सावधान! कहीं एयरबैग ही न बन जाए एक्सीडेंट का कारण? बड़े-बड़े धुरंधर भी कर रहे ये गलतियां
कार खरीदते समय सबसे ज्यादा ध्यान दिए जाने वाला सेफ्टी फीचर Airbag है। एक्सीडेंट की स्थिति में ये काफी मददगार साबित होते हैं। अगर आपने एयरबैग की फंक्शनलिटी ढंग से नहीं समझी, तो चोट से बचाने की जगह ये आपको चोट पहुंचा भी सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस फीचर को किस तरह से यूज करना चाहिए?
हमेशा सीट बेल्ट पहनें: एयरबैग को सीट बेल्ट के साथ मिलकर काम करने के लिए डिजाइन किया जाता है। अगर आप सीट बेल्ट नहीं पहनेंगे, तो एयरबैग के खुलने की गति और ताकत आपके शरीर को सीधे प्रभावित कर सकती है, जिससे चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। सीट बेल्ट आपको अपनी सीट पर स्थिर रखता है और एयरबैग के प्रभाव को कम करता है।

सीटिंग पोजीशन सही रखें: ड्राइवर और यात्रियों को स्टीयरिंग व्हील या डैशबोर्ड से उचित दूरी बनाए रखनी चाहिए। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि ड्राइवर को स्टीयरिंग व्हील से कम से कम 10 इंच (लगभग 25 सेंटीमीटर) दूर बैठना चाहिए। इससे एयरबैग के खुलने पर फेस या चेस्ट पर सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
पीठ को सीट से सटाकर और सिर को हेडरेस्ट पर टिकाकर बैठें। अगर आप आगे की ओर झुके हुए हैं या पैर डैशबोर्ड पर रखे हैं, तो एयरबैग के खुलने से गंभीर चोट लग सकती है। बच्चों को हमेशा पीछे की सीट पर बिठाएं, खासकर अगर वे 12 साल से कम उम्र के हैं, क्योंकि सामने की सीट पर एयरबैग उनके लिए खतरनाक हो सकता है।
ऑन/ऑफ स्विच का ध्यान रखें: अगर आपकी कार में एयरबैग ऑन/ऑफ स्विच है, तो उसका सही उपयोग करें। गर्भवती महिलाओं या छोटे कद के लोगों के लिए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है, लेकिन इसे बंद करने से पहले कार मैनुअल जरूर देखें।
रेगुलर चेकअप कराएं: कार की नियमित जांच करवाएं। एयरबैग सिस्टम में खराबी होने पर डैशबोर्ड पर वार्निंग लाइट जलती है। इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत मैकेनिक से संपर्क करें। खराब एयरबैग या तो काम नहीं करेगा या गलत समय पर खुल सकता है, जो जोखिम भरा है।
केबिन साफ रखें: एक्सीडेंट होने पर एयरबैग बहुत तेज रफ्तार से खुलता है। इस वजह से हाथ, किताबें, या कोई वस्तु स्टीयरिंग व्हील के सामने न रखें। अगर एयरबैग एक्टिव कर रखा है, तो बच्चों को कभी भी सामने की सीट पर न बिठाएं। कार के डैशबोर्ड पर भी कोई वस्तु रखना खतरा भरा कदम हो सकता है।


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