कार के इंजन को बंद करने से पहले इस बात को जरूर जान लें
कार ड्राइविंग के एक बेहद ही संजीदा हुनर है, इसका सिर्फ मतलब ड्राइविंग या फिर स्पीड से ही नहीं होता है। एक बेहतर ड्राइवर वो होता है जो स्पीड और संतुलन के साथ ही कार का भी ख्याल रखे।
कार ड्राइविंग एक बेहद ही संजीदा हुनर है, इसका सिर्फ मतलब ड्राइविंग या फिर स्पीड से ही नहीं होता है। एक बेहतर ड्राइवर वो होता है जो स्पीड और संतुलन के साथ ही कार का भी ख्याल रखे। ऐसा आम तौर पर बहुत से लोग पुछते हैं कि, क्या उन्हें अपनी कार का इंजन बंद करने से पहले एसी को बंद कर देना चाहिए? ऐसे ही कुछ सवाल हमारे पाठकों ने भी हमसे पुछा है।

आज हम आपके पास इसी बात का माकूल जवाब लेकर आये हैं। हम आपको बतायेंगे कि, क्या ये महज एक मनगठंत बातें हैं या फिर वाकई में इससे आपकी कार पर कोई दुष्प्रभाव पड़ता है। तो आइये इसे समझते हैं -

आपको बता दें कि, कार के इंजन को बंद करने से पहले एसी को बंद करना एक बेहद ही समझदारी भरा काम है। यदि आप अपनी कार को ड्राइव करते समय अपने गंतव्य तक पहुंच गये हैं और अब आपको कार का इंजन स्विच आॅफ करना है तो इससे पहले एसी को बंद करें उसके बाद ही कार के इग्नीशन को आॅफ करें।

चूकिं कार का एसी (HVAC) प्रणाली पर काम करता है, इसे ऑटोमोटिव हीटिंग, वेंटिलेटिंग और एयर कंडीशनिंग के तौर पर बांटा गया है और जब से इस सिस्टम का अविष्कार हुआ है इसमें कुछ खास बदलाव नहीं देखने को मिला है। शायद यही कारण है कि लोग लंबे समय से कार को बंद करने से पहले एसी को बंद करने की सलाह देते आ रहे हैं।

यदि (HVAC) सिस्टम की बात करें तो आज भी इसके मूल कंपोनेंट वही हैं, जिसमें कंप्रेसर, कंडेनसर, ड्रायर, वाष्पीकरण, एक्सपेंसन वाल्व, दबाव स्विच, थर्मोस्टेट, और कंडेनसर और वाष्पीकरण के लिए ब्लोअर शामिल है। लेकिन आजकल के वाहनों में पुराने समय के आर -12 के बजाय ओजोन परत को कम हानि पहुंचाने वाले आर -134 रेफ्रिजेटर का प्रयोग किया जा रहा है। हालांकि कनेक्टर और कुछ कंपोनेंट्स को छोड़कर बाकी सारे पाटर्स आज भी वही हैं और इस सिस्ट्म का सिद्धांत भी वही पुराना है।

कंप्रेसर को एक ड्राइव बेल्ट के माध्यम से एक मैग्नेटिक क्लच द्वारा संचालित किया जाता है, जो इंजन की क्रैंकशाफ्ट से जुड़ी एक पुल्ली से पॉवर लेता है।
आपको बता दें कि, कार का कंप्रेसर हमेशा चालू नहीं रहता है, इसे आप अपनी कार के भीतर के तापमान को एडजेस्ट करने के लिए चालू और बंद करना पड़ता है। यही कारण है कि, इसमें मैग्नेटिक क्लच का प्रयोग किया जाता है। इसी क्लच के माध्यम से आपकी कार का कंप्रेसर कनेक्ट और डिस्क्नेक्ट होता है।

वहीं पुराने दिनों में, जब कार के इंजन में कार्बोरेटर का इस्तेमाल हुआ करता था। उस वक्त कार में लगाये जाने वाले एक्ससरीज जैसे एसी आदि इतने ज्यादा बेहतर तकनीकी से लैस नहीं थें जितने की आज हैं। उस वक्त कार के एसी को जब स्टॉर्ट किया जाता था तो वो कार के इंजन पर बहुत ज्यादा लोड डालते थें इसका सीधा असर इंजन की लाइफ पर भी पड़ता था लेकिन अब आज की कारों में ऐसा नहीं है।

जब तक आपकी कार के इंजन का तापमान सही नहीं होता है और वो एक निश्चित वॉर्म अप ट्रेम्प्रेचर तक नहीं पहुंचता है तो इससे उसके परफार्मेंश पर असर पड़ता है। इसका सबसे बड़ा दुष्परिणाम कार की माइलेज पर देखने को मिलता है। जब आप कार को रोकते हैं उस वक्त इंजन को बंद करने से पहेल एसी को जरूर बंद करें। क्योंकि, जब आपकी कार का इंजन बंद हो जाता है उस वक्त एसी तकनीकी रूप से पूरी तरह आॅफ नहीं हो पाता है।

जिसके बाद जब दुबारा आप अपनी कार को स्टॉर्ट करते हैं तो एसी का कंप्रेसर एक बार फिर से फुल लोड लेकर स्टॉर्ट होता है जिसका बुरा प्रभाव कार की इंजन और एसी के कंप्रेसर दोनों पर ही पड़ता है। वहीं ऐसा बार बार करने से एसी का कूलिंग सिस्टम भी प्रभावित होता है जिससे आपकी कार समय पर ठंडी नहीं हो पाती है। जब आप एसी को स्विच आॅफ करते हैं तो वो एक पूरी प्रक्रिया के साथ बंद होता है और उसके बाद जब आप इंजन बंद करते हैं तो पूरी गाड़ी का सिस्टम बंद होता है।
तो यदि आप भी अपनी कार और उसके एसी के लाइफ को बेहतर बनाये रखना चाहते हैं तो आज से ही इस नियम का पालन करना शुरू कर दें।


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