जीएसटी काउंसिल बैठक: क्या 7-सीटर कारें होंगी महंगी? 8 अक्टूबर को होगा बड़ा फैसला
नई दिल्ली के भारत मंडपम में कल यानी 8 अक्टूबर को सुबह 11 बजे जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक होने जा रही है। ऐसे में बड़ी फैमिली कार खरीदने का प्लान बना रहे लोगों के मन में सवाल है कि क्या 7 और 8-सीटर गाड़ियों के दाम बदलेंगे? हालांकि, शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार ऑटो सेक्टर के लिए टैक्स दरों में बदलाव के आसार कम ही हैं। इसके बावजूद मीटिंग का यह समय काफी मायने रखता है, क्योंकि टैक्स नियमों में जरा सा भी अचानक बदलाव गाड़ियों की इनवॉइसिंग और डिलीवरी पर सीधा असर डाल सकता है।
जीएसटी व्यवस्था के तहत, छोटे इंजन वाली 4 मीटर तक की कारों पर 18 फीसदी टैक्स लगता है। वहीं, 4 मीटर से लंबी या 1500 cc से अधिक क्षमता वाले इंजन वाली मिड और बड़ी कारों पर 40 फीसदी की दर से टैक्स वसूला जाता है। यूटिलिटी व्हीकल्स (UV) भी तीन शर्तें पूरी करने पर 40 फीसदी टैक्स स्लैब में आते हैं— इसके लिए गाड़ी का इंजन 1500 cc से बड़ा, लंबाई 4 मीटर से अधिक और ग्राउंड क्लीयरेंस 170 mm या उससे ज्यादा होना चाहिए। हालांकि, 10 या उससे ज्यादा लोगों की बैठने की क्षमता वाली गाड़ियों पर टैक्स की दर 18 फीसदी ही रखी गई है।

जीएसटी काउंसिल का एजेंडा और 7-8 सीटर MPV/SUV की कीमतें
कल होने वाली इस बैठक के एजेंडे में आखिर क्या शामिल है? जीएसटी काउंसिल ने अभी तक आधिकारिक लिस्ट जारी नहीं की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक का मुख्य ध्यान टैक्स दरों में फेरबदल के बजाय एनफोर्समेंट, प्रॉसिक्यूशन सुधारों और कीमती धातुओं के आयात से जुड़े नियमों में बदलाव पर रहेगा। इसके बावजूद, अगर टैक्स दरों में 0.5 से 2 फीसदी तक का मामूली अंतर भी आता है, तो दिल्ली में गाड़ियों की शुरुआती ऑन-रोड कीमत पर इसका क्या असर पड़ेगा? आइए, ऑटोकार इंडिया की सितंबर के आखिरी हफ्ते की लिस्टिंग के आधार पर चार लोकप्रिय 7-सीटर कारों के गणित को समझते हैं:
| मॉडल | दिल्ली ऑन‑रोड कीमत (शुरुआती) | +0.5% | +1.0% | +1.5% | +2.0% |
|---|---|---|---|---|---|
| मारुति अर्टिगा | ₹9.93 लाख | ₹4,965 | ₹9,930 | ₹14,895 | ₹19,860 |
| टोयोटा रूमियन | ₹10.92 लाख | ₹5,460 | ₹10,920 | ₹16,380 | ₹21,840 |
| किआ कारेंस | ₹12.79 लाख | ₹6,395 | ₹12,790 | ₹19,185 | ₹25,580 |
| रेनॉ ट्राइबर | ₹6.31 लाख | ₹3,155 | ₹6,310 | ₹9,465 | ₹12,620 |
जीएसटी काउंसिल बैठक: क्या ₹15 लाख से कम की MPV/SUV अभी बुक करें या 24–48 घंटे का इंतजार करें?
क्या आप इस नवरात्रि में ही कार की डिलीवरी चाहते हैं? अगर हां, तो अपनी गाड़ी का अलॉटमेंट तुरंत सुरक्षित करें और बिलिंग होने तक के लिए डीलर से लिखित में 'प्राइस प्रोटेक्शन' मांगें। अगर डिलीवरी की तारीखों में ढील दी जा सकती है, तो 24 घंटे का इंतजार करना समझदारी भरा फैसला होगा। वैसे तो कल टैक्स दरों में बदलाव का कोई ठोस संकेत नहीं है, लेकिन काउंसिल के सरप्राइज फैसलों से इंकार भी नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, स्क्रैपेज पॉलिसी पर छूट से लेकर रोड-टैक्स स्लैब तक के राज्य सरकारों के नियम भी रजिस्ट्रेशन के दौरान ऑन-रोड कीमतों पर असर डालते हैं।
भारत में किफायती 3-रो (तीन-पंक्ति वाली) कारें पसंद करने वाले ग्राहकों के लिए कल की बैठक मुख्य रूप से नियमों के पालन पर केंद्रित रहने वाली है, न कि कीमतों में बड़ा फेरबदल करने वाली। ₹15 लाख से कम बजट वाली ज्यादातर 7-सीटर गाड़ियों में 1.5 लीटर से कम क्षमता का इंजन आता है, जिसकी वजह से वे यूटिलिटी व्हीकल की तीनों शर्तों वाली श्रेणी से बाहर रहती हैं। इसलिए जब तक अंतिम समय में कोई नई खबर सामने नहीं आती, खरीदार टैक्स की चिंता छोड़कर कार अलॉटमेंट, डीलरशिप ऑफर्स और डिलीवरी टाइमिंग को प्राथमिकता दे सकते हैं। 8 अक्टूबर को फैसला आते ही हम सबसे पहले आपको अपडेट देंगे।


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