कम दाम में खरीदनी है Used Car, तो जरूर करें ये 5 काम, सस्ते में हो जाएगा सौदा
सेकेंड हैंड कार खरीदनाएक किफायती और समझदारी भरा फैसला हो सकता है, लेकिन इसके लिए सही जानकारी होना और सतर्कता बरतना बहुत जरूरी है। गलत निर्णय लेने पर आपको आर्थिक रूप से नुकसान हो सकता है। अपने इस लेख में हम आपके लिए Used Car खरीदते समय काम आने वाले कुछ जरूरी टिप्स लेकर आए हैं।
बजट और जरूरतें तय करें: सेकेंड हैंड कार खरीदने से पहले यह तय करें कि आपकी जरूरतें क्या हैं और आपको किस प्रकार की गाड़ी चाहिए। इसके लिए आप हैचबैक, सेडान, एसयूवी या एमपीवी जैसे बॉडी टाइप और डीजल/पेट्रोल/सीएनजी/इलेक्ट्रिक में से किसी एक फ्यूल ऑप्शन को चुन सकते हैं।

सही सोर्स से खरीदें: सेकेंड हैंड कार खरीदने के लिए आप सुविधा के अनुसार अलग-अलग सोर्स चुन सकते हैं। इसमें प्रमाणित सेकेंड हैंड कार डीलर और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के साथ डायरेक्ट सेलर शामिल है। आप ओएलएक्स, कार्स 24 और मारुति ट्रू वैल्यू जैसे आउटलेट से भी गाड़ियां खरीद सकते हैं।
कार की कंडीशन चेक करें: गाड़ी खरीदने से पहले उसके एक्सटीरियर और इंटीरियर को अच्छी तरह से चेक करें। इसमें बॉडी और पेंटवर्क, इंटीरियर, इंजन और परफॉर्मेंस के साथ टायर और ब्रेक की चेकिंग जैसे काम शामिल हैं। अगर संभव हो तो पुरानी कार खरीदने से पहले किसी मेकेनिक से उसे पूरी तरह चेक करवाएं।
टेस्ट ड्राइव लें: बिना टेस्ट ड्राइव के कभी भी सेकेंड हैंड कार न खरीदें। टेस्ट ड्राइव से आपको पता चलेगा कि कार की हैंडलिंग, ब्रेकिंग और कम्फर्ट कैसा है। ड्राइव करते समय गियर शिफ्टिंग, स्टीयरिंग, क्लच और एक्सेलेरेशन पर ध्यान दें। अगर कोई दिक्कत नजर आ रही है, तो उसके बारे में जरूर पूछें।
डॉक्यूमेंट्स की जांच करें: पुरानी कार खरीदते समय उसकी कंडीशन चेक करने के साथ आपको डॉक्यूमेंट भी जांचने होंगे। इसमें व्हीकल की RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट), इंश्योरेंस पेपर्स, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट और सर्विस रिकॉर्ड्स जैसी चीजें शामिल हैं।
पेमेंट और नाम ट्रांसफर: सारी जांच होने के बाद डील डन करें और पैसे का लेन-देन भी पूरी तरह से सुरक्षित और लिखित रुप से ही रखें। कार खरीदने के बाद फॉर्म 29 और 30 भरकर आरटीओ में रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर कराएं ताकि लीगल ऑनरशिप आपके नाम हो जाए। इन आसान टिप्स की मदद से आप एक बेहतर यूज्ड कार खरीद सकेंगे।


Click it and Unblock the Notifications








