मुंबई की बारिश में कार का इंजन हो सकता है खराब, सिर्फ ₹50 की EMI में पाएं सुरक्षा
मुंबई में भारी मानसूनी बारिश ने आज कई निचले इलाकों को जलमग्न कर दिया है। सड़कों पर भरे इस पानी की वजह से कई गाड़ियों के इंजन में 'हाइड्रोलॉक' (hydrolock) की समस्या आ रही है, जिससे इंजन बुरी तरह खराब हो सकता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि साधारण मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी में इंजन की इन महंगी मरम्मतों का खर्च कवर नहीं होता। ऐसे में अपनी कार को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए अब कार मालिकों को खास 'एड-ऑन कवर्स' (add-on covers) की जरूरत है।
अपनी पॉलिसी में 'इंजन प्रोटेक्ट' और 'कंज्यूमेबल्स' कवर जोड़ने से आपके सालाना प्रीमियम में मामूली बढ़ोतरी होती है। मारुति स्विफ्ट जैसी पॉपुलर कारों के लिए यह सुरक्षा हर महीने बहुत ही कम खर्च में मिल जाती है। बलेनो या पंच के मालिकों को भी इसके लिए बस थोड़ा सा एक्स्ट्रा पैसा देना होगा। मुंबई की भारी बारिश के दौरान यह छोटा सा निवेश आपको भविष्य में होने वाले लाखों के भारी-भरकम खर्च से बचा सकता है।

Swift, Baleno और Punch की EMI पर कितना पड़ेगा असर?
इंजन प्रोटेक्ट एड-ऑन की कीमत आमतौर पर गाड़ी की वैल्यू का 0.15% से 0.20% के बीच होती है। टाटा पंच (Tata Punch) के लिए इससे आपके सालाना प्रीमियम में करीब 2,500 रुपये जुड़ जाते हैं। अगर आपने 5 साल का लोन लिया है, तो इसका असर आपकी मासिक EMI पर सिर्फ 50 रुपये के आसपास पड़ेगा। इतनी छोटी सी रकम खर्च कर आप अपनी कार के सबसे जरूरी हिस्से यानी इंजन को बाढ़ के खतरे से सुरक्षित कर सकते हैं।
| कार मॉडल | एड-ऑन की सालाना लागत | EMI पर मासिक असर |
|---|---|---|
| Maruti Swift | ₹1,800 - ₹2,200 | ₹35 - ₹45 |
| Maruti Baleno | ₹2,000 - ₹2,400 | ₹40 - ₹50 |
| Tata Punch | ₹2,100 - ₹2,500 | ₹42 - ₹52 |
अगर पानी में फंसी कार को आप दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश करते हैं, तो इंश्योरेंस कंपनियां अक्सर क्लेम रिजेक्ट कर देती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि स्टार्ट करने की कोशिश में पानी इंजन के सिलेंडरों में गहराई तक चला जाता है। अगर आपकी कार पानी में बंद हो जाए, तो हमेशा प्रोफेशनल मदद का इंतजार करें। अच्छी बात यह है कि आप अपनी मौजूदा पॉलिसी के बीच में भी 'एंडोर्समेंट' प्रक्रिया के जरिए ये खास कवर्स जुड़वा सकते हैं।
सुरक्षित ड्राइविंग और इंजन प्रोटेक्ट के फायदे
ड्राइवर्स को सलाह दी जाती है कि वे आज ऐसे रास्तों से बचें जहां पानी का स्तर पहियों के बीच (wheel centers) से ऊपर हो। अगर आपको पानी से गुजरना ही पड़े, तो लोअर गियर में इंजन की रेस (revs) तेज रखें। पानी से बाहर निकलने के बाद ब्रेक को धीरे-धीरे दबाएं ताकि रोटर्स सूख जाएं। सही जानकारी और सही इंश्योरेंस के साथ आप मुंबई की बारिश में भी बेफिक्र होकर सफर कर सकते हैं।


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