रतन टाटा को मिला ब्रिटिश सरकार का नाइट ग्रैंड पुरस्कार
टाटा ग्रुप के पूर्व चैयरमैन रतन टाटा को सोमवार को ब्रिटिश साम्राज्य (जीबीई) के नाइट ग्रांड क्रॉस से पुरस्कृत किया गया।
ब्रिटिश उच्चायोग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जेबीई ब्रिटेन का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान हैं, जो टाटा ग्रुप के पूर्व चैयरमैन को उनके यूके/भारत संबंधों के योगदान के लिए दिया गया है। इस पुरस्कार का संबंध यूके में निवेश और परोपकार से है।
भारत के 1950 में गणतंत्र बनने के बाद रतन टाटा पहले भारतीय हैं जिन्हें जीबीई पुरस्कार दिया गया है। इससे पहले उन्हें 2009 में नाइट कमांडर ब्रिटिश इम्पायर (केबीई) का नाइट कमांडर का आनरेरी अवॉर्ड भी दिया जा चुका है।

ब्रिटिश उच्चायोग जेम्स बेवन ने क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय की ओर से जेबीई पुरस्कार दिया गया।
इस मौके पर बेवन ने कहा कि "रतन टाटा की नेतृत्व क्षमता और ईमानदार ब्रिटिश और भारतीय उद्योगपतियों की आने वाली पीढि़यों के लिए किसी मानक की भांति होगीं। उन्होंने आगे कहा कि ब्रिटेन और भारत के रिश्तों को मजबूत बनाने में रतन टाटा का योगदान बहुत गहरा है।"
रतन टाटा यूके-इंडिया सीईओ फोरम और ब्रिटिश प्रधानमंत्री के सलाहकार ग्रुप के सदस्य हैं। टाटा ग्रुप की ग्रेट ब्रिटेन में शानदार मौजूदगी है। और तो और यह यूके की सबसे बड़ी विनिर्माण कंपनी भी है। कंपनी वहां नमक से लेकर चाय और उच्च स्तरीय जगुआर और लैंड रोवर जैसी कारें भी बनाती है।
टाटा मोटर्स को जगुआर और लैंड रोवर के डूबते जहाज को बचाकर दोबारा मुनाफा कमाने वाली कंपनी की श्रेणी में लाने का श्रेय दिया जाता है।


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