मारुति की नई Wagon R Flex-Fuel: क्या पेट्रोल-CNG छोड़कर इसका इंतजार करना है फायदे का सौदा?
मारुति सुजुकी ने आधिकारिक तौर पर अपनी Wagon R Flex-Fuel को पेश कर दिया है, जो मिडिल क्लास परिवारों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। यह मॉडल E20 से लेकर E85 तक के इथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण (ब्लेंड) पर चलता है। कंपनी का दावा है कि इससे न केवल ईंधन का खर्च कम होगा, बल्कि प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी। अब खरीदारों के सामने बड़ी उलझन यह है कि वे मौजूदा पेट्रोल मॉडल चुनें या इस आने वाले नए विकल्प का इंतजार करें।
पेट्रोल के मुकाबले इथेनॉल काफी सस्ता है, जिससे हर महीने आपके हजारों रुपये बच सकते हैं। हालांकि, इथेनॉल में एनर्जी कम होती है, जिसकी वजह से प्रति लीटर माइलेज थोड़ा कम मिलता है। यानी ईंधन तो सस्ता होगा, लेकिन आपको पेट्रोल पंप के चक्कर ज्यादा लगाने पड़ सकते हैं। अब आपको तय करना है कि कार की शुरुआती ज्यादा कीमत और रोज होने वाली बचत में से आपके लिए क्या बेहतर है।

Maruti Wagon R Flex-Fuel का आर्थिक गणित
फिलहाल भारत में E85 फ्यूल ढूंढना एक बड़ी चुनौती है क्योंकि इसका नेटवर्क अभी शुरुआती दौर में है। आज के समय में ज्यादातर पंपों पर केवल E10 या E20 ब्लेंड ही मिलता है। इस लिहाज से फ्लेक्स-फ्यूल वैगन आर फिलहाल भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया एक फैसला लगता है। अगर आप किसी ऐसे इलाके में रहते हैं जहां इथेनॉल आसानी से उपलब्ध है, तो इसके फायदे आपको तुरंत मिलने लगेंगे।
| फीचर्स | रेगुलर वैगन आर | फ्लेक्स-फ्यूल वैगन आर |
|---|---|---|
| फ्यूल का प्रकार | पेट्रोल (E10/E20) | इथेनॉल (E20 से E85) |
| अनुमानित कीमत | 5.5 से 7.3 लाख | 5.8 to 7.6 लाख |
| रनिंग कॉस्ट | सामान्य | बचत की संभावना |
अभी खरीदें या Wagon R Flex-Fuel का इंतजार करें?
जो मिडिल क्लास खरीदार तुरंत बचत चाहते हैं, उनके लिए फिलहाल CNG मॉडल्स ज्यादा बेहतर हो सकते हैं। Tata Tiago iCNG और Maruti Celerio जैसे मॉडल आज के समय में कम रनिंग कॉस्ट के लिए भरोसेमंद विकल्प हैं। अगर आपको इसी जून में कार लेनी है, तो मौजूदा पेट्रोल मॉडल्स पर मिल रहे डिस्काउंट उन्हें काफी किफायती बनाते हैं। फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी बेशक शानदार है, लेकिन इसके फ्यूलिंग नेटवर्क को तैयार होने में अभी और समय चाहिए।
फ्लेक्स-फ्यूल कारों का मेंटेनेंस लगभग सामान्य गाड़ियों जैसा ही होता है, बस इनके फ्यूल सिस्टम में कुछ खास पार्ट्स की जरूरत पड़ती है। भारी इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) के विपरीत, इनके टायरों की लाइफ भी पेट्रोल कारों जितनी ही रहती है। अगर आप पर्यावरण को नुकसान कम पहुंचाना चाहते हैं, तो इस कार का इंतजार करना आपके लिए सही रहेगा। हालांकि, बजट को प्राथमिकता देने वाले ज्यादातर परिवारों के लिए फिलहाल पेट्रोल या CNG विकल्प ही सबसे सुरक्षित दांव हैं।


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