ओला इलेक्ट्रिक का बड़ा धमाका: अब और सस्ते होंगे स्कूटर, जानें नई बैटरी का फायदा
ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) ने अपने नए 46100 LFP सेल के लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) सर्टिफिकेशन हासिल कर लिया है। भारत में बैटरी के लोकल प्रोडक्शन की दिशा में यह एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। इससे मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की मैन्युफैक्चरिंग लागत में भारी कमी आने की उम्मीद है। इस बदलाव के बाद हाई-क्वालिटी इलेक्ट्रिक गाड़ियां जल्द ही आम भारतीय खरीदारों के बजट में फिट हो सकेंगी।
लिथियम आयरन फॉस्फेट (LFP) केमिस्ट्री, निकल मैंगनीज कोबाल्ट (NMC) बैटरी के मुकाबले बेहतर थर्मल स्टेबिलिटी देती है। यही वजह है कि ये भारतीय गर्मियों और भारी मानसून के मौसम के लिए एकदम सटीक हैं। हालांकि NMC सेल्स में एनर्जी डेंसिटी ज्यादा होती है, लेकिन LFP सेल्स की लाइफ लंबी होती है। ये खराब होने से पहले कहीं ज्यादा चार्जिंग साइकल झेल सकते हैं। राइडर्स के लिए इसका सीधा मतलब है एक ऐसी भरोसेमंद बैटरी जो सालों-साल उनका साथ निभाएगी।

Ola 46100 LFP सेल और कीमतों पर इसका असर
जैसे ही ये लोकल सेल्स असेंबली लाइन्स तक पहुंचेंगे, बैटरी की लागत में 10 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। फिलहाल, एक लाख रुपये से कम के बजट में Ola S1 X और TVS iQube सबसे पॉपुलर चॉइस बने हुए हैं। इन स्कूटर्स पर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम (EMPS) का फायदा मिल रहा है, जो जुलाई 2026 तक वैलिड है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स की सलाह है कि सरकारी सब्सिडी खत्म होने से पहले खरीदारी करना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है।
| खूबी | LFP बैटरी | NMC बैटरी |
|---|---|---|
| सुरक्षा | हाई थर्मल स्टेबिलिटी | सामान्य स्टेबिलिटी |
| लाइफ साइकल | 2000 से ज्यादा साइकल | 800 से 1000 साइकल |
| लागत | कम लोकल कॉस्ट | ज्यादा इम्पोर्ट कॉस्ट |
₹1 लाख से कम में बेस्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर का चुनाव
दिल्ली और बेंगलुरु जैसे शहरों में लोकल टैक्स की वजह से ऑन-रोड कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं। मुंबई में डीलर्स फिलहाल ज्यादातर पॉपुलर मॉडल्स की डिलीवरी दो हफ्ते के भीतर दे रहे हैं। फाइनेंस स्कीम्स की बात करें तो 5 साल की अवधि के लिए मंथली इंस्टॉलमेंट (EMI) महज तीन हजार रुपये से शुरू हो रही है। अगर आपको तुरंत गाड़ी की जरूरत है, तो मौजूदा ऑफर्स आपके लिए 'वैल्यू फॉर मनी' साबित हो सकते हैं।
मानसून के दौरान इस बात का खास ख्याल रखें कि आपके स्कूटर का चार्जिंग पोर्ट हमेशा सूखा और साफ रहे। बैटरी केसिंग को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने के लिए गहरे पानी में जाने से बचें। BIS सर्टिफिकेशन इस बात की गारंटी है कि आने वाले समय में भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर ज्यादा मजबूत और सस्ते होंगे। हालांकि इंतजार करने से कुछ पैसे बच सकते हैं, लेकिन मौजूदा सब्सिडी विंडो का फायदा उठाना ही बचत का सबसे पक्का तरीका है।


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