनी बाइक के कलर में परिवर्तन कर सकते हैं। इसके लिए भी आपको मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत आरटीओ को सूचना देकर अनुमति लेनी होगी।

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Article Published On: Saturday, July 13, 2024, 11:00 [IST]
English summary
Essential documents for bike riding in india check details in hindi
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