गाड़ी कर रही है ये इशारे, तो समझ जाइए अल्टरनेटर बदलने की है जरूरत

कार का अल्टरनेटर (Car Alternator) इंजन चलते समय बैटरी को चार्ज करता है और पूरे वाहन के इलेक्ट्रिकल सिस्टम (लाइट्स, एसी, म्यूजिक सिस्टम, पावर विंडो आदि) को बिजली सप्लाई करता है। अगर अल्टरनेटर खराब हो जाए, तो बैटरी बार-बार डिस्चार्ज हो जाती है और एक समय के बाद कार स्टार्ट ही नहीं होती है। आइए, इसे पहचानने और सुधारने के बारे में जानते हैं...

1. डैशबोर्ड पर बैटरी वार्निंग लाइट

सबसे आम और पहला संकेत यही है। डैशबोर्ड पर बैटरी का आइकन (लाल रंग) या "ALT" या "GEN" लिखी हुई लाइट जलने लगती है। ये लाइट बताती है कि अल्टरनेटर ठीक से चार्ज नहीं कर रहा है। हालांकि, कभी-कभी ये लाइट बैटरी या वायरिंग की समस्या से भी जल सकती है, इसलिए तुरंत चेक करवाएं।

Car Alternator

2. हेडलाइट्स और इंटीरियर लाइट्स डिम होना

इंजन चलाते समय अगर हेडलाइट्स, फॉग लैंप या डैशबोर्ड की लाइट्स अचानक डिम हो जाएं या RPM बढ़ाने पर ज्यादा चमकने लगें, तो समझिए अल्टरनेटर से सही वोल्टेज नहीं मिल रहा। रात में ड्राइव करते वक्त ये समस्या सबसे आसानी से दिखती है।

3. बैटरी बार-बार डिस्चार्ज होना

सुबह कार स्टार्ट करने पर बैटरी कमजोर लगे, जंप स्टार्ट करना पड़े या 2-3 दिन में ही बैटरी डाउन हो जाए, तो 90% मामलों में अल्टरनेटर की खराबी होता है। नई बैटरी डालने के बावजूद 15-20 दिन में फिर वही समस्या आए, तो सीधे अल्टरनेटर चेक करवाएं।

4. अजीब आवाजें आना (ग्रोलिंग, व्हाइनिंग, स्क्रीचिंग)

अल्टरनेटर के अंदर बेयरिंग खराब होने पर 'घर्र-घर्र' या 'सीटी' जैसी आवाज आती है। ये आवाज इंजन RPM बढ़ाने पर तेज हो जाती है। कभी-कभी बेल्ट लूज होने पर भी ऐसी आवाज आती है, लेकिन बेल्ट टाइट करने पर भी आवाज न रुके तो अल्टरनेटर अंदर से खराब है।

5. इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज में दिक्कत

एक्सेसरीज में दिक्कत होने पर भी अल्टरनेटेर खराब होने की आशंका रहती है। इसमें ये शामिल है-

  • पावर विंडो धीरे चलना
  • एसी कंप्रेसर बार-बार ऑन-ऑफ होना
  • म्यूजिक सिस्टम में आवाज कम-ज्यादा होना
  • इंडिकेटर लाइट तेजी से ब्लिंक करना

6. इंजन बेल्ट से जलने की बदबू

अल्टरनेटर का बेल्ट स्लिप कर रहा हो तो रबड़ जलने की तेज बदबू आती है। बोनेट खोलकर देखें, तो बेल्ट पर चमक या काले निशान दिखेंगे।

7. मल्टीमीटर से चेक करना (सबसे सटीक तरीका)

  • इंजन ऑफ करके बैटरी वोल्टेज चेक करें। सही अल्टरनेटेर में 12.4-12.7 वोल्ट होना चाहिए।
  • इंजन स्टार्ट करके 1500-2000 RPM पर वोल्टेज चेक करें। इसमें 13.8 से 14.8 वोल्ट तक होना चाहिए।
  • अगर वोल्टेज 13.5 से कम या 15 से ज्यादा है, तो अल्टरनेटर खराब है।
  • लाइट्स, एसी, वाइपर सब ऑन करके फिर चेक करें। वोल्टेज ड्रॉप न हो।

ऐसी स्थिति में मैकेनिक से मिलें

  • बैटरी लाइट लगातार जल रही हो
  • रात में लाइट्स बहुत डिम हों
  • हर 2-3 दिन में जंप स्टार्ट करना पड़ रहा हो
  • अजीब आवाज और बदबू दोनों आ रही हो

बचाव के उपाय

  • हर 40,000-50,000 किमी पर अल्टरनेटर बेल्ट चेक करवाएं।
  • बैटरी टर्मिनल हमेशा साफ रखें।
  • बार-बार शॉर्ट ड्राइव न करें, अल्टरनेटर को पूरा चार्ज करने का मौका मिलना चाहिए।

अल्टरनेटर की समय पर मरम्मत से आप 8,000-15,000 रुपये तक की नई अल्टरनेटर की कीमत और बार-बार बैटरी बदलने का खर्च बचा सकते हैं। जरा सी सतर्कता से बड़ी परेशानी टाली जा सकती है।

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Article Published On: Tuesday, November 11, 2025, 15:01 [IST]
English summary
Deal with car alternator problem signs and solutions in hindi
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