कार के एयर कंडीशनर में क्यों होता रिसर्कुलेशन बटन? जानें क्या है इसका उपयोग
गर्मियों में कार के अंदर एयर कंडीशनर की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। गर्मियों में हम सफर के दौरान चाहते हैं कि कार का केबिन जल्द से जल्द ठंडा हो जाए और गर्मी से रहत मिल सके। आमतौर पर कार के एयर कंडीशनिंग सिस्टम को कार को पूरी तरह ठंडा करने में औसतन 10-15 मिनट का समय लग जाता है। अगर कार बड़ी हो तो यह समय और अधिक समय लगता है।

हालांकि, अगर आप कार में दिए जाने वाले एक फीचर का इस्तेमाल करें, तो केबिन को कम समय ठंडा कर सकते हैं। कार के एयर कंडीशनर के साथ दिए जाने वाले रिसर्कुलेशन सिस्टम के इस्तेमाल से केबिन को तुरंत ठंडा किया जा सकता है। दरअसल, यह सिस्टम एक बटन से काम करता है जो एयर कंडीशन सिस्टम के पैनल पर दिया जाता है।
कैसे काम करता है रिसर्कुलेशन सिस्टम
यह साधारण तौर पर एयर कंडीशनर का इस्तेमाल करने से थोड़ा अलग है। अगर रिसर्कुलेशन ऑन हो तो यह कार के बाहर से गर्म हवा को नहीं लेता, बल्कि केबिन के अंदर की हवा को बार-बार ठंडा करता है। एयर कंडीशनर को बाहर से गर्म हवा लेकर उसे ठंडा करने में ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है जिससे केबिन को ठंडा करने में काफी समय लगता है।
लेकिन जब रिसर्कुलेशन का इस्तेमाल किया जा रहा हो, तब एयर कंडीशनर सिस्टम बाहर से गर्म हवा नहीं लेता, बल्कि केबिन के अंदर की हवा को सर्कुलेशन में ठंडा करता रहता है। इससे केबिन के अंदर की हवा जल्दी ठंडी हो जाती है और काफी देर तक ठंडी भी रहती है।

कब करें रिसर्कुलेशन का इस्तेमाल?
रिसर्कुलेशन सिस्टम का इस्तेमाल गर्मियों के मौसम में करना बेहतर होता है। बारिश के मौसम में रिसर्कुलेशन सिस्टम का इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि बरसात के मौसम में हवा में नमी अधिक होती है। इस दौरान अगर रिसर्कुलेशन का इस्तेमाल करने पर नमी वाली हवा कार के अंदर घूमती रहती है जिससे शीशों पर कोहरा जम सकता है।


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