गाड़ी चलाते समय एकदम से हो गई दिक्कत? घबराएं नहीं, इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
How to Deal with a Roadside Emergency: भरतीय सड़कों पर गाड़ी खराब होना, टायर पंक्चर, ईंधन खत्म होना, एक्सीडेंट या मेडिकल इमरजेंसी जैसी समस्याएं आम हैं। सही तैयारी और शांत दिमाग से इनका सामना आसानी से किया जा सकता है। आइए, ऐसी स्थिति से निपटने का प्रोसेस जान लेते हैं...
1.शांत और सुरक्षित रहें
जब गाड़ी खराब हो या कोई इमरजेंसी हो, तो घबराएं नहीं। सबसे महत्वपूर्ण है खुद की और साथियों की सुरक्षा। अगर हाईवे पर हैं, तो गाड़ी को धीरे-धीरे लेफ्ट साइड (शोल्डर) पर ले जाएं। इसके लिए आप इमरजेंसी लेन का इस्तेमाल कर सकते हैं।

हेजर्ड लाइट्स (दोनों इंडिकेटर एक साथ) तुरंत ऑन करें और हैंडब्रेक लगा दें। ये अन्य ड्राइवरों को अलर्ट करेगा कि आपकी गाड़ी रुकी हुई है। रात में या कम विजिबिलिटी में रिफ्लेक्टिव ट्राएंगल को गाड़ी से 50-100 मीटर पीछे रखें। सभी यात्री गाड़ी से बाहर निकलें और सड़क से दूर, सुरक्षित जगह (गार्डरेल के बाहर) पर खड़े हों। गाड़ी में न रहें, क्योंकि पीछे से कोई वाहन टकरा सकता है।
मदद के लिए कॉल करें
भारत में एक ही इमरजेंसी नंबर 112 है, जो पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड सभी के लिए काम करता है। यह 24/7 फ्री है और पूरे देश में उपलब्ध है। अपनी लोकेशन बताएं (हाईवे नंबर, किलोमीटर स्टोन, निकटतम शहर या लैंडमार्क)।
अगर नेशनल हाईवे पर हैं, तो NHAI हेल्पलाइन नंबर 1033 पर कॉल कर सके हैं। अगर आपके पास कार इंश्योरेंस में रोडसाइड असिस्टेंस (RSA) ऐड-ऑन है, तो इंश्योरेंस कंपनी के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। वे फ्री टोइंग, टायर चेंज, फ्यूल डिलीवरी या जंप स्टार्ट भेजते हैं।
सामान्य इमरजेंसी और उनका समाधान
- टायर पंक्चर: गाड़ी रोकें, हेजर्ड ऑन करें। अगर स्पेयर टायर और टूल्स हैं, तो खुद बदलें (जैक, रिंच इस्तेमाल करें)। नहीं तो RSA या 1033 पर कॉल करें।
- बैटरी डाउन: जंपर केबल से दूसरी गाड़ी से स्टार्ट करने की कोशिश करें, लेकिन ये काम सावधानी से करें (पॉजिटिव-नेगेटिव सही कनेक्ट करें)। मदद न मिले तो हेल्पलाइन कॉल करें।
- फ्यूल खत्म: कभी भी रिजर्व पर ज्यादा न चलें। फ्यूल डिलीवरी के लिए RSA यूज करें।
- इंजन ओवरहीट: गाड़ी रोकें, बॉनेट खोलें (सावधानी से, गर्म है), कूलेंट चेक करें। पानी डालें अगर जरूरी हो, लेकिन इंजन ठंडा होने तक वेट करें।
- एक्सीडेंट: घायल को हिलाएं नहीं (स्पाइन इंजरी हो सकती है)। ब्लीडिंग पर साफ कपड़ा बांधें, अगर जरूरी हो,तो CPR दें। तुरंत 112 या 108 (एम्बुलेंस) कॉल करें। अगर हेलमेट पहने रखा है, तो उसे न उतारें जब तक डॉक्टर न आए।


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