बारिश में कार खरीदने का प्लान? Tata Punch vs Hyundai Exter: सेफ्टी और परफॉरमेंस में कौन है बेस्ट?
17 अक्टूबर को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर के कई इलाकों में बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। मॉनसून और बारिश के मौसम में गीली सड़कों पर गाड़ियों की ग्रिप कम हो जाती है और दृश्यता भी प्रभावित होती है। ऐसे समय में सेफ्टी फीचर्स ही कार के सही वेरिएंट और चुनाव का आधार बनते हैं। अगर आप इन दिनों माइक्रो-एसयूवी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), 6 एयरबैग्स, रियर वाइपर/डिफॉगर और मजबूत हेडलाइट्स वाले वेरिएंट्स को ही प्राथमिकता दें।
वेरिएंट्स और सेफ्टी फीचर्स की बात करें, तो Hyundai Exter में 6 एयरबैग्स, ESC, HAC और VSM जैसे फीचर्स सभी वेरिएंट्स में स्टैंडर्ड मिलते हैं। इसमें HX6 वेरिएंट से रियर डिफॉगर और प्रोजेक्ट लैंप्स मिलने शुरू होते हैं, जबकि रियर वाइपर/वाशर HX8 वेरिएंट में आता है। दूसरी ओर, Tata Punch भी अपने बेस मॉडल से ही 6 एयरबैग्स और ESC की सुरक्षा देती है। पंच में 'प्योर' (Pure) वेरिएंट से रियर डिफॉगर और 'एडवेंचर' (Adventure) वेरिएंट से रियर वाइपर/वाशर की सुविधा मिलती है।

Tata Punch vs Hyundai Exter: गीली सड़कों पर सेफ्टी, टायर और वॉटर वेडिंग क्षमता
बारिश से भीगी सड़कों पर टायरों की ग्रिप और सही लाइटिंग की भूमिका काफी अहम हो जाती है। टाटा पंच के टॉप वेरिएंट्स में 195/60 R16 के चौड़े टायर मिलते हैं, जबकि एक्स्ट्रा के टॉप मॉडल में 175/65 R15 टायर दिए गए हैं। पंच के चौड़े टायर सीधी सड़क पर ज्यादा बेहतर स्टेबिलिटी देते हैं। ग्राउंड क्लीयरेंस के मामले में भी पंच 193 मिमी के साथ आगे है, जबकि एक्स्ट्रा में 185 मिमी का क्लीयरेंस मिलता है। इसके अलावा टाटा का दावा है कि पंच 400 मिमी गहरे पानी में आसानी से निकल सकती है (वॉटर-वेडिंग क्षमता), जबकि एक्स्ट्रा के लिए ऐसा कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
Tata Punch vs Hyundai Exter: सेफ्टी रेटिंग, बूट स्पेस और वारंटी
क्रैश टेस्ट सेफ्टी में टाटा पंच (ICE) को भारत NCAP से 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली हुई है, जिसमें ESC और कर्टेन एयरबैग्स स्टैंडर्ड हैं। वहीं, हुंडई एक्स्ट्रा की फिलहाल भारत NCAP या ग्लोबल NCAP रेटिंग सामने नहीं आई है। रोजमर्रा के इस्तेमाल और सामान रखने (बूट स्पेस) की बात करें, तो एक्स्ट्रा में 391 लीटर (पेट्रोल) और 225 लीटर (CNG) का बूट स्पेस मिलता है। वहीं पंच में 366 लीटर (पेट्रोल) और 210 लीटर (iCNG) स्पेस दिया गया है। वारंटी के मामले में दोनों में अंतर है: एक्स्ट्रा पर 3 साल/अनलिमिटेड किलोमीटर और पंच पर 3 साल/1,00,000 किलोमीटर की वारंटी मिलती है।
रनिंग कॉस्ट: दिल्ली, लखनऊ और पटना में पेट्रोल vs CNG का प्रति किमी खर्च
आज ईंधन की कीमतों पर नजर डालें तो दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12/लीटर और सीएनजी ₹86.98/किग्रा है। लखनऊ में पेट्रोल ₹101.86/लीटर और सीएनजी ₹95.75/किग्रा है, जबकि पटना में पेट्रोल ₹113.37/लीटर और सीएनजी ₹93/किग्रा बिक रही है। ARAI आंकड़ों के मुताबिक, सीएनजी में एक्स्ट्रा 27.1 किमी/किग्रा और पंच 26.99 किमी/किग्रा का माइलेज देती है, जिससे अलग-अलग शहरों के हिसाब से रनिंग कॉस्ट करीब ₹3.2 से ₹3.6 प्रति किलोमीटर बैठती है। वहीं, ऑटोकार के सिटी पेट्रोल टेस्ट में एक्स्ट्रा MT का माइलेज लगभग 9.21 किमी/लीटर और पंच MT का 10.3 किमी/लीटर रहा, जिससे पेट्रोल पर प्रति किमी खर्च काफी बढ़ जाता है।
17 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक की कीमतों के अनुसार, दिल्ली में हुंडई एक्स्ट्रा की ऑन-रोड कीमत करीब ₹6.31 लाख और लखनऊ में ₹6.80 लाख से शुरू होती है। वहीं टाटा पंच की ऑन-रोड शुरुआत दिल्ली में लगभग ₹6.24 लाख और पटना में ₹6.93 लाख से होती है। टेस्ट ड्राइव की बुकिंग्स हुंडई के 'क्लिक-टू-बाय' और डीलरशिप पोर्टल पर चालू हैं। गाड़ियों की डिलीवरी का समय स्टॉक अलॉटमेंट पर निर्भर करता है, हालांकि कुछ ग्राहकों को 10 दिनों में भी डिलीवरी मिल रही है।
बारिश के इस मौसम में कार खरीदते वक्त इन बातों का खास ध्यान रखें: हमेशा ESC, रियर वाइपर/डिफॉगर और प्रोजेक्टर लैंप्स वाले वेरिएंट्स ही शॉर्टलिस्ट करें। जलभराव वाली जगहों पर कार की वॉटर-वेडिंग लिमिट का ध्यान रखें ताकि इंजन में पानी न घुसे (हाइड्रोस्टैटिक लॉक); क्योंकि बिना 'इंजन प्रोटेक्ट' कवर के इंजन मरम्मत का खर्च ₹80,000 से ₹2 लाख तक आ सकता है। गीली सड़कों पर ब्रेक लगाने के लिए पर्याप्त दूरी बनाकर रखें और टायरों की हालत ठीक रखें। गाड़ी फाइनल करते समय डीलर से अलॉटमेंट लेटर, पारदर्शी ऑन-रोड कोटेशन और प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन (PDI) स्लॉट की मांग जरूर करें।


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