क्या आप सेकेंड हैंड कार खरीदने जा रहे हैं?

और यही कारण है कि देश में पुरानी कारों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। ये न सिर्फ नयी कारों को बूम देता है, बल्कि इस्तेमाल की हुई कारों की कीमतों और बाजार को भी एक हद तक बढ़ावा देता है।
इससे आपको अंदाजा तो हो ही गया होगा कि अगर आप पुरानी कार खरीदने जा रहे हैं, तो घाटे का सौदा नहीं है। लेकिन हां, अगर आप कुछ विशेष बातों को ध्यान रखें तो पुरानी कारों में से भी अच्छी और बेहतरीन कार घर ला सकते हैं। आज हम उन्हीं बातों पर चर्चा करेंगे-
1. इस्तेमाल किए हुए कार को खरीदने से पहले आप अपनी आवश्यक्ताओं को समझ लें क्योंकि कार की पसंद आवश्यक्ताओं और जरूरतों पर निर्भर करता है। अगर आपका छोटा परिवार है तो ऑल्टो और स्पार्क की तरह छोटी कार आपके लिये उचित होगी। मगर आपके परिवार में अगर 7 लोग या उससे ज्यादा लोग हैं तो टोयोटा इनोवा की तरह बड़ी गाड़ी आपके लिये अच्छा विकल्प रहेगा।
2. इस्तेमाल की हुई कार खरीदने से पहले मार्केट रिर्सच करना ज्यादा बेहतर होगा। क्योंकि कार खरीदने से पहले उस कार का मूल्य, पुर्नबिक्रय मूल्य और बाजार में उस कार की मूल्य की मांग के बारे में पता होना चाहिए.
3. इन सबके बाद आप उस स्रोत के बारे में आवश्य जानकारी प्राप्त कर लें जहां से आप इस्तेमाल की हुई कार खरीदने की सोंच रहें हैं। जिस स्रोत पर आपकों ज्यादा भरोसा हो कार वहीं से खरीदें ताकि आपकों कारों के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त हो सके और आपकों कार स्वामी के बारे में भी पूरी जानकारी प्राप्त हो सके। वर्तमान में मारुति, टोयोटा, होंडा, और हुंडई की तरह कई बड़े ब्रांडों की इस्तेमाल की गई गाड़ीयों के आउटलेट हैं बेहतर होगा कि आप कार वहीं से खरीदें।
4. कार खरीदने से पहले आप यह सोच लें कि आप कार की कीमत का पूरा हिस्सा खूद भुगतान करने में सक्षम हैं या फिर आपकों उसके लिये बैंक से ऋण लेना पड़ेगा। अगर आपकों बैंक से ऋण लेने की आवश्यक्ता है तो फिर निश्चित तौर पर कार कम्पनी के आऊटलेट से ही लें जो आपके लिये अच्छा विकल्प होगा।
5. अपने द्वारा चुने गये इस्तेमाल कार को खरीदने से पहले उसकी टेस्ट ड्राइव लेना ना भूलें। कार की पूरी तरह से सत्यापन कर लेने के बाद जब आप आश्वस्त हो जायें तभी कार को खरीदें। कभी भी संशोधित और अलग से पेंट की हुई कार न खरीदें।
6. कार के दस्तावेजों की पूर्ण रूप से जांच कर लें। हो सके तो आरटीओ जाकर मूल पंजीकृत प्रमाणपत्र, बीमा के कागजात, मूल चालान, और कार की सेवा के बिल की जाँच कर लें जिससे आप चोरी की कार खरीदने से बच सकते हैं।
7.कारों है कि भारत में चोरी कर रहे हैं के अधिकांश आमतौर पर ओडोमीटर छेड़छाड़ की. यह प्रयोग किया कार बाजार में एक बहुत ही आम कदाचार है. टायर निर्माता की तारीख और सेवा सुनिश्चित करने के लिए ओडोमीटर नहीं छेड़ा है रिकॉर्ड की जाँच करें.
8. यदि आप कारों पर ज्यादा ज्ञान नहीं है तो खरीदने से पहले अपने विश्वसनीय कार मैकेनिक की राय ले और पहले मैकेनिक से कार की पूरी जांच करवा लें।
9. जब आप कार और बिक्रेता दोनों से संतुष्ट हा जायें तब जाकर सौदा को अंतिम रूप दें।
10. कार खरदने के बाद कार, और विक्रेता की तरफ से होने वाले सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा कर लें।


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