1 अक्टूबर से इलेक्ट्रिक कारों में नया नियम: टाटा-एमजी खरीदार सावधान, डिलीवरी से पहले ये जरूर चेक करें

भारत में 1 अक्टूबर 2026 से नए टाइप-अप्रूव्ड इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों के लिए अकोस्टिक व्हीकल अलर्टिंग सिस्टम (AVAS) नियम लागू हो जाएगा। वहीं, बाजार में पहले से मौजूद मॉडल्स को इसके लिए 1 अक्टूबर 2027 तक का समय दिया गया है। यह आदेश AIS-173 की आवाज से जुड़ी गाइडलाइंस पर आधारित है और फिलहाल 'M' व 'N' कैटेगरी की गाड़ियों पर लागू होता है, जिनमें टाटा टियागो.ईवी (Tiago.ev), पंच.ईवी (Punch.ev) और एमजी कॉमेट (MG Comet) जैसी कारें शामिल हैं। सरकारी नोटिफिकेशन में साफ कहा गया है, "1 अक्टूबर 2026 और उसके बाद से... वाहनों में AVAS लगा होना अनिवार्य होगा।"

जो ग्राहक इस हफ्ते टियागो.ईवी, पंच.ईवी या कॉमेट खरीद रहे हैं, उनकी डिलीवरी पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि ये पहले से मौजूद मॉडल्स हैं, न कि नए टाइप-अप्रूव्ड। अगर कार कंपनियां तुरंत कीमतें बढ़ाती हैं, तो यह उनका अपना फैसला होगा, न कि किसी सरकारी नियम का दबाव। गाड़ी बुक कराते वक्त लिखित में 'प्राइस प्रोटेक्शन' (कीमत न बढ़ने की गारंटी) जरूर मांगें। टाटा पहले भी ऐसा ऑफर दे चुकी है, और कुछ डीलर्स बिना AVAS नियम के भी अक्टूबर में कीमतें बदलने का संकेत दे रहे हैं। इसलिए बुकिंग फॉर्म पर इसकी पुष्टि जरूर कर लें।

New AVAS Rule for Electric Cars in India from October 2026: Impact on Tata and MG EV Buyers Explained

1 अक्टूबर का AVAS नियम: क्या बदलेगा और कैसे काम करेगा यह सिस्टम?

AVAS कार के बाहर एक खास अलर्ट साउंड निकालता है, जो 20 किमी/घंटा से कम रफ्तार पर और रिवर्स करते समय एक्टिव होता है। इसका मकसद पैदल चलने वालों और दृष्टिबाधित लोगों को शांत इलेक्ट्रिक कारों की आहट देना है। AIS-173 मानकों के तहत 10 और 20 किमी/घंटा की स्पीड पर इसकी आवाज की जांच की जाती है। इसकी आवाज न्यूनतम 56 dB(A) और अधिकतम 75 dB(A) तय की गई है। ARAI समेत भारतीय टेस्टिंग लैब्स पहले से ही इसकी जांच कर रही हैं, जिससे अप्रूवल प्रोसेस (homologation) में कोई रुकावट नहीं आएगी।

Tiago.ev, Punch.ev और MG Comet: पुरानी कारों में रेट्रोफिटिंग का सच

टाटा के नए ईवी प्लेटफॉर्म और यूजर मैनुअल में इन-बिल्ट AVAS कंट्रोल्स की जानकारी मिलती है, जिससे साफ है कि उनका प्लेटफॉर्म इसके लिए तैयार है। पंच.ईवी में भी यही आर्किटेक्चर है, हालांकि मॉडल-ईयर के हिसाब से इसमें बदलाव हो सकता है। वहीं एमजी कॉमेट के ब्रोशर में AVAS का अलग से जिक्र नहीं है, इसलिए डिलीवरी लेते समय डीलरशिप पर इसका डेमो जरूर मांगें। अलग से (Retrofit) AVAS लगाने के लिए प्रॉपर वायरिंग, स्पीकर और होमोलोगेशन अप्रूवल की जरूरत होती है। इसलिए पार्ट्स की उपलब्धता, वारंटी और इनवॉइस पर AVAS लिखे होने की पुष्टि करें। ध्यान रखें, आमतौर पर आपकी RC पर इसका अलग से जिक्र नहीं होता।

ईवी खरीदार इस हफ्ते क्या करें: कीमत, PDI, टायर और इंश्योरेंस टिप्स

प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन (PDI) के दौरान डीलर से AVAS का डेमो देने को कहें। गाड़ी को 10-20 किमी/घंटा की रफ्तार पर चलाकर और रिवर्स करके देखें और इसका वीडियो रिकॉर्ड कर लें। लिखित में प्राइस प्रोटेक्शन लें और अगर AVAS लगा है तो इनवॉइस पर इसे दर्ज कराएं। इलेक्ट्रिक कारों के टायर आम पेट्रोल-डीजल कारों की तुलना में 5 से 20 फीसदी जल्दी घिसते हैं, इसलिए जीरो-डेप (Zero-Depreciation) और रिटर्न-टू-इनवॉइस (RTI) कवर के साथ टायर ऐड-ऑन लेना समझदारी होगी। एमजी कॉमेट के छोटे 145/70 R12 टायर जेब पर भारी नहीं पड़ते, लेकिन स्थानीय डीलर के पास इनका स्टॉक जरूर चेक कर लें। साथ ही अपनी डिजिटल आरसी हमेशा तैयार रखें।

Article Published On: Tuesday, September 29, 2026, 15:44 [IST]
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