क्या सेल्फ ड्राइविंग कार वाकई सुरक्षित हैं? जानिए इसकी जानकारी

भारत में हर साल 1,55,600 से अधिक लोगों की मृत्यु कार दुर्घटनाओं से हो जाती है। जबकि सेल्फ-ड्राइविंग कारों के आने से, वाहन सुरक्षा में काफी सुधार हुआ है और दुर्घटनाओं में कमी देखने को मिली हैं। ऐसा इसलिए हो पाया है क्योंकि सेल्फ ड्राइविंग कार सैद्धांतिक रूप से इंसानी ड्राइवरों की तुलना में तेजी से काम करते हैं और उसी तरह फीडबैक देते हैं।

क्या सेल्फ ड्राइविंग कार वाकई सुरक्षित हैं? जानिए इसकी जानकारी

ज्यादातर एक्सीडेंट नशे की हालत में ड्राइविंग की वजह से होते हैं। सेल्फ ड्राइविंग में थकान का खतरा नहीं होता है। सेल्फ ड्राविंग बुजुर्ग लोगों को ड्राइविंग करने में भी मदद करती है। तो सबसे पहले, सेल्फ ड्राइविंग क्या है समझते हैं- एसएई इंटरनेशनल (सोसाइटी ऑफ ऑटोमोटिव इंजीनियर्स, यूएसए) ने ड्राइविंग ऑटोमेशन को 6 स्तरों पर परिभाषित किया है, इसमें

क्या सेल्फ ड्राइविंग कार वाकई सुरक्षित हैं? जानिए इसकी जानकारी

स्तर 0 - इसमें इंसानी ड्राइवर को सभी ड्राइविंग से सबंधित सभी काम करने होते हैं।

स्तर 1 - इसमें ड्राइवर की सहायता के लिए कुछ फीचर मिलते हैं जैसे- क्रूज कंट्रोल, लेन कीपिंग और सेंट्ररिंग।

स्तर 2 - आंशिक रूप से ड्राविंग को ऑटोमैटिक करना जैसे - ड्राइवर को सिर्फ स्टेयरिंग में हाथ रखने और सड़कों पर नजर बनाए रखने का फीचर, इसके साथ क्रूज कंट्रोल और लेन कीपिंग का फीचर होना।

क्या सेल्फ ड्राइविंग कार वाकई सुरक्षित हैं? जानिए इसकी जानकारी

स्तर 3 - कुछ शर्त पर ऑटोमैटिक ड्राइविंग जैसे- इसमें ड्राइवर को स्टेरिंग पर हाथ रखने की भी जरूरत नहीं पड़ती है, और केवल जब वाहन द्वारा ऐसा करने का निर्देश दिए जाए तो उसे तभी करना।

स्तर 4- एडीएस में कंट्रोल यानी स्तर-3 के मुकाबले ज्यादा ऑटोमैटिक होना। इसमें कार में बैठे ड्राइवर को कुछ शहर और स्थान को छोड़कर कुछ भी करने की जरूरत नहीं पड़ती है।

स्तर 5 - पूरी तरह से ऑटोमैटिक। इसमें वाहन को बिलकुल भी ड्राइवर की सहायता की जरूरत नहीं पड़ती है।

क्या सेल्फ ड्राइविंग कार वाकई सुरक्षित हैं? जानिए इसकी जानकारी

लेवल 3-5 को ऑटोमेटेड ड्राइविंग सिस्टम (ADS) माना जाता है जिसमें ड्राइवर को सड़क पर ध्यान देने की जरूरत नहीं होती है। स्तर 3 पर, चालक किताब पढ़ सकता है या फिल्म देख सकता है। लेकिन जब वाहन किसी तरह की चेतावनी दे तो उसे 10-60 सेकंड के भीतर नियंत्रण संभालने में जरूरी होता है।

क्या सेल्फ ड्राइविंग कार वाकई सुरक्षित हैं? जानिए इसकी जानकारी

यदि वह ऐसा नहीं करता है तो 10 सेकंड में एक दुर्घटना हो सकती है, इसलिए स्तर 3 वाहनों को संभवतः एक ऑपरेशनल डिजाइन डोमेन (ODD) की आवश्यकता होती है।वहीं स्तर 4 वाहन में एक ODD जरूरी हैं, क्योंकि छोटी सिटी और इसमें मौसम, दिन के समय, बरिश और सड़क की स्थिति के आधार पर इसमें समस्या हो सकती है।

क्या सेल्फ ड्राइविंग कार वाकई सुरक्षित हैं? जानिए इसकी जानकारी

इस प्रकार लेवल 4 के वाहन सिर्फ लेवल 5 वाहनों से भिन्न होते हैं। स्तर 5 को पैसेंजर वाहन यात्री और कॉमर्शियल ट्रकों को भी लगा सकते हैं क्योंकि उन पर बैन नहीं होता औ कहीं भी यात्रा कर सकते हैं। अभी टेस्ला के वाहनों ड्राइवर-असिस्टेंस के कई रूप देखने को मिलते हैं। वे ऑटोमैटिक रूप से कार की स्पीड और ब्रेक लगा सकते हैं और साथ ही कार को उसकी लेन में बनाए रख सकते हैं।

सेल्फ ड्राइविंग वाहनों के खतरे

सेल्फ ड्राइविंग वाहनों के खतरे

सेल्फ-ड्राइविंग में आराम के साथ जोखिम भी हैं। जिनमें

  • कारों के हिसाब मौजूदा बुनियादी ढांचे की अक्षमता मोटर वाहन दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।
  • सेल्फ ड्राइविंग में वाहन पर निर्भर होना जोखिम भरा हो सकता है।
  • क्या सेल्फ ड्राइविंग कार वाकई सुरक्षित हैं? जानिए इसकी जानकारी
    • वाहन पर साइबर हमले का भी खतरा होता है। इससे मालिक की व्यक्तिगत जानकारी को चुरा कर आतंकी घटना में इस्तेमाल किया जा सकता है।
    • सॉफ्टवेयर सिस्टम में अप्रत्याशित खराबी जिसके कारण अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के साथ दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
    • पारंपरिक मोटर वाहनों की तुलना में सेल्फ-ड्राइविंग वाहनों को चलाने के अनुसार सड़को की कमी है, जिससे वाहनों की सुरक्षा की चिंता ज्यादा रहती है।

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Article Published On: Monday, October 17, 2022, 13:07 [IST]
English summary
Are self driving cars safe know all details
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