बारिश में जलभराव का खतरा: टाटा नेक्सॉन या मारुति ब्रेजा, कौन सी SUV है आपके लिए सुरक्षित?
मौसम विभाग (IMD) ने 22 अक्टूबर के लिए केरल के दक्षिणी जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। इसके चलते आज कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में कार चलाने वालों को जलभराव का सामना करना पड़ सकता है। इससे पहले 21 अक्टूबर को चेन्नई में भारी बारिश और वॉटरलॉगिंग के कारण कई इलाकों में स्कूल बंद रहे। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक इस हफ्ते भी और बारिश हो सकती है। ऐसे में पानी भरे रास्तों पर निकलने के लिए सही कॉम्पैक्ट SUV चुनना बेहद अहम हो जाता है।
शहरों में जलभराव के दौरान गाड़ी का ग्राउंड क्लीयरेंस और टायरों की ग्रिप ही सबसे ज्यादा काम आती है। टाटा नेक्सॉन (Tata Nexon) में 208 मिमी का ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है, वहीं मारुति ब्रेजा (Maruti Brezza) का क्लीयरेंस 198 मिमी है। दोनों SUVs के अपर ट्रिम्स में 215/60 R16 साइज के टायर मिलते हैं, जो सड़क पर बेहतर संपर्क और ग्रिप देते हैं। वहीं, नेक्सॉन के लोअर ट्रिम्स में 195/60 R16 टायर दिए गए हैं। हालांकि, दोनों ही कंपनियों ने आधिकारिक तौर पर कार की वॉटर-वेडिंग डेप्थ (पानी में उतरने की क्षमता) का खुलासा नहीं किया है और यूजर मैनुअल में भी पानी का सही अंदाजा लगाकर सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

Tata Nexon vs Maruti Brezza: ट्रैक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स और विजिबिलिटी में कौन आगे?
कीचड़ और फिसलन भरी सड़कों पर सिर्फ टायर ही नहीं, कार के इलेक्ट्रॉनिक फीचर्स भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। दोनों ही SUVs में इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP) और हिल-होल्ड असिस्ट जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड (सभी वेरिएंट्स में) मिलते हैं, जो फिसलन भरी चढ़ाइयों पर काफी मददगार हैं। विजिबिलिटी की बात करें, तो नेक्सॉन में बाय-फंक्शन LED हेडलाइट्स दी गई हैं; वहीं ब्रेजा के लोअर ट्रिम्स में हैलोजन प्रोजेक्टर और अपर ट्रिम्स में डुअल LED प्रोजेक्टर मिलते हैं। दोनों कारों के मिड और टॉप ट्रिम्स में रियर डिफॉगर और फ्रंट फॉग लैंप्स भी दिए गए हैं।
| की-फीचर | टाटा नेक्सॉन | मारुति ब्रेजा |
|---|---|---|
| ग्राउंड क्लीयरेंस | 208 मिमी (बिना लोड के) | 198 मिमी (बिना लोड के) |
| कंपनी-फिटेड टायर साइज (अपर ट्रिम्स) | 215/60 R16 | 215/60 R16 |
| ESC, हिल‑होल्ड | स्टैंडर्ड | स्टैंडर्ड |
| हेडलाइट्स | बाय-फंक्शन LED | वेरिएंट के हिसाब से हैलोजन/LED प्रोजेक्टर |
| ऑफिशियल वेडिंग डेप्थ | जानकारी उपलब्ध नहीं | जानकारी उपलब्ध नहीं |
पानी भरे रास्तों पर कार के इंजन में पानी घुसने (हाइड्रोस्टैटिक लॉक) से एक छोटा सा गड्ढा भी आपको लाखों रुपये का झटका दे सकता है। कार की स्टैंडर्ड वारंटी में पानी घुसने से होने वाला नुकसान कवर नहीं होता। इसी वजह से मारुति अलग से 'कस्टमर कन्वीनियंस पैकेज' भी ऑफर करती है, ताकि हाइड्रोलॉक का कवर मिल सके। पेट्रोल SUV में हाइड्रोलॉक की मरम्मत का खर्च आमतौर पर ₹1.2 से ₹2.5 लाख तक आ जाता है। अगर कार पानी में बंद हो जाए, तो दोबारा स्टार्ट करने (क्रैंक करने) की गलती बिल्कुल न करें और तुरंत RSA को कॉल करें।
जलभराव वाले रास्तों पर कौन-सी कार पड़ेगी भारी?
पानी से लबालब सड़कों या खुले मैनहोल के पास नेक्सॉन का 10 मिमी ज्यादा क्लीयरेंस बेहद मददगार साबित हो सकता है। वहीं, मूसलाधार बारिश के बीच ब्रेजा के LED प्रोजेक्टर लैंप्स सड़क पर बेहतर विजिबिलिटी देते हैं। आज बारिश के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए ऐसे रास्तों से बचें जहां अंडरपास पढ़ते हों। अगर बारिश तेज है, तो शोरूम से कार डिलीवरी का समय री-कन्फर्म कर लें। केरल और तमिलनाडु दोनों ही राज्यों में दोनों ब्रांड्स की 24×7 RSA सर्विस चालू है।


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