1 सितंबर से टाटा की कारें होंगी महंगी, ₹25,000 तक बढ़ेगा दाम; खरीदने का आखिरी मौका!
टाटा मोटर्स 1 सितंबर से अपनी कारों और SUVs की कीमतें ₹25,000 तक बढ़ाने जा रही है। यह बढ़ोतरी पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक (EV), सभी तरह के मॉडल्स पर लागू होगी। कंपनी का कहना है कि इनपुट कॉस्ट (लागत) बढ़ने की वजह से यह फैसला लेना पड़ा है। अगर आप पुरानी कीमतों पर ही गाड़ी लॉक करना चाहते हैं, तो आपके पास यही हफ्ता आखिरी मौका है। 21 अगस्त को आई आधिकारिक खबर में इस बढ़ोतरी और तारीख पर मुहर लग चुकी है। ऐसे में मिडिल क्लास खरीदारों के पास पुरानी दरों का फायदा उठाने के लिए अभी थोड़ा वक्त बाकी है।
कंपनी के पूरे पोर्टफोलियो में यह बदलाव देखने को मिलेगा—फिर चाहे बात टियागो और अल्ट्रोज़ की हो या फिर हैरियर और सफारी जैसी बड़ी गाड़ियों की। टाटा का कहना है कि गाड़ियों के अलग-अलग मॉडल और वैरिएंट्स के हिसाब से दाम अलग-अलग बढ़ेंगे, जिसमें ईवी रेंज भी शामिल है। इससे पहले जुलाई में भी कीमतें बढ़ी थीं, जिससे साफ है कि इस साल कंपनियां बार-बार दाम रिवाइज कर रही हैं। हालांकि, लोकप्रिय ट्रिम्स और स्पेशल एडिशन मॉडल्स में कीमतों में भारी बढ़ोतरी की संभावना थोड़ी कम है।

Tata Motors Price Hike: ऑन-रोड कीमतें और मिलने वाले ऑफर्स
अगर मौजूदा ऑन-रोड कीमतों पर नजर डालें, तो आपको समझ आ जाएगा कि दांव पर क्या है। दिल्ली में नेक्सॉन की ऑन-रोड शुरुआती कीमत करीब ₹8.3 से ₹8.6 लाख, मुंबई में पंच करीब ₹6.6 से ₹6.9 लाख और बेंगलुरु में टियागो करीब ₹5.7 लाख से शुरू होती है। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि कई डीलरशिप्स पर 31 अगस्त तक स्पेशल डिस्काउंट दिए जा रहे हैं, जहां सिलेक्टेड मॉडल्स पर ₹3.5 लाख तक की छूट मिल रही है। इसलिए इसी हफ्ते इनवॉइस फाइनल करवाना समझदारी होगी।
अब बात करते हैं कार लोन और EMI पर पड़ने वाले असर की। बैंक अभी लगभग 8.7 से 11.3 फीसदी की दर से कार लोन ऑफर कर रहे हैं। इस ब्याज दर पर अगर आप 5 साल के लिए लोन लेते हैं, तो अतिरिक्त ₹25,000 के लोन पर आपकी EMI हर महीने लगभग ₹519 से ₹544 बढ़ जाएगी। उदाहरण के लिए, 10 फीसदी की ब्याज दर पर आपका लोन चाहे ₹8 लाख का हो या ₹18 लाख का, मंथली EMI में सीधे ₹531 की बढ़ोतरी तय है।
Tata Motors Price Hike: खरीदारों के लिए चेकलिस्ट और वेटिंग पीरियड
बढ़ी हुई कीमतों से खुद को बचाने के लिए डीलरशिप के लेटरहेड पर प्राइस-प्रोटेक्शन लेटर जरूर लें, जिसमें कार का VIN नंबर, वैरिएंट और 31 अगस्त की बिलिंग दर्ज हो। इंश्योरेंस लेने से पहले व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर (VIN) का एलोकेशन कन्फर्म करें और फिर RTO स्लॉट बुक करें। रिफंड से जुड़ी शर्तों को हमेशा ईमेल पर ले लें। गाड़ियों के वेटिंग पीरियड की बात करें तो नेक्सॉन पर अमूमन 3 से 4 हफ्ते का समय लग रहा है, जबकि टियागो ईवी और पंच ईवी के लिए 18 से 24 हफ्ते तक का इंतजार करना पड़ सकता है।
अगर आपका इरादा इलेक्ट्रिक वाहन (EV) लेने का है, तो टायरों के खर्च का बजट पहले से बनाकर चलें। भारी वजन और इंस्टेंट टॉर्क के कारण ईवी के टायर पेट्रोल गाड़ियों के मुकाबले 20 से 30 फीसदी तेजी से घिसते हैं—खासकर शहर के ट्रैफिक में। समय-समय पर टायर रोटेट करवाने पर भी ये 30,000 से 50,000 किलोमीटर के बीच बदलने पड़ जाते हैं। इसलिए, कीमत बढ़ने के बाद गाड़ी का कुल खर्च सही तरीके से आंकने के लिए टायरों का मेंटेनेंस बजट शामिल करना न भूलें।


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