कार से करना चाहते हैं पहाड़ी इलाकों का सफर? जानें किस तरह करें सुरक्षित ड्राइविंग
पहाड़ी इलाकों में ड्राइविंग करना मैदानी सडकों पर ड्राइविंग करने से काफी अलग होता है। मैदानी इलाकों में ड्राइविंग करने वाले लोग जब पहाड़ी इलाकों में जाते हैं तो ड्राइविंग करते समय अक्सर कुछ गलतियां कर बैठते हैं। ऐसे में अगर आप अपने परिवार या दोस्तों के साथ पहली बार किसी पहाड़ी सड़क पर ड्राइविंग करने निकल रहे हैं तो आपको कुछ बातों का खासा ध्यान रखना चाहिए। आइये डालते हैं एक नजर...

1. फुल टैंक भर लें ईंधन
अगर आप किसी पहाड़ी इलाके की ट्रिप पर जा रहे हैं सबसे पहली और जरूरी बात है कि आपकी गाड़ी में ईंधन फुल टैंक हो। खड़े रास्तों पर गाड़ी चलाते समय ज्यादा ईंधन की खपत होती है। इसके अलावा, पहाड़ों में आमतौर पर कम गैस स्टेशन होते हैं। ईंधन खत्म होने से आप पहाड़ी इलाके में फंस सकते हैं, इसलिए ऐसे ट्रिप पर निकलते समय ईंधन को फुल टैंक रखें। इसके अलावा, आप रास्ते पर मिलने वाले पेट्रोल पंप के बारे में भी जानकारी इकठ्ठा कर सकते हैं जिससे आप पेट्रोल खत्म होने की स्थिति से बच सकते हैं।

2. तेज स्पीड में न करें ड्राइविंग
पहाड़ी रास्तों में तेज ड्राइविंग दुर्घटना को न्योता दे सकता है। अगर आप पहाड़ी रास्तों में गाड़ी चलाने जा रहे हैं तो ध्यान रखें की ऐसी जगहों पर सड़कें काफी संकरी होती हैं। इन रास्तों में तेज ड्राइविंग करने पर आपको संभलने का भी मौका नहीं मिलेगा। पहाड़ी इलाकों पर सड़कें तीखी मुड़ती हैं। ऐसे में अगर आपकी कार तेज रफ्तार में होगी तो आप मोड़ ार नियंत्रण खो सकते हैं। इसलिए पहाड़ी रास्तों में ड्राइविंग करते समय स्पीड पर हमेशा ध्यान रखें।

3. हमेशा अपनी लेन में चलें
जैसा की हमें पहले बताया कि पहाड़ी सड़कें काफी संकरी होती हैं। ऐसे में आने-जाने वाली गाड़ियों को लेन बनाकर चलने की जरूरत होती है, ताकि वाहनों की आवाजाही बनी रहे। अगर आप लेन के नियम को तोड़ते हैं और या दूसरी गाड़ियों के रास्ते को बाधित करते हैं तो सड़क पर जाम लग सकता है। पहाड़ी रास्तों में ड्राइविंग करते समय लेन तोड़ने से सामने और पीछे से आने वाले वाहनों से टक्कर भी हो सकती है।

4. खतरे में डाल सकता है ओवरटेक
पहाड़ी रास्तों में ड्राइविंग के दौरान किसी भी तरह की जल्दबाजी आपको खतरे में डाल सकती है। ऐसे रास्तों में जगह कम होती है जिससे सामने की गाड़ी को ओवरटेक करना आसान नहीं होता। मैदानी रास्तों के मुकाबले पहाड़ी इलाकों में सड़कों दूर तक नहीं दिखती, ऐसे में सामने से आने वाली गाड़ियां बिलकुल नजदीक आ जाती हैं तब उनका पता चलता है। आप ओवरटेक तभी करें जब सामने वाली गाड़ी आपको ओवरटेक करने के लिए जगह दे।

5. इंजन के तापमान पर रखें नजर
चढ़ाई पर जाते समय, आपकी कार का इंजन ज्यादा आरपीएम पर चलता है जिससे लम्बे समय तक इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ता है। इंजन पर बढ़ा हुआ तनाव पावरट्रेन को तेजी से गर्म करने का कारण बन सकता है। इसलिए, तापमान गेज पर नजर रखना जरूरी है। ऐसा न करने पर इंजन सीज हो सकता है। कार के इंजन पर दबाव कम करने के लिए एयर कंडीशनर बंद करें और एक्सेलरेटर को बेवजह न दबाएं। अगर कार ज्यादा गर्म हो जाए तो तो किसी सुरक्षित स्थान पर उसे खड़ा कर इंजन के ठंडा होने का इंतजार कर सकते हैं।

6. बर्फ पड़े तो बरतें सावधानी
अगर आपकी कार 4X4 व्हील ड्राइव या ऑल-व्हील ड्राइव नहीं है तो आपको बर्फ की परत से ढकी सड़क पर ड्राइविंग नहीं करनी चाहिए। हालांकि अगर आप पहले से ड्राइविंग करने निकले हों और बर्फ पड़ने लगे तो आपको कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए। बर्फीले रास्ते फिसलन भरे होते हैं इसलिए आपको कम रफ्तार में ड्राइविंग करनी चाहिए। ऐसे में सामने वाली गाड़ी से हमेशा दूरी बनाकर चलने की कोशिश करनी चाहिए।

7. मुड़ते समय बजाएं हॉर्न
पहाड़ी रास्तों पर तीखे मोड़ होते हैं जिसके वजह से सामने से आने वाली गाड़ियां नहीं दिखतीं। ऐसे में अगर आप हॉर्न बजाएंगे तो सामने से आने वाली गाड़ी को आपकी जानकारी मिल जाएगी। ध्यान रखें की मोड़ पर मुड़ते समय आपकी कार की रफ्तार हमेशा कम रहे।


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