मुंबई में रेड अलर्ट: जलभराव में कार बंद हो जाए तो भूलकर भी न करें ये गलती, वरना इंजन हो जाएगा बर्बाद

मुंबई में इस बुधवार को भारी मानसूनी बारिश के कारण रेड अलर्ट जारी किया गया और घाटकोपर में लैंडस्लाइड (भूस्खलन) की घटना भी सामने आई। शहर के मुख्य रास्तों पर पानी भर जाने से कार मालिकों के लिए गाड़ी निकालना बेहद मुश्किल हो गया है। ट्रैफिक को संभालने के लिए प्रशासन ने निचले इलाकों में जलभराव वाले रास्तों को डायवर्ट कर दिया है। अगर आप भी आज गाड़ी लेकर बाहर निकल रहे हैं, तो अपनी कार को भारी-भरकम नुकसान से बचाने के लिए तुरंत ये तैयारियां कर लें।

गहरे पानी के बीच गाड़ी चलाने से 'हाइड्रोस्टेटिक-लॉक' (hydrostatic-lock) का खतरा बहुत बढ़ जाता है। ऐसा तब होता है जब इंजन के कंबशन सिलेंडर में हवा की जगह पानी घुस जाता है। अगर पानी में आपकी कार बंद हो जाए, तो उसे दोबारा स्टार्ट करने की गलती बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे इंजन के अंदरूनी पार्ट्स तुरंत बर्बाद हो सकते हैं। गाड़ी बंद होने पर इंजन को ऑफ ही रखें और तुरंत रोडसाइड असिस्टेंस (RSA) को कॉल करें.

Mumbai Monsoon Car Safety: How to Protect Your Vehicle from Waterlogging and Hydrostatic Lock in 2026

मुंबई में आज रेड अलर्ट: सुरक्षित रास्ते और पार्किंग के स्मार्ट टिप्स

सायन, दादर और कुर्ला जैसे निचले इलाकों में आज भारी जलभराव हो गया है। ऐसे में सड़क किनारे गाड़ी पार्क करना काफी खतरनाक हो सकता है, इसलिए अपनी कार को किसी ऊंचाई वाली जगह पर ही खड़ी करें। आप पास के किसी मल्टी-लेवल शॉपिंग मॉल या ऊंचाई पर बने कमर्शियल ऑफिस कॉम्प्लेक्स की पार्किंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। सुरक्षित रास्तों की जानकारी के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के ताजा ट्रैफिक अपडेट्स पर नजर जरूर रखें।

कार मालिकों के लिए इंश्योरेंस क्लेम और टोइंग से जुड़े जरूरी टिप्स

भारी बाढ़ के दौरान टोइंग (गाड़ी खींचने) के रेट आसमान छूने लगते हैं, इसलिए ऑथराइज्ड RSA प्लान होना बेहद जरूरी है। लोकल क्रेन वाले अक्सर इस दौरान 5,000 से 10,000 रुपये तक वसूल लेते हैं। इसके अलावा, अपनी कार इंश्योरेंस पॉलिसी में 'इंजन प्रोटेक्शन' और 'रिटर्न टू इनवॉइस' (RTI) जैसे ऐड-ऑन जरूर शामिल रखें। अगर गाड़ी पानी में डूब गई है, तो उसकी साफ तस्वीरें खींच लें, इससे इंश्योरेंस क्लेम मिलने में आसानी होगी।

खर्चों का सही अंदाजा होने पर आप बजट के अंदर अपनी गाड़ी को सुरक्षित बचा सकते हैं। जलभराव वाली सड़कों पर गाड़ी चलाने से टायर की लाइफ भी कम हो जाती है, क्योंकि पानी के नीचे छिपे गड्ढे टायरों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। नीचे दी गई तालिका में खर्चों और टायरों की लाइफ पर पड़ने वाले असर को समझें:

कारक सामान्य स्थिति जलभराव की स्थिति
फ्लैटबेड टोइंग चार्ज RSA के जरिए फ्री ₹5,000 से ₹10,000
टायर की औसत लाइफ 45,000 किमी 25,000 किमी

आने वाले इंडिपेंडेंस-वीक (स्वतंत्रता दिवस सप्ताह) सेल में पुरानी कारों (Pre-owned cars) पर कई शानदार डील्स मिलने वाली हैं। लेकिन सावधान रहें, कुछ सेलर्स बाढ़ में खराब हुई गाड़ियों को भी चमकाकर बेचने की कोशिश कर सकते हैं। गाड़ी खरीदते समय उसके कारपेट पर गीलापन, सीलन की बदबू और सीट के नीचे लगे लोहे के ब्रैकेट में जंग जरूर चेक करें। अगर गाड़ी के नीचे का हिस्सा (underbody) जरूरत से ज्यादा साफ या नया धुला हुआ दिखे, तो ऐसी गाड़ी खरीदने से बचें।

मुंबई की इस भारी बारिश में सड़कों पर गाड़ी निकालना बड़ी चुनौती है, इसलिए पूरी सावधानी और प्लानिंग के साथ ही बाहर निकलें। इमरजेंसी नंबर्स को हमेशा एक्टिव रखें और गाड़ी पार्क करने के लिए ऊंचाई वाली जगहों का ही चुनाव करें। इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर आप अपनी पसंदीदा कार को पूरी तरह सुरक्षित रख सकते हैं।

Article Published On: Wednesday, August 12, 2026, 15:05 [IST]
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