अपनी Car के लिए नए Tyres खरीदते वक्त इन बातों का रखें खास ख्याल, छोटी सी गलती से हो सकता है बड़ा नुकसान!
आपकी गाड़ी के लिए टायर बेदह जरूरी टूल है। यह आपकी गाड़ी की सेफ्टी और परफॉर्मेंस को प्रभावित करता है। इसलिए टायरों की देखभाल उतना ही जरुरी है, जितना की अन्य हिस्सों की। इसलिए सलाह दी जाती है कि टायरों की नियमित रुप से जांच करें।
ज्यादातर लोगों को जानकारी ही नहीं है कि उनके वाहन के लिए किस प्रकार के टायर अच्छे होंगे। ऐसे में लोग अक्सर नई टायर खरीदते वक्त गलतियां करते हैं। इसलिए आज हम आपके लिए कुछ ऐसी जानकारी लेकर आएं हैं, जिनकी मदद से आपको नए टायर खरीदने में सहुलियत होगी।

टायर के सााइज का ध्यान रखें: वाहन के परफॉर्मेंस और सेफ्टी के लिए सही साइज के टायरों का चुनाव करना बेदह जरुरी है। आमतौर पर, टायर का साइज नंबर उसके साइडवॉल पर लिखा होता है।
ऐसे में नए टायर खरीदते वक्त मौजूदा टायर पर लिखे सीरियल नंबर से इसको मैच कर सकते हैं। किसी भी तरह की जल्दबाजी में गलत नंबर के टायर न खरीदें इससे आपके वाहन का परफॉर्मेंस प्रभावित होता है।

मैन्युफैक्चरिंग डेट जरुर चेक करें : टायर खरीदते समय मैन्युफैक्चरिंग डेट जरुर चेक करना चाहिए, क्योंकि कार के टायर रबर से बने होते हैं, ऐसे में समय के साथ वह खराब हो जाते हैं। कई बार बिल्कुल नया दिखने वाला टायर भी पुराना हो सकता है।
खासतौर पर भारतीय मौसम में गर्मी अधिक होती है, जिससे कि नए टायर भी प्रभावित होते हैं। इसलिए, टायर खरीदते समय मैन्युफैक्चरिंग डेट को चेक करना एक जरुरी प्रक्रिया है।
टायर रिप्लेस करने से पहले मैकेनिक से लें सलाह: कार की टायरों को बदलने से पहले उनकी ट्रेड डेप्थ की ठीक तरीके जांच करा लें। इससे आपको नुकसान नहीं होगा। साथ टायरों के सरफेस को भी चेक कराएं, ध्यान दें कि टायर पर कहीं टूट-फूट न हो।
साथ ही OEM द्वारा सुझाए गए टायर एयर प्रेशर के अनुसार टायर को पूरी तरह से फुलाकर ही चेक करें। ऐसे में आपको टायर की समस्याओं को जानने में आसानी होगी। साथ ही किसी सस्ते टायर के चक्कर में न पड़ें, अच्छे ब्रांड के टायर्स का ही प्रयोग करें।
कैसे मापते हैं टायर का डायमेंशन: आपने देखा होगा कि टायर्स की साइड वॉल पर कुछ नंबर्स लिखे होते हैं। उदाहरण के अगर टायर पर ये नंबर (165/80/R14 85T) लिखा हुआ है।
यह नंबर्स टायर की चौड़ाई, साइड वॉल की ऊंचाई, रिम साइज, टॉप स्पीड और लोड कैपेसिटी के बारे में बताते हैं। जैसे पहला नंबर 165 टायर की सेक्शन चौड़ाई (mm) को दर्शाता है।
टायर की चौड़ाई के बाद लिखे दो अंक टायर की चौड़ाई को बताते हैं। यह प्रतिशत में लिखी होती है। इसके बाद इसपर अंग्रेजी में लिखा अक्षर इसका कंस्ट्रक्शन टाइप बताता है।
जिसमें R का मतलब होता है रेडियल प्लाई, टायर निर्माण का यह सबसे सामान्य प्रकार है। इसके बाद लिखी संख्या रिम साइज को बताती है और यह इंच में लिखी होती है।
उदाहरण के लिए टायर पर लिखे R14 का मतलब है कि रिम का साइज 14 इंच है। इसके आगे की संख्या लोड इंडेक्स है। यह अधिकतम भार की जानकारी देती है। यह वो भार है जो टायर ठीक से फुलाए जाने पर ले जा सकता है।
वहीं आखिरी लिखा अक्षर स्पीड रेटिंग है। यह उस अधिकतम स्पीड को बताता है जिसे टायर को सुरक्षित रूप से संभालने के लिए डिजाइन किया गया है। हमारा मानना है कि आप इन टिप्स की मदद से सही टायर का चुनाव कर पाएंगे।


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