चप्पल पहन कर चलाई कार तो होगा घातक
आज-कल कारें हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुकी हैं। निजी जिंदगी में कारों का दखल ऐसा है कि महिलायें भी इससे अछूती नहीं रह पाई हैं। जरूरत के अनुसार उन्हें भी सड़कों पर कारों से फर्राटा भरना पड़ता है। इसके अलावा कुछ ऐसी भी महिलायें है जिन्हें कार चलाने का शौक होता है।
लेकिन यदि आप भी कार चलाने की शौकीन हैं, तो आपको सजग हो जाना चाहिये। क्योंकि महिलाओं द्वारा कार चलाने के संबंध में एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। जी हां, ब्रिटेन की एक इंश्योरेंस कंपनी शिलाज वेल्स ने एक सर्वेक्षण के मुताबिक बताया है कि, महिला कार चालकों का ड्राइविंग के समय चप्पल पहनना घातक हो सकता है।

आपको बता दें कि, शिलाज वेल्स मुख्य रुप से इंश्योरेंस कंपनी है और यह महिलाओं के जीवनशैली से संबधित सर्वेक्षण की करती है। कंपनी द्वारा किये गये इस सर्वेक्षण के अलावा एक और मामला सामने आया है, जो कि और भी खतरनाक है। इस सर्वे के अनुसार लगभग 1.4 मीलियन सड़क दुर्घटनाओं के पिछे चप्पल की कारण पाया गया है।
कैसे कारण बनता है एक मामूली चप्प्ल:
आप सोच रहें होंगे कि भला एक चप्पल 1.4 मीलियन दुर्घटनाओं के पिछे कारण कैसे बन सकता है। आइये आपको बतातें हैं, दरअसल कार ड्राइविंग के दौरान अचानक एक्सलेटर और ब्रेक के प्रयोग करने के दौरान कई बार चप्पल पैडल में फंस जाता है। जिसके कारण हर क्रिया में लगभग 1 से 2 सेकेंड की देरी होती है।
इसके अलावा सर्वे के मुताबिक जब आप चप्पल पहन कर कार के एक्सलेटर या फिर ब्रेक को अप्लाई करते हैं। तो इससे उत्पन्न दबाव सामान्यत: जूते द्वारा अप्लाई किये बल के मुकाबले तीन गुना कम होता है। जिसके कारण आपको ज्यादा तेजी से पैडल पर दबाव बनाना पड़ता है।

चूकिं चप्पल आपके पैर से बिलकुल चिपका नहीं रहता है। जिसके कारण उनके पैडल पर फिस्लने के मौके ज्यादा होते हैं। सामान्यत: देखा जाता है कि कई बार लोगों के चप्पल पैडल में फंस जाते हैं। इसके अलावा कुछ महिला चालकों का यह भी मानना है कि वो जब चप्पल पहन कर ड्राइव करती हैं तो वो चप्पल को पैर से निकाल कर मैट पर छोड़ देती हैं। क्योंकि नंगे पैर एक्सलेटर और ब्रेक अनुभव उन्हें ज्यादा सहज लगता है।


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