क्या नरेन्द्र मोदी करेंगे देसी स्कॉरपियो की सवारी?
शायद आपको मालूम हो कि नरेन्द्र मोदी का महिन्द्रा स्कॉरपियो से गहरा नाता रहा है। गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर महिन्द्रा की यह भरोसेमंद कार हमेशा उनके साथ रही।
यहीं से हमारा अगला सवाल शुरू होता है। क्या प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वे इस भारतीय कार की ही सवारी करेंगे या फिर बीएमडब्लयू लिमोजीन जैसी जर्मन कारों की सवारी करते देखे जाएंगे।
महिन्द्रा की चाहत तो यही होगी कि मोदी बतौर प्रधानमंत्री उनकी कार की सवारी करें, क्योंकि ब्रॉन्ड का इससे अच्छा विज्ञापन तो हो ही नहीं सकता। मौके को भुनाने के प्रयास में कंपनी ने स्कॉरपियो के नये और संशोधित रूप की पेशकश की है।
टाइम्स ऑफ इण्डिया से बात करते हुए, महिन्द्रा ग्रुप के चैयरमैन ने कहा, "अगर देश के प्रधानमंत्री एक भारतीय कार को अपनी सवारी के लिए पसंद करते हैं, तो हमारे साथ-साथ पूरे देश के लिए गर्व की बात होगी।"

महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के ऑटोमोटिव विभाग के निदेशक पवन गोयंका ने यह भी कहा कि इसके लिए हमें स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी एसपीजी से संवाद स्थापित कर यह समझना होगा कि आखिर प्रधानमंत्री के इस्तेमाल होने वाले वाहन में किस प्रकार के सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए।
यहां यह बात समझनी जरूरी है कि महिन्द्रा पहले से ही भारतीय सेना और इसके डिफेंस लैंड सिस्टम को वाहन मुहैया कराती है। इसके साथ ही अपने सामान्य मॉडल्स में भी आवश्यकता अनुसार संशोधन करती है।
संशोधन में पूरी तरह नया इंजन, सस्पेंशन सिस्टम से लेकर हथियार लगाने के अलावा अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष सुरक्षा और आक्रामक सिस्टम भी लगाने होंगे।
मोदी के मौजूदा बेड़े में कई बुलेट प्रूफ स्कॉरपियो एसयूवी कारें मौजूद हैं, जो पहले से ही कई सुरक्षा उपकरणों से लैस हैं। हालांकि, उन कारों को प्रधानमंत्री के बेड़े में शामिल करने के लिए सुरक्षा मापदण्डों में काफी सुधार करना होगा।
फिलहाल प्रधानमंत्री के पास बीएमडब्ल्यू 760एलआई, उच्च सुरक्षा उपकरणों से लैस लिमोजीन है। प्रधानमंत्री के बेड़े में ऐसी कई कारें शामिल हैं। वहीं एसपीजी संशोधित बीएमडब्ल्यू एक्स 5 एसयूवी का इस्तेमाल करती है।


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