निसान ग्रेविट की बढ़ी कीमतें: क्या अब भी रेनॉ ट्राइबर से बेहतर है यह MPV?
निसान ने अपनी कॉम्पैक्ट MPV 'ग्रेविट' (Gravite) की कीमतों में इजाफा कर दिया है, जिससे इस सेगमेंट में हलचल तेज हो गई है। अब निसान ग्रेविट और रेनॉ ट्राइबर (Renault Triber) के बीच कीमत का अंतर काफी कम रह गया है। ऐसे में, फैमिली कार या कमर्शियल इस्तेमाल के लिए गाड़ी ढूंढ रहे लोगों को अब अपने बजट पर फिर से गौर करना होगा। अगर आप भी नई MPV लेने की सोच रहे हैं, तो ऑन-रोड कीमत जरूर चेक कर लें, क्योंकि इस बढ़ोतरी के बाद मुकाबला और भी कड़ा हो गया है।
बजट में 7-सीटर गाड़ी चाहने वालों के लिए रेनॉ ट्राइबर आज भी एक भरोसेमंद और पुराना खिलाड़ी बनी हुई है। हालांकि, निसान की ओर से की गई इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर टॉप-स्पेक वेरिएंट्स पर पड़ा है। मुमकिन है कि अब कुछ खरीदार टॉप मॉडल के बजाय बेस वेरिएंट्स का रुख करें या फिर सीएनजी जैसे वैकल्पिक ईंधन वाले मॉडल्स में दिलचस्पी दिखाएं। अब गाड़ी खरीदते समय सिर्फ शोरूम प्राइस नहीं, बल्कि 'टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप' को समझना खरीदारों के लिए बेहद जरूरी हो गया है।

निसान ग्रेविट बनाम रेनॉ ट्राइबर: कीमतों की तुलना
| फीचर | निसान ग्रेविट | रेनॉ ट्राइबर |
|---|---|---|
| शुरुआती कीमत (एक्स-शोरूम) | Rs 6.49 Lakh | Rs 6.00 Lakh |
| टॉप मॉडल की कीमत (एक्स-शोरूम) | Rs 9.35 Lakh | Rs 8.97 Lakh |
| CNG का विकल्प | उपलब्ध है | उपलब्ध नहीं है |
| बूट स्पेस (तीसरी रो फोल्ड होने पर) | 610 Litres | 625 Litres |
भारतीय परिवारों के लिए कार में 'स्पेस' सबसे बड़ा फैक्टर होता है। रेनॉ ट्राइबर की खासियत इसकी मॉड्यूलर सीटें हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर निकाला भी जा सकता है, जिससे सामान रखने के लिए काफी ज्यादा जगह मिल जाती है। वहीं, निसान ग्रेविट का फोकस केबिन को ज्यादा मॉडर्न और प्रीमियम लुक देने पर है। दोनों ही कारों में सिटी ड्राइविंग के लिए 1.0-लीटर का इंजन मिलता है। हालांकि, ग्रेविट की नई कीमतों के बाद, बजट का ख्याल रखने वाले परिवारों को अब ट्राइबर ज्यादा किफायती लग सकती है।
बड़े शहरों में ज्यादा गाड़ी चलाने वालों के लिए फ्यूल एफिशिएंसी (माइलेज) सबसे ज्यादा मायने रखती है। यहां निसान ग्रेविट बाजी मार लेती है क्योंकि इसमें कंपनी-फिटेड CNG का विकल्प मिलता है। पेट्रोल के मुकाबले CNG वर्जन चलाने का खर्च काफी कम आता है। हालांकि CNG मॉडल की शुरुआती कीमत थोड़ी ज्यादा होती है, लेकिन महीने भर की बचत इसे वसूल कर देती है। यही वजह है कि फ्लीट ऑपरेटर्स (टैक्सी चलाने वाले) बढ़ते पेट्रोल के दामों से बचने के लिए इन वेरिएंट्स को ज्यादा पसंद करते हैं। गाड़ी चुनने से पहले अपनी रनिंग के हिसाब से बचत का हिसाब जरूर लगा लें।
इन दोनों में से कौन सी कार बेहतर है, यह पूरी तरह आपकी रोजाना की जरूरत पर निर्भर करता है। अगर आपको सीटों में फ्लेक्सिबिलिटी और लंबे समय का भरोसा चाहिए, तो रेनॉ ट्राइबर एक शानदार विकल्प है। दूसरी ओर, अगर आप लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और मॉडर्न फील के शौकीन हैं, तो कीमत बढ़ने के बावजूद निसान ग्रेविट आपको पसंद आएगी। मेट्रो शहरों में कमर्शियल इस्तेमाल के लिए ग्रेविट का फ्यूल ऑप्शन काफी आकर्षक है, जबकि फैमिली ट्रिप्स के लिए ट्राइबर का प्रैक्टिकल केबिन आज भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है।


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