Hatchback के ये फायदे जान गए, तो खरीदने पर हो जाएंगे मजबूर! सस्ते दाम में मिलती हैं ये सुविधाएं
भारतीय बाजार में इन दिनों SUVs की बिक्री बढ़ रही है। हालांकि इस बीच कुछ ऐसे भी लोग हैं, जिन्हें हैचबैक खरीदना पसंद है। SUVs और सेडान की तुलना हैचबैक की कीमत कम होती है। साथ ही ये बढ़िया माइलेज भी देती है, जिसके चलते Swift और Wagon R जैसी कारों की अच्छी ब्रिकी होती है।
हालांकि माइलेज के अलावा हैचबैक के कई और फायदे हैं। जी हां, हैचबैक आकार में छोटी होती है, जिसके चलते इसे शहरों में चलाना या पार्क करना काफी आसान होता है। आइए आपको हैचबैक के फायदें बताते हैं।

बढ़िया माइलेज: अगर डेली रनिंग के लिए कार खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो, हैचबैक एक अच्छा ऑप्शन है। आकार में छोटी और कम वजन के कारण हैचबैक सेडान और एसयूवी के मुकाबले ज्यादा माइलेज मिलती है।
देश में बढ़ती डीजल-पेट्रोल की कीमतों के बीच हैचबैक आपके जेब पर कम असर डालेगी। इससे आपके पैसे की बचत होगी। इसके अलावा ज्यादातर हैचबैक CNG इंजन के साथ आती है, जिससे कि इसे चलाना और किफायती हो जाता है।

सिटी ड्राइव और पार्किंग: हैचबैक आकार में सेडान और SUV से छोटी होती है। इसलिए इसे शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी आसानी से चला सकते हैं। साथ ही हैचबैक को पार्क करना भी काफी आसान है।
बूट स्पेस: हैचबैक कारों में आमतौर पर पीछे की सीटों को फोल्ड कर बूट स्पेस को बढ़ाया जा सकता है। अगर आप किसी लंबी यात्रा पर हैं या फिर ज्यादा सामान ले जाना हो, तब आप सीटों को मोड़कर अच्छी जगह प्राप्त कर सकते हैं।
किफायती कीमत: भारत में SUV या सेडान खरीदने के लिए आमतौर पर 10 लाख से अधिक बजट की जरूरत होती है। लेकिन हैचबैक को 5-6 लाख के बीच खरीदा जा सकता है। ऐसे में हैचबैक कम सैलरी वाले लोग भी अफोर्ड कर सकते हैं।
बेहतर रिसेल वैल्यू: भारतीय बाजार में सेडान या SUV की तुलना में हैचबैक को दोबारा बेचने पर बढ़िया वैल्यू मिलता है। दरअसल हैचबैक कार का प्रयोग टैक्सी के लिए भी किया जाता है। इसके लिए ज्यादातर ड्राइवर सेकेंड कारों का ही इस्तेमाल करते हैं।
लो मेंटेनेंस: हैचबैक कार की सिर्फ कीमत ही कम नहीं होती है, बल्कि इसका मेंटेनेंस खर्च भी कम ही है। सेडान या SUV की तुलना में हैचबैक की सर्विसिंग आदि में काफी कम खर्च होता है, जिससे कि आपके पैसों की बचत हो सकती है।


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