एक जुलाई से बढ़ सकती हैं वाहनों की कीमतें
जुलाई से भारत में वाहनों पर मिल रही एक्साइज ड्यूटी की छूट समाप्त हो जाएगी। पिछली सरकार ने एक जुलाई तक यह छूट देने का वादा किया था। इससे ऑटोमोबाइल सेक्टर को फायदा मिला और वाहनों की बिक्री में इजाफा भी देखा गया था।
एक जुलाई 2014 के बाद सरकार एक्साइज ड्यूटी के पुराने ढर्रे पर चली जाएगी। और बेशक इससे वाहनों की मौजूदा कीमतों में उछाल आएगा। हमें उम्मीद है कि एक्साइज ड्यूटी के पुराने ढर्रे पर जाने से वाहनों की कीमत में चार से छह फीसदी का इजाफा होगा। यह बढ़ोत्तरी कारों और मोटरसाइकिल सब पर हो सकती है ।

एक अनुमान यह भी है कि मौजूदा सरकार इस छूट को जारी रखे। ऐसा तब हो सकता है जब सरकार इसके बारे में 30 जून 2014 से पहले अधिसूचना जारी कर दे। हालांकि, अगर सरकार की ओर से किसी प्रकार की अधिसूचना जारी नहीं की जाती, तो वाहनों की कीमतें एक बार फिर बढ़ना तय है।
सरकार जल्द ही अपना नया वित्त बजट लाने वाली है। बजट जुलाई के पहले सप्ताह में आ जाएगा। नयी सरकार के बजट से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। उम्मीद है कि सरकार बजट में ऑटोमोबाइल सेक्टर को किसी प्रकार की राहत देगी।

पिछले दस वर्षों में भारत में पहली बार वाहनों की बिक्री में कमी देखी गई थी। ऑटोमोबाइल सेक्टर में 6.69 फीसदी की गिरावट हुई। इसके बाद दी गई छूट से ऑटोमोबाइल सेक्टर में सुधार देखा गया। इस सुधार को बनाये रखने या बिक्री को बढ़ाने के लिए एक्साइज ड्यूटी में छूट को जारी रखना जरूरी है। इससे वाहनों की कीमत अधिक किफायती बनी रहेगी।
सियाम (एसआईएएम) और कई अन्य ऑटोमोबाइल निर्माताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस विषय पर बात की है। वाहन निर्माताओं को अब एक्साइज ड्यूटी के ढांचें में किसी प्रकार की राहत की उम्मीद है। पिछले वित्त वर्ष 2013 से 2014 में भी वाहनों की बिक्री में 4.65 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी। एक्साइज ड्यूटी में कटौती या बढ़ोत्तरी पर आप क्या सोचते हैं, हमें जरूर बतायें।


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