मानसून में पहाड़ों की चढ़ाई: महिंद्रा थार या मारुति जिम्नी, कौन सी 4x4 गाड़ी है सबसे सुरक्षित?
आज शनिवार, 11 जुलाई को भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। नैनीताल और देहरादून जैसे पहाड़ी जिलों में इस वक्त भारी बारिश और लैंडस्लाइड का कहर देखने को मिल रहा है। ऐसे में पहाड़ों के जोखिम भरे रास्तों पर सुरक्षित सफर के लिए लोग महिंद्रा थार 4x4 और मारुति जिम्नी अल्फा जैसे विकल्पों की तुलना कर रहे हैं। मानसून के इस मौसम में इन गाड़ियों का लो-रेंज गियरिंग सिस्टम खतरनाक पहाड़ी दर्रों को पार करने के लिए बेहद जरूरी साबित होता है।
हरिद्वार की सड़कों पर आज के हालात में हाई ग्राउंड क्लीयरेंस और मजबूत मैकेनिकल ग्रिप वाली गाड़ियों की सख्त जरूरत है। महिंद्रा थार में 226mm का ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है, जो पत्थरों से गाड़ी के निचले हिस्से को होने वाले नुकसान से बचाता है। वहीं, मारुति जिम्नी अपने हल्के फ्रेम की वजह से संकरे रास्तों पर काफी फुर्तीली रहती है। भारी बारिश के बीच खड़ी चढ़ाई चढ़ने के लिए दोनों ही गाड़ियों में लो-रेंज 4x4 ट्रांसफर केस दिया गया है।

थार 4x4 और मारुति जिम्नी के सेफ्टी फीचर्स
हिमालय की गीली सड़कों पर इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) जैसे सेफ्टी फीचर्स अब बेहद जरूरी हो गए हैं। ढलान वाले फिसलन भरे रास्तों पर सुरक्षित उतरने के लिए दोनों गाड़ियों में हिल डिसेंट कंट्रोल (HDC) की सुविधा मिलती है। इसके अलावा, भारी बारिश में बेहतर विजिबिलिटी और ग्रिप के लिए हाई-प्रोफाइल टायर और रियर वाइपर भी काफी अहम हैं। ये फीचर्स गाड़ी को फिसलने से बचाते हैं, खासकर तब जब स्थानीय प्रशासन ने पहाड़ों की गैर-जरूरी यात्रा न करने की सलाह दी है।
| फीचर | महिंद्रा थार 4x4 | मारुति जिम्नी 4x4 |
|---|---|---|
| पानी में चलने की क्षमता (वॉटर वेडिंग डेप्थ) | 650 mm | 310 mm |
| व्हील हब की ऊंचाई | ज्यादा ऊंची | कम ऊंची |
| टायर प्रोफाइल | चौड़े और ऊंचे | पतले और ऊंचे |
उत्तराखंड मानसून: ड्राइविंग और इंश्योरेंस से जुड़ी जरूरी बातें
ड्राइवरों को गहरे पानी में गाड़ी ले जाने से बचना चाहिए ताकि इंजन 'हाइड्रोलॉक' न हो जाए, क्योंकि स्टैंडर्ड इंश्योरेंस में अक्सर इसका कवर नहीं मिलता। अगर पानी पहियों के हब से ऊपर है, तो उसे पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। इंजन का अचानक बंद होना या सफेद धुआं निकलना पानी घुसने के साफ संकेत हैं। इन 4x4 ऑफ-रोडर्स में इस तरह के नुकसान को ठीक कराने का खर्च दो लाख रुपये से ज्यादा हो सकता है। इसलिए अपनी पॉलिसी में 'इंजन प्रोटेक्शन कवर' जरूर शामिल करवाएं।
देहरादून के डीलर्स के पास इस समय जिम्नी जेटा (काइनेटिक येलो) का रेडी स्टॉक उपलब्ध है। वहीं, हरिद्वार के शोरूम्स में इस वीकेंड थार डीजल मैनुअल की तुरंत डिलीवरी ली जा सकती है। ऑरेंज अलर्ट के दौरान अचानक होने वाले लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए रात में ड्राइविंग करने से बचें। कुमाऊं या गढ़वाल क्षेत्र में अपनी यात्रा शुरू करने से पहले रास्तों के ताजा हालात की जानकारी जरूर लें।


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