वोल्वो EX90 लॉन्च: 10 मिनट में 250 किमी रेंज, क्या आपकी अगली बजट कार भी होगी इतनी ही सुरक्षित?
वोल्वो ने आज भारत में अपनी फ्लैगशिप इलेक्ट्रिक SUV Volvo EX90 पेश कर दी है। यह लक्जरी इलेक्ट्रिक कार 800-वोल्ट चार्जिंग और एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) जैसे हाई-टेक फीचर्स के साथ आई है। हालांकि यह फ्लैगशिप मॉडल प्रीमियम ग्राहकों को ध्यान में रखकर लाया गया है, लेकिन इसकी तकनीक जल्द ही सस्ती कारों को भी बदलने वाली है। अगले साल तक 15 लाख रुपये से कम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों में भी भारतीय खरीदारों को ऐसी ही फास्ट चार्जिंग देखने को मिल सकती है।
यह फ्लैगशिप SUV 800V सिस्टम का इस्तेमाल करती है, जिससे महज 10 मिनट की चार्जिंग में 250 किलोमीटर की रेंज मिल जाती है। सड़क हादसों को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए इसमें एडवांस्ड रडार और कैमरा सेंसर्स दिए गए हैं, जो आसपास के माहौल पर लगातार नजर रखते हैं। टाटा मोटर्स, महिंद्रा और हुंडई जैसी बड़ी वाहन निर्माता कंपनियां भी अगले साल से ऐसी ही तकनीक अपनाने जा रही हैं। तकनीक का यह बदलाव आम लोगों के लिए बजट इलेक्ट्रिक गाड़ियों को ज्यादा तेज और सुरक्षित बनाएगा।

Volvo EX90 की तकनीक और टायरों की घिसावट पर असर
फास्ट चार्जिंग और मोटर से तुरंत मिलने वाला टॉर्क कार के पार्ट्स, खासकर टायरों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। भारी-भरकम बैटरी पैक की वजह से पेट्रोल कारों के मुकाबले इलेक्ट्रिक कारों के टायर जल्दी घिसते हैं। नॉर्मल पेट्रोल कारों के टायर औसतन 50,000 किलोमीटर तक चल जाते हैं। इसके उलट, वजनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों में 25,000 किलोमीटर के आसपास ही टायर बदलने पड़ते हैं। इसलिए EV मालिकों को कार इस्तेमाल करने के दौरान टायर बदलने के ज्यादा खर्च के लिए पहले से तैयार रहना होगा।
| गाड़ी का प्रकार | टायर की औसत उम्र | मुख्य वजह |
|---|---|---|
| इंजन कार (ICE) | 45,000-50,000 किमी | कम वजन, धीरे-धीरे मिलने वाला टॉर्क |
| इलेक्ट्रिक कार (EV) | 25,000-30,000 किमी | भारी बैटरी, तुरंत मिलने वाला टॉर्क |
Tier-2 शहरों में तेजी से अपग्रेड हो रही Volvo EX90 जैसी तकनीक
भारत भर में Tier-1 और Tier-2 शहरों के अंदर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का दायरा बेहद तेजी से बढ़ रहा है। प्रमुख राजमार्गों पर अब पुराने स्लो चार्जिंग स्टेशनों की जगह हाई-पावर DC फास्ट चार्जर लगाए जा रहे हैं। साल 2026 में नई EV खरीदने का मन बना रहे लोग टाटा नेक्सन EV (Tata Nexon EV) जैसे भरोसेमंद मॉडल्स को शॉर्टलिस्ट कर सकते हैं। जब तक 800V तकनीक हर किसी के बजट में आएगी, तब तक ये व्यावहारिक विकल्प बेहतरीन वैल्यू देते रहेंगे।
भारत में फ्लैगशिप इलेक्ट्रिक कारों का आना देश के ऑटो सेक्टर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट है। आज लग्जरी गाड़ियों में दिख रहे ये नए इनोवेशन कल की सस्ती और ज्यादा सुरक्षित बजट कारों का रास्ता साफ करेंगे। देशभर में चार्जिंग नेटवर्क सुधरने के साथ ही मिडिल क्लास के लिए इलेक्ट्रिक कार खरीदना और भी समझदारी भरा फैसला बन रहा है। भारतीय ड्राइवरों को जल्द ही बजट सेगमेंट में भी सुपरफास्ट चार्जिंग स्पीड और प्रीमियम सेफ्टी मिलने वाली है।


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