बारिश में Tata Punch या Hyundai Exter: जलभराव और खराब रास्तों के लिए कौन सी कार है बेस्ट?
मौसम विभाग (IMD) के सुबह 10:19 बजे जारी तटीय बुलेटिन के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवाती तूफान 'अर्णब' और ज्यादा गहरा गया है। अनुमान है कि 27 अक्टूबर तक यह बदलकर 'बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान' का रूप ले लेगा। IMD का कहना है कि 28 अक्टूबर की दोपहर से पहले यह तूफान बापटला और विशाखापट्टनम के बीच तट को पार करेगा। इस दौरान उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
आज, 26 अक्टूबर को श्रीकाकुलम और विजयनगरम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। विशाखापट्टनम शहर में बादल छाए रहने और गरज के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं, हालांकि जिले के लिए कोई अलग से चेतावनी नहीं है। वहीं ओडिशा के दक्षिणी जिलों में हफ्ते के मध्य तक भारी बारिश और 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। समुद्र में बिगड़ते हालात को देखते हुए विशाखापट्टनम बंदरगाह पर 'डिस्टेंट वॉर्निंग सिग्नल नंबर-II' लगा दिया गया है। इसी हफ्ते की डिलीवरी और मनपसंद रंग का स्टॉक पाने के लिए आज शाम 4 बजे से पहले अपने शहर के डीलर्स से संपर्क करें।

Tata Punch vs Hyundai Exter: बारिश के मौसम के लिए कौन सी कार कितनी तैयार?
ग्राउंड क्लीयरेंस के मामले में 193 मिमी के साथ टाटा पंच, हुंडई एक्सटर (185 मिमी) से थोड़ी आगे निकल जाती है। हालांकि, भारत में इन दोनों ही कारों के सभी वेरिएंट्स में अब इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) स्टैंडर्ड तौर पर दिया जा रहा है। रियर वाइपर और वॉशर की सुविधा टाटा पंच के 'एडवेंचर' वेरिएंट से और एक्सटर में 'SX(O)/HX8' व उससे ऊपर के ट्रिम्स में मिलती है। पंच के टॉप वेरिएंट्स में 195/60 R16 साइज के टायर्स आते हैं, जबकि एक्सटर में आमतौर पर 175/65 R15 टायर्स दिए गए हैं। वैसे एक्सटर की यूजर मैनुअल में दी गई सलाह के मुताबिक, पानी में गाड़ी चलाते वक्त पानी का स्तर कार के व्हील हब से ऊपर नहीं होना चाहिए।
Tata Punch vs Hyundai Exter: ड्राइविंग, विजिबिलिटी और केबिन की सुरक्षा
टाटा पंच के AMT वेरिएंट में क्रीप (Creep) फंक्शन मिलता है, जिससे पानी से भरे लंबे जाम में गाड़ी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाना बेहद आसान हो जाता है। वहीं, एक्सटर के हर वेरिएंट में हिल-स्टार्ट असिस्ट और ESC दिया गया है, जो फिसलन भरे रास्तों या चढ़ाइयों पर कार का संतुलन बनाए रखता है। इंजन और गियरबॉक्स के मामले में दोनों में बड़ा अंतर है: Punch iCNG में आपको AMT गियरबॉक्स का ऑप्शन मिलता है, जबकि Exter CNG केवल मैनुअल ऑप्शन में ही आती है। विजिबिलिटी की बात करें तो पंच के टॉप वेरिएंट्स में कॉर्नरिंग फॉग लैम्प्स दिए गए हैं, वहीं एक्सटर में मिड-वेरिएंट से ही प्रोजेक्टर हेडलाइट्स मिल जाती हैं।
अगर आपके रोज के रास्ते में पानी से भरे गहरे गड्ढे आते हैं, तो बेहतर ग्राउंड क्लीयरेंस और रियर वाइपर के लिए Tata Punch का Adventure या उससे ऊपर का वेरिएंट चुनें। वहीं, कम पानी वाले शहरी रास्तों के लिए Exter का HX6 या उससे ऊपर का वेरिएंट सही रहेगा, जिसमें स्टैंडर्ड ESC और शानदार ड्राइविंग एक्सपीरियंस मिलता है। पानी भरे रास्तों से निकलने के बाद ब्रेक के ढीले पड़ने (स्पंजी ब्रेक), बियरिंग से सरसराहट की आवाज या इलेक्ट्रॉनिक्स में खराबी पर तुरंत ध्यान दें। आमतौर पर ब्रेक पैड बदलवाने का खर्च ₹3,000 से ₹6,000 और बियरिंग का खर्च ₹3,000 से ₹8,000 तक आता है। वहीं, ECU की मरम्मत में ₹20,000 से ₹1,50,000 तक लग सकते हैं, और अगर बाढ़ का पानी अंदर घुसने से भारी नुकसान हुआ है तो मरम्मत का बिल लाखों में पहुंच सकता है।


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