मारुति की कारें होंगी महंगी: अगस्त से पहले बुक करें और बचाएं ₹30,000, जानें बेस्ट डील्स
मारुति सुजुकी ने हाल ही में अपनी सभी कारों की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया है, जो अगस्त की शुरुआत से लागू हो जाएंगी। अगर आप मिडिल क्लास फैमिली से हैं और नई कार खरीदने का मन बना रहे हैं, तो ₹30,000 तक की संभावित बढ़ोतरी से बचने के लिए आपको तुरंत फैसला लेना चाहिए। 15 लाख रुपये से कम कीमत वाले पॉपुलर मॉडल्स पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा, इसलिए नई बुकिंग के लिए यह हफ्ता बेहद अहम है। फिलहाल डीलर्स ग्राहकों को 'प्राइस प्रोटेक्शन' पॉलिसी के बारे में जानकारी दे रहे हैं ताकि शुरुआती खरीदारों पर बढ़ी हुई कीमतों का बोझ न पड़े।
एक्स-शोरूम कीमतें बढ़ने से मंथली बजट बिगड़ने के डर से लोग शोरूम की तरफ दौड़ रहे हैं। आज ही कार फाइनल करने का फायदा यह है कि आप बेहतर शर्तों पर मोलभाव कर सकते हैं और भविष्य में बढ़ने वाले लोन के खर्च से भी बच सकते हैं। नई कीमतें लागू होने से पहले मौजूदा स्टॉक का फायदा उठाना एक समझदारी भरा फैसला होगा। अच्छी बात यह है कि कई टॉप-सेलिंग कारें अपने खास कलर्स और ट्रिम्स में तुरंत डिलीवरी के लिए उपलब्ध हैं।

मारुति की बढ़ती कीमतें और आपके लिए बेस्ट कार ऑप्शंस
बजट का ख्याल रखने वाले भारतीय परिवारों के लिए स्विफ्ट VXi और बलेनो ज़ेटा आज भी सबसे पसंदीदा विकल्प बने हुए हैं। वहीं, ब्रेज़ा VXi और फ्रोंक्स डेल्टा जैसे मॉडल्स भी अपने शानदार फीचर्स के चलते डिमांड में हैं। इन वेरिएंट्स को अभी बुक करके आप अगले महीने के मुकाबले हजारों रुपये की बचत कर सकते हैं। तुरंत रजिस्ट्रेशन और डिलीवरी के लिए ग्राहकों को अपने नजदीकी शोरूम में स्टॉक की स्थिति जरूर चेक करनी चाहिए।
| शहर | बुकिंग टोकन अमाउंट | औसत वेटिंग पीरियड |
|---|---|---|
| Delhi NCR | ₹11,000 | 2-4 हफ्ते |
| Mumbai | ₹21,000 | 3-5 हफ्ते |
| Bengaluru | ₹11,000 | 4-6 हफ्ते |
कीमतें बढ़ने से पहले ऐसे करें स्मार्ट बुकिंग
आज के समय में बुकिंग करते वक्त हर खरीदार को 'प्राइस-प्रोटेक्शन एग्रीमेंट' की लिखित मांग जरूर करनी चाहिए। यह दस्तावेज सुनिश्चित करता है कि कार की डिलीवरी अगस्त में होने पर भी आपको पुरानी कीमत ही चुकानी पड़े। इसके अलावा, डीलर से एक ऑल-इंक्लूसिव प्रोफॉर्मा इनवॉइस मांगें जिसमें व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर (VIN) की टाइमलाइन दी गई हो। मार्केट रेट में उतार-चढ़ाव से पहले फाइनेंस प्री-अप्रूवल लेने से आपकी खरीदारी की प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी।
कीमतों के साथ-साथ कार के लॉन्ग-टर्म मेंटेनेंस, जैसे बैटरी और टायर की कंडीशन पर भी गौर करें। भारतीय सड़कों और ड्राइविंग हालातों में फैक्ट्री-फिटेड टायर आमतौर पर 40,000 से 50,000 किलोमीटर तक चलते हैं। इन बारीकियों को ध्यान में रखकर आप कार के कुल खर्च (Total Cost of Ownership) को बेहतर तरीके से मैनेज कर पाएंगे। कीमतों में होने वाले बदलाव से एक कदम आगे रहने के लिए इसी हफ्ते अपनी पसंदीदा कार सुरक्षित करें।


Click it and Unblock the Notifications