मारुति Wagon R Flex-Fuel या Tata Tiago CNG: किसका खर्च है कम और कौन सी कार है बेस्ट?
मारुति सुजुकी ने अपनी नई Wagon R Flex-Fuel को कल रात बड़े ही धूमधाम के साथ लॉन्च कर दिया है। ईंधन के खर्च को कम करने के लिए इसमें इथेनॉल ब्लेंड का इस्तेमाल किया गया है। मारुति का यह कदम सीधे तौर पर टाटा की पॉपुलर Tiago CNG को टक्कर दे रहा है। ये दोनों ही कारें बजट का ख्याल रखने वाले भारतीय ग्राहकों को ध्यान में रखकर उतारी गई हैं, लेकिन दोनों की टेक्नोलॉजी एकदम अलग है। एक जहां कंप्रेस्ड गैस (CNG) पर चलती है, वहीं दूसरी मॉडिफाइड पेट्रोल इंजन का इस्तेमाल करती है। आपकी जेब पर इन दोनों का असर भी अलग-अलग होने वाला है।
इन कारों की सबसे बड़ी खूबी इनकी कम कीमत वाला ईंधन है। इथेनॉल की कीमत करीब 60 रुपये प्रति लीटर हो सकती है, लेकिन शुद्ध पेट्रोल के मुकाबले इसमें एनर्जी कम मिलती है। इस वजह से कार के माइलेज में काफी गिरावट आती है। दूसरी तरफ, शहरों में अब CNG स्टेशन आम हो चुके हैं, जबकि इथेनॉल पंप ढूंढना अभी भी एक बड़ी चुनौती है। पंपों की यह कमी एक बड़ी चिंता का विषय है, जो आपकी लंबी यात्राओं की प्लानिंग को प्रभावित कर सकती है।

New Wagon R Flex-Fuel बनाम Tata Tiago CNG: किसका खर्च है कम?
आइए अब माइलेज और बचत का गणित समझते हैं। CNG कारें जबरदस्त माइलेज देती हैं, जहां आपको अक्सर एक किलो गैस में 25 किलोमीटर तक का सफर मिल जाता है। वहीं, फ्लेक्स-फ्यूल कारों की रेंज में कमी देखी गई है। उम्मीद है कि ये पेट्रोल वर्जन के मुकाबले 20% कम माइलेज देंगी। अगर इथेनॉल सस्ता रहता है, तो खर्च बैलेंस हो सकता है, लेकिन फिलहाल मंथली बिल के मामले में CNG ही बाजी मारती दिख रही है। यही वो फैक्टर है जो ग्राहकों को किसी खास फ्यूल की तरफ खींचता है।
| फीचर | नई Wagon R Flex-Fuel | Tata Tiago CNG |
|---|---|---|
| ईंधन की कीमत | करीब ₹65 प्रति लीटर | करीब ₹80 प्रति किलो |
| रनिंग कॉस्ट | करीब ₹4.30 प्रति किमी | करीब ₹3.20 प्रति किमी |
| प्रदूषण (उत्सर्जन) | पेट्रोल से 79% कम | पेट्रोल या डीजल से कम |
परफॉर्मेंस और कंफर्ट: New Wagon R Flex-Fuel और Tata Tiago CNG में कौन है बेहतर?
परफॉर्मेंस के मामले में दोनों कारों में काफी अंतर है। फ्लेक्स-फ्यूल इंजन पेट्रोल की तरह ही स्मूथ महसूस होते हैं, जिनमें शोर कम और पावर ठीक-ठाक मिलती है। यानी इनका NVH (Noise, Vibration, and Harshness) लेवल काफी कम रहता है। वहीं, टाटा के इंजन का लो-एंड टॉर्क बहुत अच्छा है, जिससे भारी ट्रैफिक में गाड़ी चलाना आसान हो जाता है। हालांकि, लोड पड़ने पर टाटा का इंजन थोड़ा ज्यादा शोर करता है। दोनों ही कारें शहर में चलाने के लिए प्रैक्टिकल हैं। ध्यान रहे कि खराब फ्यूल क्वालिटी से गाड़ी बंद हो सकती है और फ्यूल पंप में खराबी आ सकती है, जिसे ठीक कराने में 10,000 रुपये तक का खर्च आ सकता है।
इन दोनों में से किसी एक को चुनना आपकी जरूरत पर निर्भर करता है। अगर आपके घर के पास CNG स्टेशन है, तो इसे चुनें क्योंकि फिलहाल इसकी रनिंग कॉस्ट सबसे कम है। लेकिन अगर आप पर्यावरण का ख्याल रखना चाहते हैं, तो फ्लेक्स-फ्यूल Wagon R एक बेहतरीन विकल्प है क्योंकि यह प्रदूषण को 80% तक कम करती है। उम्मीद है कि जल्द ही इथेनॉल का इंफ्रास्ट्रक्चर भी बेहतर हो जाएगा। इस लॉन्च के साथ ही मार्केट में एक बड़ा बदलाव आया है और अब ग्राहकों के पास 'ग्रीन कारों' के ज्यादा बेहतर विकल्प मौजूद हैं।


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