दिवाली यात्रा: NHAI के नए 'बिना बैरियर' टोल नियम और कार सेफ्टी टिप्स, सफर से पहले ये जरूर चेक करें
दिवाली की छुट्टियों में घर निकलने वालों के लिए बड़ी खबर है। NHAI ने बिना बैरियर वाले टोल प्लाजा (Barrier-less Tolling) को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। अब नए हाईवे पर Multi-Lane Free Flow (MLFF) सिस्टम लागू होगा, यानी बिना बूम बैरियर के सीधे टोल कटेगा। इसके साथ ही नए हाईवे पर अधिकतम 8 लेन की ही लिमिट तय की गई है। हालांकि, टोल की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, सिर्फ ट्रैफिक की आवाजाही और नियमों को लागू करने का तरीका बदला है। इसलिए सफर पर निकलने से पहले अपना FASTag बैलेंस, नंबर प्लेट और हाईवे के साइनबोर्ड जरूर चेक कर लें।
आखिर देश में MLFF टोल सिस्टम कहां-कहां शुरू हो चुका है या इसका ट्रायल चल रहा है? भारत का पहला MLFF टोल इसी साल मई में NH-48 के सूरत-भरूच सेक्शन पर चोर्यासी (Chorayasi) में शुरू हुआ था। इसके बाद दिल्ली में UER-II पर मुंडका-बक्करवाला प्लाजा में इसे लागू किया गया। अब दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर और हरिद्वार स्पर् (Haridwar spur) समेत कई और प्लाजा के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। इस फेस्टिव सीजन में सफर करने वाले कई यात्रियों को यही नया अनुभव मिलने वाला है।

बिना बैरियर वाला टोल: MLFF लेन, स्पीड लिमिट, चालान और रसीद
MLFF जोन से गुजरते समय तय स्पीड लिमिट में ही चलें और लेन के निशानों का पालन करें। अगर आपका टैग रीड नहीं हो पाता या बैलेंस कम रहता है, तो 24 घंटे के अंदर इलेक्ट्रॉनिक नोटिस (e-notice) जारी हो जाएगा। इसे तुरंत भरें, क्योंकि नए नियमों के तहत टोल न चुकाने पर दोगुना चार्ज देना पड़ सकता है। आप NHAI के पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन अपनी रसीद और e-notice चेक कर सकते हैं।
MLFF के लिए तैयारी: FASTag, KYC/KYV और साफ नंबर प्लेट
कारों के लिए नए FASTag जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए 1 फरवरी 2026 से 'नो योर व्हीकल' (KYV) प्रक्रिया को खत्म कर दिया गया है। फिर भी, अपने टैग में पर्याप्त बैलेंस रखें, इसे सही गाड़ी नंबर से लिंक रखें और विंडशील्ड पर ऊपर की तरफ सही जगह लगाएं। कैमरे (ANPR) से सटीक टोल कटने के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) का साफ और बिना रुकावट के दिखना बेहद जरूरी है। सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स के नियम 50 के तहत भी यह कानूनी रूप से अनिवार्य है।
MLFF और टोल बिल: कोई नया चार्ज नहीं, सिर्फ चलने का बदला अंदाज
टोल की दरें नेशनल हाईवेज फीस रूल्स, 2008 के तहत ही रहेंगी; MLFF की वजह से कोई अतिरिक्त सरचार्ज नहीं जोड़ा गया है। सही ट्रांजैक्शन होने पर टोल की रकम हमेशा की तरह आपके FASTag से ही कटेगी। अगर पेमेंट फेल होता है, तो IHMCL की समय-सीमा के अनुसार आपको e-notice भेजा जाएगा। सफर के दौरान किसी भी विवाद से बचने के लिए पेमेंट का प्रूफ संभाल कर रखें।
फैमिली कार चेकलिस्ट: क्रूज कंट्रोल, ESC, TPMS और टायर की लाइफ
लंबे सफर के दौरान क्रूज कंट्रोल का इस्तेमाल समझदारी से करें, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) ऑन रखें और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) के अलर्ट पर नजर बनाए रखें। कानूनी रूप से टायरों में कम से कम 1.6 mm ग्रिप (थ्रेड) होना जरूरी है, लेकिन इसे खत्म होने से पहले ही बदल लेना बेहतर है। अपोलो टायर्स सलाह देता है कि ग्रिप 2.3 mm के पास पहुंचते ही टायर बदल लें और हर 8,000–10,000 किमी पर टायरों को रोटेट कराते रहें। गाड़ी चाहे कम भी चली हो, 5 साल पुराने टायरों की हर साल किसी एक्सपर्ट से जांच जरूर कराएं।


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